Palanhaar Yojana : Eligibility, requird Documents and apply process

पालनहार योजना : पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, अनुदान राशी व आवेदन प्रक्रिया।

पालनहार योजना

पालनहार योजना क्या है?

पालनहार योजना का उद्देश्य अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था संस्थागत नहीं की जाकर समाज के भीतर ही बच्चे के निकटतम रिश्तेदार/परिचित व्यक्ति के परिवार में करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को पालनहार बनाकर राज्य की ओर से आर्थिक सहायता देना है।

इस प्रकार राज्य सरकार द्वारा संचालित पालनहार  योजना सम्पूर्ण भारतवर्ष में अनूठी व अनुकरणीय है।

पात्र बालक/बालिका की श्रेणी:-

1. अनाथ बच्चे
2. मृत्यु दण्ड/आजीवन कारावास के बच्चे प्राप्त
माता/पिता |
3. निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा माता के तीन बच्चे
4. पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे
5. एच.आई.वी./एड्स पीड़ित माता/पिता के बच्चे
6. कुष्ठ रोग से पीड़ित माता/पिता के बच्चे
7. नाता जाने वाली माता के तीन बच्चे
৪. विशेष योग्यजन माता/पिता के बच्चे
9. तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला के बच्चे

श्रेणीवार आवश्यक दस्तावेज:-

1. माता-पिता के मृत्यु प्रमाण-पत्र की प्रति
2. दण्डादेश की प्रति
3. विधवा पेंशन भुगतान आदेश (पी.पी.ओ.) नंबर
4. पुनर्विवाह के प्रमाण पत्र की प्रति
5. ए.आर.टी. सेन्टर द्वारा जारी ए.आर.डी. डायरी/ ग्रीन कार्ड की प्रति
6. सक्षम बोर्ड द्वारा जारी किये गये चिकित्सा प्रमाण पत्र की प्रति
7. नाता गये हुए एक वर्ष से अधिक समय होने का प्रमाण पत्र
(संलग्न-परिशिष्ट-"स")
8. 40 प्रतिशत या अधिक निःशक्तता के प्रमाण पत्र की प्रति
9. तलाकशुदा/परित्यक्ता पेंशन भुगतान आदेश (पी.पी.ओ.) नम्बर

पालनहार द्वारा जमा करवाये जाने वाले अन्य आवश्यक दस्तावेज

पालनहार द्वारा जमा करवाये जाने वाले अन्य आवश्यक दस्तावेज
1. पालनहार का "भामाशाह कार्ड"
2. पालनहार का "आय प्रमाण पत्र" - पालनहार के बी.पी.एल./अन्तयोदय/आस्था , कार्डधारक अथवा विभाग के सामाजिक सुरक्षा पॅंशन योजना प्राप्त करने एवं भामाशाह में इसकी सूचना अंकित होने की स्थिति में आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा
3. "मूल निवास प्रमाण पत्र/राशन कार्ड/मतदाता पहचान पत्र" की प्रति :-पालनहार के बी.पी.एल./अन्तरयोदया /आस्था कार्डयारक होने अथवा विभाग

के सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने अथवा पीडीएस का लाभ लेने एवं भामाशाह में इसकी सूचना अंकित होने की स्थिति में मूल निवास प्रमाण पत्र/ राशन कार्ड/मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं
होगा!
4. बच्चे का "आधार कार्ड"
बच्चे का "आंगनवाडी केन्द्र पर पंजीकरण/विद्यालय में अध्यनरत् होने का प्रमाण पत्र" (संलग्न-परिशिष्ट-"ब")
बच्चे का शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शाला दर्पण पोर्टल (सरकारी विद्यालय में अध्ययन होने की स्थिति में) अथवा प्राईवेट स्कूल पोर्टल (प्राईवेट
विद्यालय में अध्ययन होने की स्थिति में) पर उनके आधार नम्बर ऑंकित होने एवं पालनहार पोर्टल पर इसका ऑनलाइन सत्यापन होने की स्थिति
में विद्यालय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा

