Categories: Dharma

शनि दशा के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव को करें ये प्रसाद (Make These Offerings to Lord Shiva to Ease Impact of Shani Dasha In Hindi)

यदि आप इस दिन भगवान शिव की पूजा करते हैं तो शनि दशा के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। इसके अलावा, सावन के दौरान भगवान शिव से प्रार्थना करने से आपकी प्रार्थना और भी शुभ और फलदायी हो जाएगी।

श्रावण या सावन का शुभ महीना समाप्त होने वाला है। पूरे देश में महीने भर चलने वाले इस त्योहार को पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

इस दौरान, भक्त भगवान शिव और देवी पार्वती के मंदिरों में उनका आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। सुबह से ही, विभिन्न मंदिरों में भारी भीड़ देखी जा सकती है और भक्त भगवान (शिवलिंग), बेल पत्र, दूध, फूल आदि को जल (जल) या गंगा जल चढ़ाते हैं।

सावन का तीसरा शनिवार (Third Saturday of Sawan In Hindi) :

हिंदू धर्म में यह माना जाता है कि शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है, जो न्याय के देवता हैं लेकिन शनि किसी के जीवन में अशुभ भी ला सकते हैं। हालाँकि, शनि दशा के नकारात्मक प्रभावों से बचा या कम किया जा सकता है यदि आप सावन महीने के तीसरे शनिवार को भगवान शिव की पूजा करते हैं और विश्वनाथ को कुछ प्रसाद देते हैं। इसके अलावा, सावन के दौरान भगवान शिव से प्रार्थना करने से आपकी प्रार्थना और भी शुभ और फलदायी हो जाएगी।

शनिवार (Saturday) का दिन शनि देव (Shani Dev) को अर्पित है. वह न्‍याय करने वाले देवता हैं और क्रूर ग्रह भी हैं क्‍योंकि उनकी अशुभ दृष्टि से

जिंदगी में संकटों का पहाड़ टूट पड़ता है. धर्म और ज्‍योतिष के मुताबिक शनि का अशुभ असर (Shani Negative Impact) कम करने के लिए शनि ग्रह से संबंधित उपाय तो करना ही चाहिए, साथ ही शिव जी (Shiv Ji) की आराधना भी करनी चाहिए. भगवान शिव की अराधना करने से शनि दोष दूर होते हैं. चूंकि अभी सावन का महीना चल रहा है, ऐसे में शिव जी की आराधना करने से विशेष लाभ होता है. आज सावन (Sawan) के तीसरे शनिवार पर जानते हैं कि इस दिन शिव जी की कृपा पाने के लिए क्‍या करना चाहिए.

कुंडली में शनिदोष का होना जीवन में कई परेशानियों को आमंत्रित करता है। ऐसी स्थिति में जातक भगवान शिव जी को प्रसन्न कर इस दोष से मुक्ति प्राप्त सकता है। अगर आप भी शनि के दुष्प्रभाव से ग्रषित हैं, तो आपके लिए आज का दिन यानी सोमवार का तीसरा शनिवार कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है। आज के दिन अगर आप भगवान शिव और शनिदेव जी की आराधना करते हैं तो आप इस दोष से मुक्ति पा सकते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि का अशुभ असर कम करने के लिए शनि ग्रह से संबंधित उपाय तो करना ही चाहिए। साथ ही शिव जी की आराधना भी करनी चाहिए। सावन शनिवार के दिन अगर आप भगवान शिव जी की आराधना करते हैं तो इससे शनि दोष से मुक्ति मिलती है। चलिए जानते हैं कि शिवजी की कृपा पाने के लिए क्या-क्या प्रयास करें।

तीसरे शनिवार पर अर्पित करें ये चीजें (Offer These Things on the Third Saturday In Hindi) :

शनि दोषों से निजात पाने के लिए सावन महीने के तीसरे शनिवार को शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें चढ़ाएं. इससे शिव जी प्रसन्‍न होंगे और शनि दोषों से राहत मिलेगी. शनिवार को शिवलिंग पर केवल जल चढ़ाने से ही बहुत लाभ होता है. यदि संभव हो तो शिव जी को दूध, दही में चीनी, केसर, देसी घी मिलाकर अर्पित करें. पंचामृत और केसर से शिवलिंग का अभिषेक करने के बाद उन्‍हें चंदन लगाएं. इसके बाद उन्‍हें इत्र चढ़ाएं. भगवान को शहद भी अर्पित कर सकते हैं, शिव जी को यह बहुत प्रिय है. इसके अलावा शिव जी को भांग चढ़ाने से भी वह बहुत प्रसन्‍न होते हैं

