देशभक्ति के नारेे (Patriotic Slogans in Hindi)

किसी भी राष्ट्रीय कार्यक्रम अथवा किसी भी अन्य कार्यक्रम में संचालक हेतु देशभक्ति के नारेे, स्लोगन, कविता एवं शेरो - शायरी की आवश्यकता होती है। एक मंच संचालक इनका उपयोग करके अपने संचालन कार्य को प्रभावी कर सकता हैं। एक वक़्ता भी इन नारों, कविताओं इत्यादि का प्रयोग करके अपने भाषण को रोचक बना सकता हैं। इनका प्रयोग एक स्टूडेंट भी लेख लिखने में कर सकता हैं।

देशभक्ति के नारेे (Patriotic Slogans in Hindi) :

एक नारा, एक शेर, एक श्लोक या एक दोहा मनुष्य की विचारधारा को बदल कर उसे एक नवीन मंजिल का मुसाफिर बना सकता है। राष्ट्रीय दिवस के शुभ अवसर पर विद्यालय व अन्य संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। इन कार्यक्रमों में हम संचालन के समय,भाषण के मध्य व आवश्यतानुसार निम्नलिखित नारों, दोहों, श्लोकों इत्यादि के प्रयोग से देशभक्ति व राष्ट्रीयता पूर्ण वातावरण का निर्माण कर सकते है:

देशभक्ति के नारेे

देशभक्ति के नारे :

1. इंकलाब जिंदाबाद। (मो. इकबाल)
2. वन्देमातरम। (बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय)
3. भारत माता की जय।
4. अंग्रेजो। भारत छोड़ो। (महात्मा गांधी)
5. तुम मुझे खून दो। मैं तुमको आजादी दूँगा।(सुभाष चंद्र बोस)
6. आराम हराम है। (जवाहरलाल नेहरू)
7. जय हिंद। (सुभाष चंद्र बोस)
8. वेदों की तरफ लोटों। (दयानंद सरस्वती)
9. जय जवान जय किसान। (लाल बहादुर शास्त्री)
10. "देश की हिफाजत हम मरते दम करेंगे। दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद रहे है, आजाद ही रहेंगे"। (चन्द्रशेखर आजाद)
11. स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इसको लेकर ही रहेंगे! (बाल गंगाधर तिलक)
12. "सरफ़रोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है, देखना है , ज़ोर कितना बाजु-ए-कातिल में है" (राम प्रसाद बिस्मिल)
13. जन गण मन अधिनायक जय हो।(रविन्द्र नाथ टैगोर)
14. सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।(मो इकबाल)
15. हिन्दू, हिंदी, हिंदुस्तान। (भारतेंदु हरिश्चंद्र)
16. विजयी विश्व, तिरंगा प्यारा। ( श्यामलाल गुप्ता)
17. करो या मरो। (महात्मा गांधी)
18. पूर्ण स्वराज (जवाहरलाल नेहरू)
19. दिल्ली चलो। (सुभाष चंद्र बोस)
20. सारे जहाँ से अच्छा , हिंदुस्तान हमारा ।
    हम बुलबुलें हैं उसकी, वो गुलसिताँ हमारा।

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देशभक्ति वाली शेरों शायरी (Patriotic Slogans and Poetry in Hindi) :

2) लड़े जंग वीरों की तरह,
   जब खून खौल, फौलाद हुआ !
   मरते दमतक , डटे रहे वो, तब देेेश अपना आजाद हुआ।।
   मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा! ये मुल्क मेरी जान है!! इसकी रक्षा के लिए। मेरा दिल और जां कुर्बान है !!

3. शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले।
वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा।।

4. जो देश के लिए शहीद हुए।
     उनको मेरा सलाम हैं।।
     अपने खूँ से जिसने सींचा मातृभूमि को।
     उन बहादुरों को सलाम हैं।।

5. "खून से खेलेंगे होली, अगर वतन मुश्किल में है।
     सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल  में हैं ।।

6.  जो अब तक ना खौला, वो खून नहीं पानी है!
    जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है !!

7.   लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका,  कल आगाज आयेगा,
       मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा।
       मैं  रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा की,
       मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा।।

8. लहराएगा तिरंगा ,अब सारे आसमान पर!
    भारत का ही नाम होगा , सबकी जुबान पर!!
    ले लेंगे उसकी जान या ,खेलेंगे अपनी जान पर!
     कोई जो उठाएगा आँख , हिंदुस्तान पर!!

