Categories: ArticlesSuper Teacher
| On 2 months ago

Poetry: Salute to the struggle of lady teachers.

Share

कविता : शिक्षिकाओं के संघर्ष को सलाम।

शिक्षिका बहनों के संघर्ष को सलाम।।

चंड है, तू प्रचंड है।
मातृशक्ति अखंड है।।
तेरी संघर्ष गाथा का।
ये प्रथम खण्ड है।।

हर दिन नियोजित।
हर कार्य संयोजित।।
मेरी शिक्षिका बहनों।
हेतु यह कथा प्रयोजित।।

प्रातः रश्मि किरणों से।
पूर्व ये जग जाती है।।
पहले सम्पूर्ण गृह कार्य।
स्नेह से निबटाती है।।

समय पूर्व दस मिनट।
पाठशाला पहुंच जाती है।।
व्हाट्सएप ग्रुप के द्वारा।
शिक्षा-सन्देश पहुँचाती है।।

विद्यार्थियों के प्रश्नों को।
सस्नेह सुलझाती है।।
शाला-दर्पण पर फिर।
उपस्थिति भिजवाती है।।

आगंतुकों को आदर से।
जानकारी भी दिरवाती है।।
एसडीएमसी बैठक में।
मुद्दे भी सुलझाती है।।

मध्यांतर में बच्चों को।
भोजन भी करवाती है।।
बच्चों संग हँसी-खुशी।
खेल भी खिलवाती है।।

गणित की हर उलझन।
यह हंसकर सुलझाती है।।
विज्ञान की समस्या का।
समाधान भी दिलवाती है।।

जब बच्चें थक जाते है।
कहानी यह सुनाती है।।
खेल-खेल में देखो जी।
भाषा-कौशल सिखाती है।।

बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा हेतु।
स्कुल सेनेटाइज़ करवाती है।।
मास्क लगा कर ना आये तो।
बच्चों को मास्क दिरवाती है।।

विद्यालय का करे विकास।
पूरी करती है ये हर आस।।
नई पीढ़ी को देती संस्कार।
मन में रखकर यह विश्वास।।

आपके संघर्ष को ,
हम सब करते है सलाम।।
आपको समर्पित है।
"सुरेन्द्र" का यह कलाम।।