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| On 2 years ago

New Zealand Shooting: Citizens are expected to review Weapon policy in many countries including New Zealand.

न्यूजीलैंड समेत अनेक राष्ट्रों में नागरिकों के पास हथियार नीति की समीक्षा अपेक्षित।

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में एक नागरिक द्वारा बंदूक से हमला करके 50 नागरिकों की हत्या एवम इतने ही लोगों को घायल कर देने की घटना ने एक तरफ आम नागरिक सकते में है वही दूसरी तरफ इस प्रकार के हथियारों पर एक आम आदमी की पहुँच पर प्रश्न उठ रहे है।

न्यूजीलैंड की सरकार ने संकेत दिए है कि आने वाले समय में देश की "बंदूक नीति" पर पुनर्विचार किया जाएगा। सरकार के इन विचारों को अन्य पार्टियों ने भी समर्थन दिया है। एक

व्यक्ति को इन हानिकारक हथियारों से दूर रखना भी एक आवश्यक कदम प्रतीत हो रहा हैं।

अलग-अलग देशों में एक आम नागरिक द्वारा इन हथियारों के प्रयोग हेतु अलग-अलग लाइसेंस नीति है। भारत जैसे राष्ट्र में "शस्त्र लाइसेंस" की प्रक्रिया बहुत जटिल है जबकि अनेक राष्ट्रों में यह शस्त्र तुलनात्मक रूप से बेहद आसानी से प्राप्त किये जा सकते है!

भारत में केंद्र व राज्य की आर्म्स लाइसेंस नीति में ना केवल फीस दर बढ़ा दी गई है साथ ही प्रक्रिया को भी जटिल रखा गया है जिसके चलते एक आम नागरिक में आर्म रखने की भावना हतोत्साहित होती है। आइये, एक नजर अन्य राष्ट्रों की इस क्रम में नीतियों को देखते है-

सम्पूर्ण विश्व में एक आम नागरिक हेतु शस्त्र कानून को दो श्रेणियों में विभक्त करके देखा जा सकता है।
1. अनुमोदक। Permissive.
2. प्रतिबंधात्मक। Restrictive.

अनुमोदक नीति वाले देशों में आग्नेयास्त्र इत्यादि एक आम नागरिक को तुलनात्मक रूप से आसानी से हासिल हो जाते है। इस प्रकार की नीति वाले देशों में प्रमुख देश - अलबिनिया, ऑस्ट्रिया, चाड, काँगो, हांडूरस, माइक्रोनेशिया, नामीबिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस, सेनेगल, साउथ अफ्रीका, तंजानिया, यमन व अमेरिका इत्यादि है।

इनके विपरीत प्रतिबंधात्मक देशों में हथियार प्राप्त करने व उनको

पास रखने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने में बहुत समय लगता है। ऐसे देशों में सम्मिलित प्रमुख देश जैसे कनाडा, चेक गणराज्य प्रमुख हैं।

स्माल आर्म सर्वे 2017 के आंकड़े जो कि अनुमानित हैं। इन आंकड़ों को देख कर कहा जा सकता है कि अमेरिका में प्रत्येक 100 निजी व्यक्तियों के पास हथियारों की सँख्या 120 के लगभग है। इनमें रजिस्टर्ड व अनरजिस्टर्ड दोनों प्रकार के हथियार सम्मिलित है। अमेरिका के बाद फाकलैंड, सर्बिया, उरुग्वे, न्यूजीलैंड, स्वीडन व पाकिस्तान के नागरिकों के पास हथियार पाए जाते है। इसके विपरीत इंडोनेशिया, स्वीडन, सिंगापुर, ताइवान व जापान जैसे देश के नागरिकों के पास बहुत कम तादाद में हथियार हैं।

अलग-अलग देशों में हथियार प्राप्त करने की प्रक्रिया है जिसमें मोटे तौर पर हथियार संचालन कोर्स, करेक्टर सर्टिफिकेशन, टेस्ट, नागरिकता प्रमाणन, स्टोरेज, नियम पालन हेतु शपथपत्र इत्यादि सबमिट करना होता है। एक बार लाइसेंस मिलने के बाद ही लाइसेंस धारक हथियार खरीद सकता हैं।

न्यूजीलैंड में हुई निंदनीय दुर्घटना के पश्चात न्यूजीलैंड के साथ ही गन कानून को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ रही है एवम यह आवश्यकता महसूस हो रही है कि इनकी समीक्षा की जाए ताकि एक आदमी के पास हथियार नही रहे।