5. अनाथ बच्चों का "पालन-पोषण करने का प्रमाण पत्र (जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गई हो अथवा न्यायिक प्रक्रिया द्वारा मृत्युदण्ड/आजीवन कारावास से दण्डित किए गए हो अथवा जिनकी विधवा माता ने विधिवत पुनर्विवाह के पश्चात् अपनी संतानों को त्याग दिया हो, के लिये ही उक्त प्रमाण पत्र की पूर्ति कराई जानी है) (संलग्न-परिशिष्ट-"अ")

अनुदान राशि व शर्ते:-


0-3 वर्ष तक
500 रुपये प्रतिमाह (बालक/बालिका का आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकरण/शाला पूर्व शिक्षा हेतु विद्यालय में जाने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं)
3-6 वर्ष तक
500 रुपये प्रतिमाह (बालक/बालिका का आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकरण/शाला पूर्व शिक्षा हेतु विद्यालय में जाने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य)
6-18 वर्ष तक
1000 रुपये प्रतिमाह (बालक/बालिका का विद्यालय/व्यवसायिक शिअनुदानक्षा हेतु किसी संस्थान में जाने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य)
2000 रुपये वार्षिक अतिरिक्त एकमुश्त देय (विधवा पालनहार व नाता पालनहार में देय नहीं)

पालनहार का वार्षिक आय रू. 1.20 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए

पालनहार एवं बच्चे कम से कम 3 वर्ष से राजस्थान राज्य में निवासरत हो।

आवेदन कैसे करे?

आवेदन हेतु ई-मित्र कियोस्क केन्द्र पर संपर्क करें।

1. इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए
आवेदक को सबसे पहले Social Justice
and Empowerment Department
ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर राजस्थान
पालनहार योजना का Application Form
PDF File को डाउनलोड करना होगा।
2. एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के बाद आपको
आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे
पालनहार का नाम, जन्मतिथि, आदि भरनी
होगी ।
3. सभी जानकारी भरने के बाद आपको आवेदन
फॉर्म के साथ आपको अपने सभी दस्तावेज़ों को
अटैच करना होगा।
4. इसके बाद आवेदन फॉर्म को शहरी क्षेत्र में
विभागीय जिला अधिकारी के पास, ग्रामीण क्षेत्र
के निवासी अपने फॉर्म को संबंधित विकास
अधिकारी के पास या ई मित्र कियोस्क केंद्र में
जाकर जमा करना होगा। इस तरह आपका
आवेदन पूरा हो जायेगा ।

आवेदन पर की गई कार्यवाही एवं भुगतान की जानकारी हेतु
http://palanhaar.rajasthan.gov.in पर स्वयं के स्तर से
ई-मित्र कियोस्क केन्द्र के माध्यम से संबंधित ब्लॉक/जिला कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में संपर्क कर सकते है। अधिक जानकारी हेतु
निदेशालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर ( राज.) / हेल्पलाइन नम्बर : 1800-180-6127 / वेवसाईट :

https://www.sje.rajasthan.gov.in/Default.aspx?PageID=349

नोटः-
1. बच्चे का "आंगनवाडी केन्द्र पर पंजीकरण/विद्यालय में अध्यनरत् होने का प्रमाण पत्र" प्रति वर्ष माह जुलाई में ई- मित्र कियोस्क के माध्यम से अद्यतन् (Update) करवाना अनिवार्य होगा अन्यथा पालनहार योजनान्तर्गत देय राशि का भुगतान माह जुलाई से रोक दिया जायेगा।
2. पालनहार का भामाशाह कार्ड अनिवार्य दस्तावेज के रूप में शामिल किया गया है अतः पालनहार को भामाशाह कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। (पालनहार का मोबाईल नम्बर भामाशाह में दर्ज नहीं होने/मोबाईल नम्बर बंद होने/मोबाईल नम्बर बदले जाने की स्थिति अथवा पालनहार का किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत सूचना जैसे पालनहार का नाम, जन्म तिथि, बैक खाता संख्या आदि में अद्यतन् (Update) करवाने की स्थिति में उक्त सूचना भामाशाह में अद्यतन् (Update) करवाना होगा)
3. बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य दस्तावेज के रूप में शामिल किया गया है। अतः पालनहार को बच्चे का आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा तथा बच्चे का बायोमेट्रीक अथवा ओ.टी. पी. (One Time Password) के माध्यम से सत्यापन करवाना होगा ( बच्चे का आधार कार्ड में मोबाईल नम्बर दर्ज नहीं होने/मोबाईल नम्बर बंद /मोबाईल नम्बर बदले जाने की स्थिति अथवा बच्चे का किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत सूचना जैसे बच्चे का नाम, जन्म तिथि आदि में अद्यतन् (Update) करवाने की स्थिति में उक्त
सूचना आधार कार्ड में अद्यतन् (Update) करवाना होगा)

