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Permission Process For Phd degree in Education Department of Rajasthan

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स्कूल शिक्षा विभाग कार्मिको हेतु पीएचडी उपाधि हेतु अनुज्ञा प्राप्ति प्रक्रिया-

स्कूल शिक्षा विभाग के कार्मिकों हेतु पीएचडी उपाधि हेतु अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रिया।

शिक्षा विभाग में शैक्षिक गुणवत्ता के स्तर में वृद्धि हेतु शोध गतिविधियों को बढावा देने के उद्देश्य से विभाग में कार्यरत शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों, प्रयोग शाला सहायकों एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों को शोध कार्य हेतु (एम.फिल. /पीएच.डी./ डी.लिट्/डी.एससी.) हेतु विभागीय अनापत्ति/अनुज्ञा हेतु वर्तमान में निर्धारित प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए पूर्व प्रसारित समरत आदेशों/निर्देशों के अधिक्रमण में निम्नानुसार प्रक्रिया निर्धारित की गई है -

शिक्षा विभाग में शैक्षिक गुणवत्ता के स्तर में वृद्धि हेतु शोध गतिविधियों को बढावा देने के उद्देश्य से विभाग में कार्यरत शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों, प्रयोग शाला सहायकों एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों को शोध कार्य हेतु (एम.फिल. /पीएच.डी./ डी.लिट्/डी.एससी.) हेतु विभागीय अनापत्ति/अनुज्ञा हेतु वर्तमान में निर्धारित प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए पूर्व प्रसारित समरत आदेशों/निर्देशों के अधिक्रमण में निम्नानुसार प्रक्रिया निर्धारित की जाती है :-

1. अनापत्ति प्रमाण-पत्र/अनुज्ञा "विश्वविद्यालय अनुदान आयोग" (U.G.C.) द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय के वैध पाठ्यक्रम हेतु ही प्रदान की जाएगी।


2. परिवीक्षा अवधि में सामन्यतया किसी भी कार्मिक को शोध कार्य हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र/अनुज्ञा प्रदान नहीं की जाएगी, परन्तु परिवीक्षाधीन कार्यरत जिन कार्मिकों का परिवीक्षाधीन पद पर नियुक्ति से पूर्व किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय द्वारा "विश्वविद्यालय अनुदान आयोग" के "एम.फिल./पीएच.डी. उपाधि के लिए "न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया विनियम-2000" के प्रावधानों के अनुसार एम.फिल./पीएच.डी. प्रवेश परीक्षा/साक्षात्कार/कोर्स वर्क परीक्षा उत्तीर्ण की जा चुकी हो, उन परिवीक्षाधीन कार्मिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत आवेदन किए जाने पर एम.फिल. /पीएच.डी. हेतु अनुज्ञा दिए जाने पर विचार किया जा सकता है ।


3. अनापत्ति प्रमाण-पत्र :-

एम.फिल./पीएच.डी. की प्रवेश परीक्षा/काउंसलिंग/कोर्स वर्क में शामिल होने हेतु विभागीय अनापत्ति प्रमाण-पत्र कार्मिक के पदस्थापन स्थान के संस्था प्रधान/कार्यालयाध्यक्ष द्वारा जारी किया जाएगा। इस हेतु कार्मिक को विभाग द्वारा निर्धारित "शोध हेतु विभागीय अनापत्ति/अनुज्ञा के लिए आवेदन पत्र' (परिशिष्ठ-1) में संस्था प्रधान/ कार्यालयाध्यक्ष को यथा समय आवेदन करना होगा । संस्था प्रधान/कार्यालयाध्यक्ष द्वारा प्रार्थी के कार्य व्यवहार से संतुष्ट होने पर परिशिष्ठ-2 में अंकित प्रारूप में अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा ।