9.   आन देश की, शान देश की, इस देश की हम संतान हैं !
      तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है !!

10. सीने में जूनून और आँखों में देशभक्ति की चमक  रखता हूँ !
दुश्मन की सांसे थम जायें, आवाज में इतनी धमक रखता हूँ !!

11. उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई!
       जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है !!
       आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्योंकि !
       सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है!!


12. कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
       कुछ नशा मातृभूमि की मान का है।
       हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
       नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है…. ।।

13. चैन-ओ-अमन का देश है मेरा,
       इस देश मे दंगा रहने दो।
       लाल और हरे में मत बाटों,
      यहाँ शाने-तिरंगा रहने दो।।

14. दिलों की नफरत को निकालो,
       वतन के इन दुश्मनों को मारो।
       ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन,
       भारत माँ के सम्मान को बचा लो।।

15.   मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा,
         ये मुल्क मेरी जान है।
          इसकी रक्षा के लिए,
         मेरा दिल और जां कुर्बान है।।

16.    भारत की फजाओं को सदा याद रहूँगा,
         आजाद था, आजाद हूँ, आजाद रहूँगा।

17.     करीब मुल्क के आओ तो कोई बात बने,
          बुझी मशाल को जलाओ तो कोई बात बने।
          सूख गया है जो लहू शहीदों का,
           उसमें अपना लहू मिलाओ तो कोई बात बने।।

18.      और भी खूबसूरत ,और भी ऊंचा,
           मेरे देश का नाम हो जाये।
           काश कि हर हिंदू विवेकानंद,
           और हर मुस्लिम  कलाम हो जाये।।

19.      फना होने की इज़ाजत ली नहीं जाती,
           ये वतन की मोहब्बत है जनाब
           पूछ के की नहीं जाती।

20.      दिल से मरकर भी ना निकलेगी वतन की उल्फ़त।
           मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी।

21.    किसी को लगता हैं हिन्दू ख़तरे में हैं,
         किसी को लगता मुसलमान ख़तरे में हैं!
         धर्म का चश्मा उतारकर देखो यारों,
         पता चलेगा हमारा हिंदुस्तान ख़तरे में हैं!

22.  यदि प्रेरणा शहीदों से नहीं लेंगे तो ये आजादी,
       ढलती हुई साँझ हो जायेगी।
       और पूजे न गए, वीर तो सच कहता हूँ कि,
        नौजवानी बाँझ हो जायेगी।।

23.   आओ झुककर सलाम करे उनको,
        जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है!
        खुशनसीब होते हैं वो लोग,
        जिनका लहू इस देश के काम आता है!!


24.   ऐ पाक, तेरा ख़्वाब नजारा ही रहेगा,
        तू क़िस्मत का मारा है मारा ही रहेगा।
        तेरे हर सवाल का जबाब करारा ही रहेगा,
        कश्मीर हमारा हैं और हमारा ही रहेगा।।


25.   तीन रंग का नही वस्त्र, ये ध्वज देश की शान हैं,
        हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान हैं!
        यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान
        और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान हैं!!

26.  शहीदों के त्याग को हम बदनाम नही होने देंगे,
        भारत की इस आजादी की कभी शाम नही होने देंगे।

27.   बस ये बात हवाओं को बताये रखना,
        रौशनी होगी चिरागों को जलाए रखना!
        लहू देकर भी जिसकी हिफाजत की शहीदों ने,
        उस तिरंगे को सदा दिल में बसायें रखना!!

28. हम अम्न चाहते हैं मगर ज़ुल्म के ख़िलाफ़
  गर जंग लाज़मी है तो फिर जंग ही सही !

