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NEET Full Form in Hindi | नीट का फुल फॉर्म क्या है?

NEET Full Form in Hindi | नीट का फुल फॉर्म क्या है?

दोस्तों यहाँ हम NEET Full Form in Hindi के बारे में जानेंगे | नीट का फुल फॉर्म NATIONAL ELIGIBILITY ENTRANCE TEST है | हिंदी में इसे राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा के नाम से जाना जाता है | चिकित्सा स्नातक के पाठ्यक्रमों-एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) में प्रवेश प्राप्त करने के लिए छात्रों द्वारा दी जाने वाली प्रवेश परीक्षा को “नीट परीक्षा” के नाम से जाना जाता है, इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद अभ्यर्थी अपनी इच्छा अनुसार संस्थान में प्रवेश प्राप्त कर सकते है | परीक्षा के उपरांत प्राप्त अंको की मेरिट लिस्ट जारी की जाती है, कॉउंसलिंग में संस्थान का आवंटन प्राप्त अंकों के आधार पर ही किया जाता है |

भारतीय नागरिकों के अलावा इस परीक्षा को एनआरआई, ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया, पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन और विदेशी नागरिक भी दे सकते हैं। ये सभी 15 फीसदी अखिल भारतीय कोटे के लिए योग्य होंगे। नीट के आधार पर ही राज्य के मेडिकल कॉलेजों में 15 फीसदी कोटे पर दाखिला होता है।

इस परीक्षा को देने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 17 वर्ष एवं अधिकतम आयु 25 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को इसमें 5 वर्ष की छूट दी जाएगी। सभी उम्मीदवार को नीट देने के लिए अधिकतम तीन मौके दिए जाएंगे।

NEET Full Form in Hindi | NEET Exam Eligibility | नीट परीक्षा की योग्यता

दोस्तों अब तक हम NEET Full Form in Hindi के बारे में जान चुके है ,अब हम जानेंगे की नीट परीक्षा के लिए क्या योग्यता क्या है | नीट परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थी को फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री, बॉयोलॉजी विषय में इंटरमीडियट पचास प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है |

आयु सीमा (Age)

नीट प्रवेश परीक्षा

में सम्मिलित होने के लिए अभयर्थी की आयु न्यूनतम 17 वर्ष तथा अधिकतम 25 वर्ष के मध्य होनी चाहिए

नीट एग्जाम पैटर्न (Exam Pattern)

नीट प्रवेश परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्नों को पूछा जाता है, इसमें कुल 180 प्रश्न होते है, बॉटनी से 45 प्रश्न, फिजिक्स से 45 प्रश्न, केमिस्ट्री से 45 प्रश्न और जूलॉजी से 45 पूछे जाते है | प्रत्येक सही उत्तर के लिए चार अंक प्रदान किये जाते है, तथा गलत उत्तर देने पर एक अंक काट लिया जाता है | इस परीक्षा की समय अवधि तीन घंटे होती है |

NEET Full form in Hindi | Question Paper Language | NEET प्रश्नपत्र की भाषा

  • नीट-२०१८ में हिंदी और क्षेत्रीय भाषा वाले छात्रों को सीबीएसई दो भाषाओं में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराएगा। केवल अंग्रेजी वाले छात्रों को एक ही भाषा में प्रश्न पत्र मिलेगा। बोर्ड पहले ही साफ कर चुका है कि सभी भाषाओं में छात्रों को समान प्रश्न दिए जाएंगे। नीट-२०१८ का आयोजन 11 भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, उड़िया, तमिल व तेलुगु) में होगा।
  • आवेदन पत्र भरते हुए अगर कोई छात्र अंग्रेजी माध्यम चुनेगा तो उसे केवल अंग्रेजी में ही प्रश्न पत्र मिलेगा। किन्तु हिंदी या दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं का माध्यम चुनने वाले छात्रों को उस भाषा के प्रश्नपत्र के साथ ही अंग्रेजी में भी पेपर मिलेगा। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि अगर संबंधित भाषा में कोई गलत प्रिंटिंग होती है तो अंग्रेजी का सवाल ही सही माना जाएगा। उसके आधार पर ही मूल्यांकन किया जाएगा।

NEET Full form in Hindi | नीट के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें

देश की नई सरकार ने भारत में चिकित्सा स्नातक के पाठ्यक्रमों-एमबीबीएस, बीडीएस में प्रवेश पाने के लिए एक अर्हक परीक्षा (क्वालीफाईंग एंट्रेस एक्जाम) परीक्षा पास करने वाले छात्रों को उनके अर्जित अंकों के आधार पर