4. शोध हेतु अनुज्ञा :-

(अ) अनुज्ञा हेतु सक्षम अधिकारी :- शोध कार्य (एम.फिल./पीएच.डी./डी.लिट./डी.एससी.) हेतु विभागीय अनुज्ञा कार्मिक के नियुक्ति अधिकारी द्वारा प्रदान की जाएगी । तदनुरूप अध्यापक एवं समकक्ष पद हेतु संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी, वरिष्ठ अध्यापक एवं समकक्ष पद हेतु संबंधित मण्डल उप निदेशक, व्याख्याता एवं उच्चतर अधिकारियों हेत निदेशक, माध्यमिक शिक्षा कार्मिक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार आवेदन किए जाने पर शोध कार्य हेतु विभागीय
अनुज्ञा प्रदान करेंगे।
(ब) प्रार्थना पत्र प्रस्तुति :- शोध कार्य (एम.फिल./पीएच.डी./डी.लिट्/डी.एससी.) हेतु अनुज्ञा के लिए कार्मिक द्वारा विभाग द्वारा निर्धारित "शोध हेतु विभागीय अनापत्ति/ अनुज्ञा के लिए आवेदन  पत्र" (परिशिष्ठ-1) की पूर्ति पश्चात संबंधित संस्था प्रधान/कार्यालयाध्यक्ष द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी/नियंत्रण अधिकारी को आवेदन अग्रेषित किया जाएगा। आवेदन पत्र के साथ शोध गाइड/सुपरवाईजर द्वारा प्रदत्त प्रमाण-पत्र आवश्यक रूप से संलग्न करना होगा।


जिला शिक्षा अधिकारी/नियंत्रण अधिकारी कार्यालय द्वारा आवेदन-पत्र का परीक्षण कर पात्रता पाए जाने पर संबंधित नियुक्ति अधिकारी के कार्यालय में आवेदन-पत्र अभिशंषा सहित प्रेषित किया जाएगा । संबंधित नियुक्ति अधिकारी द्वारा विभागीय नियमान्तर्गत पात्र आवेदक को नियमानुसार अनुज्ञा परिशिष्ठ-3 में अंकित प्रारूप में जारी की जाएगी।

5. अनुज्ञा की शर्ते :-
(अ) प्रार्थी अनुज्ञा प्राप्त करने के बाद ही शोघ हेतु विश्वविद्यालय में अपना पंजीयन कराएगा।
(ब) पंजीयन पश्चात पंजीयन प्रमाण-पत्र की प्रमाणित प्रति नियुक्ति अधिकारी को सूचनार्थ प्रेषित करना अनिवार्य होगा।
(स)(परिशिष्ट 3- अनुज्ञा आदेश) में वर्णित शर्तों की पूर्ति प्रार्थी द्वारा आवश्यक रूप से की जाएगी।
(द) प्रार्थी को शोध कार्य के लिए सामान्यतया किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा, परन्तु पार्थी के द्वारा सर्वेक्षण/प्रयोग करने के लिए कार्यालयाध्यक्ष द्वारा अल्पावधि के लिए नियमानुसार स्वयं का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है, बशर्ते कार्यालय/विद्यालय व्यवस्था एवं शिक्षण कार्य पर विपरीत प्रभाव नहीं पडे ।
(य) बिना अनुज्ञा शोध कार्य हेतु पंजीयन कराने पर "राजस्थान असैनिक सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम- 1958" के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी एवं उक्त योग्यता अभिवृद्धि की प्रविष्टि शोध उपाधि प्राप्ति के पांच वर्ष की अवधि तक सेवाभिलेख में नहीं की जाएगी ।
(र) शोध कार्य की अनुज्ञा प्राप्त करना प्रार्थी का अधिकार नहीं होगा ।

कार्यालय निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर का परिपत्र : क्रमांक : शिविरा-माध्य/माध्यमिक/शोध/34265/2015/57-61 दिनांक : 11-05-2015

विभागीय आदेश की प्रति-

Tags: Permission Process For Phd degree in Education Department of Rajasthanएम.फिल. /पीएच.डी./ डी.लिट्/डी.एससी.कार्यालय निदेशकन्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया विनियम-2000बीकानेर का परिपत्र : क्रमांक : शिविरा-माध्य/माध्यमिक/शोध/34265/2015/57-61 दिनांक : 11-05-2015माध्यमिक शिक्षाराजस्थानविभागीय अनापत्ति/अनुज्ञा हेतु वर्तमान में निर्धारित प्रक्रियाविश्वविद्यालय अनुदान आयोगशिक्षकों पुस्तकालयाध्यक्षों प्रयोग शाला सहायकों एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों को शोध कार्य हेतु (एम.फिल. /पीएच.डी./ डी.लिट्/डी.एससी.) हेतु विभागीय अनापत्ति/अनुज्ञा हेतु वर्तमान में निर्धारित प्रक्रियास्कूल शिक्षा विभाग के कार्मिकों हेतु पीएचडी उपाधि हेतु अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रिया