29. है समय नदी की बाढ़ कि जिसमें सब बह जाया करते हैं।
समय बड़ा तूफ़ान प्रबल पर्वत झुक जाया करते हैं ।।
अक्सर दुनियाँ के लोग समय में चक्कर खाया करते हैं।
लेकिन कुछ ऐसे होते हैं, इतिहास बनाया करते हैं ।।

यह उसी वीर इतिहास-पुरुष की अनुपम अमर कहानी है।
जो रक्त कणों से लिखी गई,जिसकी जयहिन्द निशानी है।।
प्यारा सुभाष, नेता सुभाष, भारत भू का उजियारा था।
पैदा होते ही गणिकों ने जिसका भविष्य लिख डाला था।
                                             श्री गोपाल व्यास।

देशभक्ति कथन :


1. "मेरे शरीर पर एक-एक पड़ी लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के कफ़न में कील सिद्ध होगी"  लाला लाजपत राय

2. देशभक्ति बर्बरता से सभ्यताओं की रक्षा करने का अनिवार्य हथियार है - बिल कर्स्टल

3. सच्ची देशभक्ति कहीं और से अधिक अपने ही देश में हो रहे अन्याय से घृणा करती है ।

4.  मेरा देश मेरे लिए बहुत अच्छा रहा है , मुझे भी अपने देश के लिए अच्छा होना चाहिए । वाल्टर एननबर्ग

5. देशभक्ति सिर्फ झंडा लहराने में नहीं है , बल्कि इस प्रयास में है कि देश सही भी हो और मजबूत भी ।

6. मैंने बहुत पहले से माना है कि बलिदान देशभक्ति का शिखर है।

7. अपने देश के लिए देशभक्ति कुछ ऐसा है जो दिल से आता है. यह आपको आपके अभिभावकों द्वारा सिखाया जाना चाहिए।

8. देशभक्ति सिर्फ आकस्मिक जोश नही बल्कि एक निरन्तर सोच है।

9. देश के प्रति निष्ठा सभी निष्ठाओं से पहले आती है। और यह पूर्ण निष्ठा है क्योंकि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं कर सकता कि बदले में उसे क्या मिलता है।”
                      लाल बहादुर शास्त्री

10. “ये हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं। हमें अपने बलिदानऔरपरिश्रम से जो आज़ादी मिले, हमारे अन्दर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए।”
                    सुभाष चंद्र बोस

11. “यह हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह यह अनुभव करे की उसका देशस्वतंत्र है और उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका कर्तव्य है। हर एक भारतीय को अबयहभूल जाना चाहिए कि वह एक राजपूत है, एक सिख या जाट है। उसे यह याद होना चाहिए कि वह एक भारतीय है और उसे इसदेश में हर अधिकार है पर कुछ जिम्मेदारियां भी हैं।”              वल्लभ भाई पटेल।

12. “इस मिट्टी में कुछ अनूठा है, जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा है।”                वल्लभ भाई पटेल।

13. “ज़िन्दगी तो अपने दमपर ही जी जाती है; दूसरो के कन्धों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते हैं।”
शहीदे आजम भगतसिंह

14. "निष्ठुर आलोचना

औरस्वतंत्रविचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं।”
शहीदे आजम भगतसिंह

15. “धर्म और व्यावहारिक जीवन अलग नहीं हैं। सन्यास लेना जीवन का परित्याग करना नहीं है।  असली भावना सिर्फ अपने लिए काम करने की बजाये देश को अपना परिवार बना मिलजुल कर काम करना है। इसके बाद का कदम मानवता की सेवा करना है और अगला कदम ईश्वर की सेवा करना है।”      बाल गंगाधर तिलक।

16. “सच्ची देशभक्ति कहीं और से अधिक अपने ही देश में हो रहे अन्याय से घृणा करती है।”

17. एक सैनिक के रूप में आपको हमेशा तीन आदर्शों को संजोना और उन पर जीना होगा : सच्चाई, कर्तव्य और बलिदान।
सुभाष चंद्र बोस
18.आज हमारे अन्दर बस एक ही इच्छा होनी चाहिए, मरने की इच्छा ताकि भारत जी सके! एक शहीद की मौत मरने की इच्छा ताकि स्वतंत्रता का मार्ग शहीदों के खून से प्रशस्त हो सके।”
सुभाष चंद्र बोस

19. “प्रगति स्वतंत्रता में निहित है। बिना स्वशासन के न औद्योगिकविकाससंभव है, न ही राष्ट्र के लिएशैक्षिक योजनाओं की कोई उपयोगिता है… देश की स्वतंत्रता के लिएप्रयत्न करना सामाजिक सुधारों से अधिकमहत्वपूर्ण है।”
बाल गंगाधर तिलक
20. “एकदेश की ताकत अंततः इसबात में निहित है कि वो खुद क्या कर सकता है, इसमें नहीं कि वो औरों से क्या उधार ले सकता है।”