चाहे गए शिक्षा संस्थानों में प्रवेश का कानून बनाया है। यह परीक्षा इसके पहले 'एआईपीएमटी' (ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट) कहलाती थी और इसकी परीक्षा ‍देशभर में एक साथ होती थी और इसके परिणाम के आधार पर सभी केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मेडिकल संस्थानों में छात्रों को प्रवेश दिया जाता था।
  • एआईपीएमटी अखिल भारतीय स्तर होती थी और राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पीएमटी (प्री-मेडिकलटेस्ट) होती थी। इन दोनों परीक्षाओं के आधार पर देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें भरी जाती थीं।
  • पूर्व में यह परीक्षा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा संचालित होती थी। लेकिन वर्ष 2016 की परीक्षाओं के लिए केन्द्र सरकार ने नीट (एनईईटी) परीक्षा आयोजित कराने का फैसला किया। इस परीक्षा से निजी मेडिकल कॉलेजों को तकलीफ हुई और उन्होंने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
  • सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों यह फैसला सुनाया था कि 1 मई को नीट (NEET) का पहला चरण आयोजित किया जा चुका है। परीक्षा का दूसरा चरण 24 जुलाई को होगा। केंद्र सरकार, राज्यों और विद्यार्थियों ने नीट को रोकने की मांग की थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से मना कर दिया था और कहा था कि इसे मात्र एक वर्ष के लिए टाला जा रहा है। अगले वर्ष से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की परीक्षाएं नीट से ही होंगी।
  • इस परीक्षा को लेकर छात्रों का कहना था कि जिन परीक्षार्थियों की परीक्षा पहले हुई उन्हें तैयारी करने के लिए कम समय मिला। पर जिन परीक्षार्थियों को दूसरे चरण में परीक्षा देनी होगी उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए अधिक समय मिलेगा, जबकि सभी छात्रों को समानता से मौका मिलना चाहिए था।
  • बहुत से छात्र ऐसे हैं जो कि नीट के अलावा राज्य की प्रवेश परीक्षा या अन्य परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं। इस कारण से उन्हें नीट
    और कॉमन एडमिशन टेस्ट (सीईटी) की भी तैयारी करनी पड़ेगी और इन परीक्षाओं का पाठ्‍यक्रम भी अलग-अलग है। छात्रों की मुसीबतों को देखते हुए कई राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। इनके अलावा जिन राज्यों में नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाने हैं, उन्होंने भी इन्हें चलाने से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति हिमाचल प्रदेश की है।
  • अगले वर्ष से नीट शुरू हो जाने के कारण छात्रों की काफी समस्याएं सुलझ जाएंगी और इससे छात्रों का ही भला होगा। छात्रों को अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर परीक्षा नहीं देनी होगी, लेकिन फिलहाल ऐसे छात्र परेशान हैं जो कि उदाहरण के लिए, उप्र की सीपीएमटी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन नीट के कारण उन्हें सीबीएसई का कोर्स भी पढ़ना होगा।
  • केंद्र और कई राज्य तर्क दे रहे हैं कि छात्रों को NEET के लिए समान समय मिलना चाहिए। वे अलग अलग राज्यों के लिए स्थानीय भाषाओं में भी NEET की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को ठुकरा दिया है और राष्ट्रपति द्वारा नीट के अध्यादेश पर हस्ताक्षर भी किए जा चुके हैं। इसलिए NEET परीक्षा का दूसरा चरण 24 जुलाई को होगा। फिलहाल इस व्यवस्था से छात्रों को तकलीफें हो सकती हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट की पहल पर नीट कानून बन जाने से प्राइवेट कॉलेजों की मनमानी रुकेगी और वहीं लाखों छात्रों का हित भी होगा।
  • केंद्र सरकार और तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश ने एतराज जताया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर अपील की सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में बदलाव करे। राज्यों और प्राइवेट कॉलेजों को इस साल के लिए MBBS और BDS की प्रवेश परीक्षा लेने की इजाजत दी जाए। सरकार ने अपील की थी कि एक मई को होने वाली परीक्षा रद्द करके सिर्फ 24 जुलाई को ही परीक्षा कराई जाए।
  • अभी तक देश में मेडिकल
    कोर्स में दाखिले के लिए अलग-अलग 90 परीक्षाएं होती थीं। CBSE बोर्ड AIPMT के नाम से परीक्षा करवाता था। जबकि हर राज्य की अलग अलग मेडिकल प्रवेश परीक्षा होती थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर देश के 600 निजी मेडिकल कॉलेजों पर भी पड़ेगा जो कि पैसे लेकर मेडीकल सीटें बेचने के लिए कुख्यात रहे हैं, लेकिन नीट के प्रभावी होने से सभी किस्म के भेदभाव और सीटों की खरीद-फरोख्त से छुटकारा मिलेगा।
  • इस साल राज्य सरकारों को नीट से बाहर रखा गया है, लेकिन निजी कॉलेजों की सीटें नीट के जरिए ही भरी जाएंगी। 24 जुलाई को होने वाले नीट के दूसरे चरण की परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही होगी। केवल इस साल के लिए छात्रों के पास यह अधिकार होगा कि या तो वे राज्य सरकारों की ओर से आयोजित होने वाली परीक्षा में बैठें या नीट में।

दोस्तों, जैसा की अब आपको पता चल गया है नीट की फुल फॉर्म के बारे में ( NEET Full Form in Hindi ), अब जानते है।