हिन्दू धर्म में सावन माह को बेहद ही खास माना गया है। ऐसे में अगर आप शनि दोष से मुक्ति पाना चाहते हैं तो यह माह इस उपाय के लिए भी बेहद उपयुक्त है। आज सावन माह का तीसरा शनिवार है, और शनि दोषों से निजात पाने के लिए सावन महीने के तीसरे शनिवार को शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें चढ़ाएं। ऐसा करने से भगवान शिव आपसे प्रसन्न होंगे और शनिदोष से राहत मिलेगी। अगर आप सावन माह के शनिवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं तो इससे भी बेहद लाभ होता है। इसके बाद आप शिव जी को दूध, दही में चीनी, केसर, देसी घी मिलाकर अर्पित करें। पंचामृत और केसर से शिवलिंग का अभिषेक करने के बाद उन्हें चंदन लगाएं। इसके बाद उन्हें

इत्र चढ़ाएं। हो सके तो आप भगवान को शहद भी अर्पित करें क्योंकि शिवजी को शहद अति प्रिय होता है। अंत में आप भगवान शिव को भांग चढ़ाना बिलकुल न भूलें।

शाम को यह काम करें (Do it in the Evening In Hindi) :

शिव‍ जी को यह चीजें अर्पित करने के बाद शाम को शिव चालीसा पढ़ें. इस दिन गलती से भी नॉनवेज-शराब का सेवन न करें. संभव हो तो किसी जरूरतमंद को दान-दक्षिणा दें. इस दिन शनि मंदिर में जाकर दीपक भी जलाएं, यदि शनि का बुरा प्रकोप हो तो कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को कटोरी सहित मंदिर में रख आएं. इस तरह छाया दान करने से शनि के प्रकोप से बहुत राहत मिलती है.

छाया दान करें (Donate Shade In Hindi) :

ऊपर दी गई पूजा आप सुबह ही स्नान करने के बाद करें। इसके बाद शाम को शिव चालीसा का पाठ करें। इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप मांसाहारी हैं तो कोशिश ये करें कि सावन के माह में इन सब चीजों से दूर रहें एवं मदिरा का भी सेवन करने से बचें। तीसरे शनिवार के दिन शाम के समय किसी जरूरतमंद को दान देना न भूलें इस दान में आप उसकी जरूरत की चीजें दे सकते हैं। इस दिन शनि मंदिर में जाकर दीप प्रज्वलित करना न भूलें। अगर शनिदेव जी का आप पर बेहद ही बुरा प्रकोप चल रहा है तो एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा

देखें और फिर उस तेल को कटोरी सहित मंदिर में रख आएं। इस तरह छाया दान करने से शनि के प्रकोप से आप मुक्त हो सकते हैं।

शनि दशा के प्रभाव को कम कर सकते हैं भगवान शिव को ये प्रसाद (These Offerings to Lord Shiva can Lessen the Impact of Shani Dasha In Hindi) :

ऐसा माना जाता है कि भक्तों को शिवलिंग पर चीनी, केसर, देसी घी मिलाकर पानी, दूध या दही चढ़ाना चाहिए। इन प्रसाद को चढ़ाने के बाद, कोई भी धार्मिक शिव मूर्ति पर चंदन लगा सकता है। कोई भी भगवान शिव को शहद चढ़ा सकता है क्योंकि वह इसके शौकीन माने जाते हैं।

शिव को प्रसाद चढ़ाने के बाद शाम को प्रार्थना के रूप में शिव चालीसा का पाठ करना न भूलें। खान-पान का ध्यान रखें और मांसाहारी भोजन व शराब से परहेज करें। यदि आप किसी जरूरतमंद, निराश्रित व्यक्ति से मिलते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप उन्हें कुछ रुपये, कपड़े, पानी या भोजन दान करें। अंत में, आप पर शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए, आप किसी शनि मंदिर में जा सकते हैं और वहां दीपक जला सकते हैं।