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PEEO- All informations at a glance. पीईईओ- पद से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी।

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पीईईओ- पद से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी।

राज्य की 9,894 ग्राम पंचायत में उत्तम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधा प्रदान करने हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्तिथ प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पर्यवेक्षण, निगरानी व नेतृत्व हेतु उमावि/मावि के संस्थाप्रधान को ग्राम पंचायत का पदेन "पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी" (पीईईओ) नामित किया गया है।

राजस्थान के शैक्षणिक विकास में पीईईओ की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। पीईईओ अपने पँचायत क्षेत्र में समस्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विकास हेतु विद्यालय विकास योजनाओं का निर्माण, संस्था प्रधानों की मासिक समीक्षा बैठक, एसआईक्यूई का प्रभावी क्रियान्वयन, SMC से समन्वयन, बीईईओ से समन्वय करेंगे।

पीईईओ पद सृजन की मुख्य अवधारणाओं में से एक विद्यालयों की अनेक समस्याओं का समाधान पँचायत स्तर पर करने से है इसी हेतु उसे पँचायत क्षेत्र का शैक्षिक निरीक्षणकर्ता एवं आहरण वितरण अधिकारी घोषित करने के साथ ही CRCF भी घोषित किया गया है। यह आशा की जाती है कि पीईईओ RESOURCE CENTER एवम Mentor के रूप में भी कार्य सम्पादन करेंगे।

पीईईओ को विभिन्न स्तरों यथा- उपखण्ड अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक/माध्यमिक, बीईईओ, सरपंच व ग्रामसेवक इत्यादि से समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत के शैक्षिक विकास को नए आयाम देना है।

पीईईओ के सामान्य कर्तव्य/दायित्व-

1. ग्राम पंचायत में संचालित पंचायती राज के अधीन समस्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण एवं प्रशासनिक तथा अकादमिक पर्यवेक्षण का कार्य।
2. ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित पंचायती राज के अधीन समस्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रारम्भिक
शिक्षा गतिविधियों के प्रभावी पर्यवेक्षण हेतु संबंधित ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी,
प्रारम्भिक से समन्वय करना।
3 ग्राम पंचायत में स्थित पंचायती राज के अधीन आने वाले समस्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विकास हेतु कार्य योजना तैयार करना।
4. राज्य सरकार, आयुक्त राजस्थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषदनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, जिला शिक्षा
उपनिदेशक, अधिकारी प्रारम्भिक एवं जिला परियोजना सर्व शिक्षा द्वारा समय पर जारी दिशा- निर्देशों की पालना सुनिश्चित करना।
5. सर्व शिक्षा अभियान योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालयों हेतु समस्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों हेतु पंचायत रिसोर्स सेन्टर फेसीलिटेटर (PRCF) को आवंटित समस्त कार्य।
6. ग्राम पंचायत की मासिक बैठकों में उपस्थित होकर ग्राम पंचायत में स्थित पंचायती राज के अधीन संचालित समस्त
प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करना।

एक पीईईओ से सामान्य अपेक्षाएं-

1. ग्राम पंचायत के उत्कृष्ट विद्यालय का काम माह में एक बार व अन्य विद्यालयों की 2 माह में एक बार निरीक्षण कर प्रतिवेदन को शाला-दर्शन पर अपलोड करना।
2. क्षत्र के विद्यालयों की अंतिम कार्य-दिवस पर मासिक बैठक में विद्यालयवार विकास योजना, S.I.Q.E, विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों की समीक्षा करना, समस्या निवारण करना व कार्यवाही विवरण को शाला दर्शन में निर्धारित प्रारूप में अपलोड करना।
3. प्रत्येक वर्ष ग्राम पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में प्रवेश योग्य 6-14 वर्ष आयुवर्ग के बालक- बालिकाओं का चिन्हीकरण, नामांकन।
4. क्षेत्र के विद्यालयों की आधारभूत सरंचना/सुविधाओं की कमी का आकलन कर ग्राम पंचायत, एसएसए, भामाशाह, दानदाताओं व जनप्रतिनिधि गण से सहयोग प्राप्त करना।
5. क्षेत्र के विद्यालयों को प्रवेशोत्सव अभियान व वार्षिक आवंटित नामांकन का लक्ष्य प्रदान करना एवम सम्बलन प्रदान लक्ष्य प्राप्ति में सहयोग देना। नामांकन पश्चात ठहराव सुनिश्चित रखना।
6. क्षेत्र के विद्यालयों के विकासार्थ राज्य वित्त आयोग, चौदहवाँ वित्त आयोग व मनरेगा से राशी स्वीकृति कराने का प्रयास करना।
7. क्षेत्र के विद्यालयों के एसएमसी , पीटीए की नियमित बैठकों का आयोजन एवम उनका क्षेत्र के शैक्षिक उन्नयन हेतु प्रयोग।
8. ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक में अपने पँचायत क्षेत्र की प्रस्तुति।
9. शाला दर्शन व शाला दर्पण पोर्टल को अपडेट रखना।
10. संकुल सन्दर्भ केंद्र प्रभारी का कार्य सम्पादन।
11. प्राथमिक विद्यालयो के समस्त स्टाफ व उप्रावि के संस्था प्रधान का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करना।
12. राप्रावि के समस्त व राउप्रावि के संस्थाप्रधान के वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन में प्रतिवेदक अधिकारी का कार्य करना।

क्रमशः

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