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Osian, Jodhpur: Osian Temple, Tourism, Pilgrimage Attraction.

Osian, Jodhpur: Osian Temple, Tourism, Pilgrimage Attraction.

ओसियां: सच्चियाय माता का मंदिर, राजस्थान का खुजराहों।

भारत के प्रमुख राज्य राजस्थान के दूसरे बड़े जिले जोधपुर में ओसियाँ ग्राम के मंदिर एवं स्थापत्य कला सम्पूर्ण विश्व में मशहूर है। जोधपुर से 60 किलोमीटर दूर ओसियाँ ग्राम ओसियाँ तहसील व ब्लॉक का मुख्यालय है। थार मरुस्थल का यह हिस्सा " सच्चियाय माताजी के ऐतिहासिक मंदिर" के अलावा अनेक प्राचीन मंदिरों की अनुपम स्थापत्य कला के कारण अब अंतरराष्ट्रीय टूरिज़्म का केंद्र बन कर उभर रहा है।

प्राचीन मारवाड़ की आस्था के केंद्र ओसियाँ में माताजी के मंदिर, जैन मंदिर व अन्य मंदिरों का निर्माण 8 वी से 11वी सदी

के मध्य हुआ था। मोहम्मद गौरी द्वारा 1195 ई. में यहां हमला किया गया था एवम यहाँ के मंदिरों व अन्य महत्वपूर्ण कला केंद्रों को नष्ट कर दिया था।

ओसियाँ जोधपुर से रेल व बस दोनो मार्गो से जुड़ा हुआ है। स्थानीय बस आगार से हर समय बस उपलब्ध रहती है एवम टैक्सी सुविधा भी उपलब्ध है। जोधपुर से टैक्सी लेकर आप 5 घण्टे में प्रमुख स्थानों के दर्शन कर वापस लौट सकते है। ओसियाँ- जोधपुर मार्ग में मनोरम व ऐतिहासिक पर्यटन केंद्र " मण्डोर " है।

सचियाय/ सच्चियाय माता का मंदिर-

परमार राजा उपेंद्र ने अपनी कुलदेवी के इस महान व ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण 10वी सदी में करवाया था। "ओसियाँ माताजी" के नाम से इस विश्वप्रसिद्ध मंदिर में सभी जातियों के श्रद्धालु आते है।

इस मंदिर में स्थापत्य की दृष्टि से अत्यंत मनोरम मूर्तियों व पेंटिंग्स का दर्शन किया जा सकता है। यहाँ हरिहर, कृष्ण भगवान, वासुदेव जी , बलराम जी की मूर्तियां दर्शनीय है। मंदिर ऊँचाई पर स्थित है एवम दर्शन हेतु लगभग 140 सीढिया चढ़नी पड़ती है।

मन्दिर परिसर में आप पुरातन समय के माहौल का अनुभव कर सकते है एवं यहां की ऐतिहासिक महत्व की स्थापत्य कला के बारे में विस्तार से जान सकेंगे। मन्दिर प्रशासन द्वारा आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु अनेक प्रयास किये है। मन्दिर परिसर में निर्मित विश्राम गृह सभी प्रकार से सुसज्जित हैं।

ओसियां मंदिर में अलसुबह से दर्शन हेतु भक्तों का आना आरम्भ हो जाता है। नवरात्रि के अवसर पर यहाँ बड़ी संख्या में लोग दर्शनार्थ आते है। मंदिर से ओसियां ग्राम का विहंगम दृश्य देखना अपने आप मे एक बेहद सुखकारी अनुभव है।

ओसियाँ में सच्चियाय माताजी के अलावा काली माताजी , जैन व हरिहर मंदिर विशेष रूप से दर्शनीय है। ओसियाँ में अनेक स्थानों पर छोटे छोटे मंदिरों के भग्नावशेष देखे जा सकते है। राज्य के द्वारा इनके सरंक्षण का प्रयास किया जा रहा है परंतु इस अनमोल ऐतिहासिक विरासत की पुनर्स्थापना एवम सरंक्षण हेतु विशेष प्रयासों की आवश्यकता है।

ओसियाँ में पर्यटकों की सुविधार्थ विभिन्न सराय व होटल संचालित हैओसियाँ जाने वाले पर्यटकों में मंदिर दर्शन के पश्चात यहाँ के प्रसिद्ध दाल के बड़े व सूखी सब्जियों की खरीददारी की प्रवृत्ति देखी जाती है। स्थानीय होटल्स व टूरिज़्म गाइड्स की मदद से केमल राईड व ओसियाँ के विश्वप्रसिद्ध रेत के धोरों में "केम्प फायर" का आनंद भी लिया जा सकता है।

आप सभी से निवेदन है कि नही केवल ओसियां अपितु सम्पूर्ण भारत के हर गांव-कस्बे में उपलब्ध पुरातन धरोहरों की रक्षार्थ हर नागरिक जागरूक हो ताकि हमारी महान सनातन परंपरा का निर्वहन सम्भव हो सके।

सादर।

सुरेंद्र सिंह चौहान।

9351515139