नई शिक्षा नीति 2022 | कक्षा कक्ष में शिक्षक द्वारा सामान्य गतिविधियों का आयोजन

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देश मे नई शिक्षा नीति 20220 पर अब कार्यारम्भ हो चुका है। शिक्षा नीति 2022 में प्रमुख तौर पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण करवाने की बात कही गई है। इनमें बाल केंद्रित शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुभव जन्य कार्यो इत्यादि को प्राथमिकता दी गई है। आइये, हम एक छोटे से प्रयोग द्वारा शिक्षण को परिवेश से जोड़ने का प्रयास करेंगे।

NEP 2022| शिक्षा को परिवेश से कैसे जोड़े?

शिक्षा जगत में NEP 2020 से सम्बंधित मुद्दे अब शिक्षण व्यवस्था में परिलक्षित होने लग रहे है। राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर परिचर्चा होने लगी है। नई शिक्षा नीति पर चर्चा से पूर्व यह समझ लेना पड़ेगा कि आजादी के बाद मोटे तौर पर यह तीसरी शिक्षा नीति है। समय बदला है, परिवेश बदला है तो हमको नजरिया बदलना होगा।

आइये, सतही तौर पर बात करे तो सबसे पहले हमको शिक्षा नीति में प्रमुखता से कहे जा रहे बिंदुओं की बात करनी होगी। नई नीति में कहा गया है कि शिक्षण कार्य को विद्यार्थियों के परिवेश से सम्बंधित किया जाए।

परिवेश से आशय हमारे चारों तरफ के वातावरण में उपलब्ध संसाधनों से हमारे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सम्बन्ध से है। एक छोटी सी बात से अपनी बात कहना चाहता हूं।

जीवन की पहली आवश्यक वस्तु है भोजन। भोजन में सबसे पहले जिक्र होता है दाल-रोटी का। हमारे विद्यार्थी , विशेषकर शहरी परिवेश से सम्बंधित विद्यार्थियों के साथ अगर इंटरेक्शन किया जाए तो यह आश्चर्यजनक होगा कि उच्च प्राथमिक स्तर तक विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार की दाल को पहचान लिया जाए।

आम जीवन में हम मूंग, मोठ, अरहर, चना, उड़द , राजमा इत्यादि दालों का प्रयोग किया जाता है। अगर हम इन सबके सैम्पल क्लास में रखे तो उच्च प्राथमिक स्तर तक (शहरी परिवेश) के बहुत कम विद्यार्थियों द्वारा सभी दालों को पहचाना जा सकेगा।

आइये, हम एक छोटी सी सहशैक्षिक गतिविधि करके विद्यार्थियों को परिवेश से जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस गतिविधि हेतु शिक्षक को निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता रहेगी। यह सामग्री उसे सहजता से बिना किसी मूल्य के उपलब्ध हो सकती है।

विषय- सामाजिक ज्ञान , कक्षा स्तर उच्च प्राथमिक।

सामग्री- मसालेदानी अथवा छोटे- छोटे प्लास्टिक के पारदर्शी 5-6 डब्बे व विभिन्न प्रकार की दाल।

क्रियाविधि- शिक्षक सामाजिक ज्ञान अथवा पर्यावरण की कक्षा में उपरोक्त सामग्री के आधार पर प्लास्टिक के छोटे- छोटे डिब्बो में विभिन्न प्रकार की दाल डालकर कक्षाकक्ष में लेकर जाये।

निर्देश-

शिक्षक विद्यार्थियों को निर्देशित करे कि सभी विद्यार्थियों द्वारा अपनी कक्षा कार्य अभ्यास पुस्तिका में अथवा एक सफेद कागज पर ( नाम, कक्षा, दिनाक, कालांश अंकित करें) उसके सामने आने वाली दाल का नाम हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा मे लिखेगा।

प्रक्रिया-

शिक्षक अपने अनुसार गतिविधि का संचालन कर सकता है। इस प्रक्रिया को अनेक प्रकार से रोचक बनाया जा सकता है। सभी विद्यार्थियों को कक्षा में केंद्रित रखने तथा उनका इन्वॉल्वमेंट बनाये रखने में शिक्षक अपने पूर्व ज्ञान व स्किल का अलग- अलग प्रयोग कर सकेंगे।

परिणाम

शिक्षक द्वारा इस क्रिया के माध्यम से अनेक प्रकार के परिणाम प्राप्त किये जा सकते है। यथा-

  • विद्यार्थियों को अपने किचन व अपने टिफन के प्रति यानी परिवेश के प्रति कितनी जानकारी है।
  • विद्यार्थियों की दाल के अंग्रेजी व हिंदी भाषा मे नाम की जानकारी का स्तर व वर्तनी सुधार की कितनी आवश्यकता है।
  • शिक्षक इस परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों की रुचि का आकलन कर सकेगा।

शिक्षक प्राप्त जानकारी के आधार पर अपने निष्कर्ष अध्यापक दैनिक योजना में अभिलिखित करके तदनुसार कक्षा में शिक्षण योजना व अन्य सम्बन्धित योजनाओ का निर्माण कर सकेगा।

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