इंदिरा गांधी

देशभक्ति श्लोक :

1. यस्मिन् देशे वयं जन्मधारणं कुर्मः स हि अस्माकं देशः जन्मभूमिः वा भवति । जननी इव जन्मभूमिः पूज्या आदरणीया च भवति । 

2. मेरे भारत देश की, गाथा बड़ी महान।
इसीलिए गाता है महिमा, इसकी सारा जहान।।

3 अतिथि देवो भवः कहें, दुश्मन को दें दंड।
     भारत जितना निर्मल है, उतना ही प्रचंड।।

4. राम रहीम की धरती है ये, यहाँ आरती और अजान।
    आपस में सब मिलकर रहें, सबका करते सम्मान।।

5. भारत ही है देश मेरा, भारत ही मेरा धर्म।
धरती पर जब भी मैं आऊँ, यहीं दे ईश्वर जन्म।।

6. बैरी जो कोई कदम बढ़ाए, उसको भेजें श्मशान।
     धन्य हैं वो जो सरहद पर, खड़े हैं वीर जवान।

7. ऐसी पावन धरा यहाँ की, कर देती सबका उद्धार।
    हर दिन एक नया उत्सव, होता है हर दिन त्यौहार।।

8. अपने वीर सपूत को माँ देती सदा आशीष।
     देश पर आंच कभी ना आये, कट जाए चाहे शीश।।

9. भारत की पावन धरती से, ले धुल मैं तिलक लगाऊं।
      इतना प्यारा देश है मेरा, मैं नित दिन महिमा गाऊं।।

10. महाराणा प्रताप से राजा, लक्ष्मी बाई जैसी रानी।
       घर-घर में सुनाई जाती, ऐसे वीरों की कहानी।।

11. सरहद पर हैं खड़े हुए, बनके देश की ढाल।
       नित्य नयी हैं जंग लड़ते, भारत माता के लाल।।

12.  सारा जग जो घूम लिया, मिला एक ही ज्ञान।
        इतना प्यारा कोई देश नहीं, जैसा है हिन्दुस्तान।।

13.   चाहे तपती धूप हो, चाहे हो शीतल रात।
         देश की सेवा में रहें, जवान सदा तैनात।।

14. माँ
       माँ, माँ त्वम्  संसारस्य अनुपम् उपहार,
       न त्वया सदृश्य कस्याः स्नेहम्,
       करुणा-ममतायाः त्वम् मूर्ति,
        न कोअपि कर्त्तुम् शक्नोति तव क्षतिपूर्ति।

        तव चरणयोः मम जीवनम् अस्ति,
       "माँ" शब्दस्य महिमा अपार,
        न माँ सदृश्य कस्याः प्यार,
       माँ त्वम् संसारस्य अनुपम् उपहार।

15.    एहि एहि वीर रे,
          वीरतां विधेहि रे,
          पदं हदं निधेहि रे,
           भारतस्य रक्षणाय,
           जीवनं प्रदेहि रे।।

16. लोकतंत्र हैं आ गया, अब छोड़ो निराशा के विचार को!
बस अधिकार की बात ना सोचों, समझों कर्तव्य के भार को!!

17. भले हाथो में चूड़ी खनके,
छन-छन करते पायल झुमके!
पर देश की हैं हम प्रचंड नारी,
वक्त पड़ने पर उठाएंगे तलवारे भारी!!

18. जहाँ प्रेम की भाषा हैं सर्वोपरि,
जहाँ धर्म की आशा हैं सर्वोपरि।
ऐसा हैं मेरा देश हिन्दुस्तान,
जहाँ देश भक्ति की भावना हैं सर्वोपरि।।

19. वतन हैं मेरा सबसे महान,
प्रेम सौहाद्र का दूजा नाम।
वतन-ए-आबरू पर हैं सब कुर्बान,
शांति का दूत हैं मेरा हिन्दुस्तान ।।

20. आजाद भारत के लाल हैं हम,
आज शहीदों को सलाम करते हैं!
युवा देश की शान हैं हम,
अखंड भारत का संकल्प करते हैं !!

नोट- उपरोक्त नारे, श्लोक व कविता शीर्षक अनेक स्त्रोत से संकलित किये गए है एवम इनको निरन्तर परिमार्जित किया जाएगा। आप भी सहयोग स्वरूप कुछ नए नारे, श्लोक व स्लोगन भिजवा सकते है। सादर ।