प्रत्येक वर्ष नवीनीकृत कराना।

पालनहार योजना के तहत अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को मिलने वाली महीने की सहायता राशि के Renewal की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जिसके तहत पालन हार योजना से जुड़े लाभार्थी सहायक दस्तावेज लेकर ईमित्र पर अपना Renewal करवा सकते हैं।

इसके लिए आवश्यक दस्तावेज :-

  1. Children's Aadhar Card
  2. Jan Aadhar Card
  3. School certificate
  4. Aadhaar linked mobile number*

पालनहार योजना आवेदन का प्रारूप:-

पालनहार योजना से सम्बंधित सवालों के उत्तर-

सवाल > पालनहार योजना में आवेदन की क्या प्रक्रिया है ?

उत्तर > पालनहार योजना में आवेदन हेतु नजदीकी ईमित्रा के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। ईमित्रा से संबंधित समस्याओं के निदान हेतु ब्लाॅक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में संपर्क करें।

सवाल > भामाशाह(जन-आधार -कार्ड ) में अपडेट करने के बाद भी 'oops bank details not update' संदेश आ रहा है |.

उत्तर > कृपया थोड़ा रुकें। भामाशाह में अपडेट होने में थोड़ा समय लगता है । इससे पहले राजस्थान पालनहार पोर्टल पर कोशिश अपने भामाशाह की जाँच करें, या बदलाव को प्रतिबिंबित नहीं मिलता.

सवाल > योजनान्तर्गत क्या-क्या दस्तावेज आवश्यक है ?

उत्तर > पालनहार योजना में पालनहार का भामाशाह कार्ड, बच्चों के अध्ययन प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड एवं मूल निवास हेतु मूलनिवास/राशन कार्ड/मतदाता पहचान पत्र आवश्यक दस्तावेज है तथा श्रेणीवार दस्तावेज विभागीय वेबसाईट (http://www.sje.rajasthan.gov.in) पर देखें।

सवाल > आवेदन में आक्षेप के क्या कारण है, को चैक करने के लिये क्या करें ?

उत्तर > पालनहार योजना में आवेदन पत्र में लगे आक्षेपों की जानकारी हेतु संबंधित ब्लाॅक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अथवा पालनहार पोर्टल (http://www.sje.rajasthan.gov.in) पर देखें।

सवाल > पालनहार योजना में भुगतान की जानकारी कहां से प्राप्त की जा सकती है ?

उत्तर > पालनहार योजना के भुगतान की जानकारी हेतु संबंधित ब्लाॅक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अथवा पालनहार पोर्टल (https://palanhaar.rajasthan.gov.in/Appstatus.aspx) पर देखें।

सवाल > ईमित्र बंद हो जाने की स्थिति में क्या किया जावे ?

उत्तर > पालनहार योजना में ईमित्रा से संबंधित समस्याओं के निदान हेतु ब्लाॅक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में संपर्क करें।

पालनहार योजना की जानकारी अपने वार्ड व पंचायत के पालनहारकर्तायो की जानकारी जन सूचना पोर्टल से प्राप्त करे https://jansoochna.rajasthan.gov.in/index.php/palanhar-main/ तथा पालनहार रिन्यूअल व पात्र परिवारों (योजना के नियमानुसार) का सहयोग करे व इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करे ताकि योजना का लाभ पात्रजन को समय पर मिल सके