Categories: ArticlesSuper Teacher
| On 2 months ago

Poetry: Struggle of lady teachers | कविता : शिक्षिकाओं का संघर्ष।

कविता : शिक्षिकाओं के संघर्ष को सलाम।

एक कविता (Poetry) उन शिक्षिकाओं के नाम जो अपने जीवन को सेवा बना चुकी है। उनका संघर्ष अनूठा है जो सूर्य किरणों के प्रस्फुटित होने से पूर्व आरम्भ होता है तब तक जारी रहता है जब तक सड़कें वीरान नही हो जाए।

अलसुबह घर के तमाम सदस्यों हेतु अन्नपूर्णा भोजन की व्यवस्था करके अन्य कार्य से फारिग होकर सरस्वती का साक्षात अवतार नन्हे-मुंहों के जीवन सार्थक करने हेतु बड़े अनुराग व ममत्व से शिक्षा प्रदान करती है।


पुरुष के कंधे से कंधा भिड़ाकर आज जीवन के हर क्षेत्र

में शक्ति की देवी प्रतीत होती है। पग-पग संघर्ष के बावजूद शक्ति, ज्ञान व सामर्थ्य की यह त्रिमूर्ति जीवन के लक्ष्यों की तरफ अग्रसर होती है। ऐसी बहनो के लिए एक कविता (Poetry) प्रस्तुत हैैं।

शिक्षिका बहनों के संघर्ष को सलाम।

चंड है, तू प्रचंड है।
मातृशक्ति अखंड है।।
तेरी संघर्ष गाथा का।
ये प्रथम खण्ड है।।

सावित्रीबाई फुले, प्रथम शिक्षिका। Www.shivira.com

हर दिन नियोजित।
हर कार्य संयोजित।।
मेरी शिक्षिका बहनों।
हेतु यह कथा प्रयोजित।।

प्रातः रश्मि किरणों से।
पूर्व ये जग जाती है।।
पहले सम्पूर्ण गृह कार्य।
स्नेह से निबटाती है।।

समय पूर्व दस मिनट।
पाठशाला पहुंच जाती है।।
व्हाट्सएप ग्रुप के द्वारा।
शिक्षा-सन्देश पहुँचाती है।।

विद्यार्थियों

के प्रश्नों को।
सस्नेह सुलझाती है।।
शाला-दर्पण पर फिर।
उपस्थिति भिजवाती है।।

आगंतुकों को आदर से।
जानकारी भी दिरवाती है।।
एसडीएमसी बैठक में।
मुद्दे भी सुलझाती है।।

मध्यांतर में बच्चों को।
भोजन भी करवाती है।।
बच्चों संग हँसी-खुशी।
खेल भी खिलवाती है।।

गणित की हर उलझन।
यह हंसकर सुलझाती है।।
विज्ञान की समस्या का।
समाधान भी दिलवाती है।।

जब बच्चें थक जाते है।
कहानी यह सुनाती है।।
खेल-खेल में देखो जी।
भाषा-कौशल सिखाती है।।

बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा हेतु।
स्कुल सेनेटाइज़ करवाती है।।
मास्क लगा कर ना आये तो।
बच्चों को मास्क दिरवाती है।।

विद्यालय का करे विकास।
पूरी करती है ये हर आस।।
नई पीढ़ी को देती संस्कार।
मन में रखकर यह विश्वास।।

आपके संघर्ष को ,
हम सब करते है सलाम।।
आपको समर्पित है।
"सुरेन्द्र" का यह कलाम।।

A poem in the name of those teachers who have made their lives a service. Their struggle is unique which starts before the sun rays rise and continues till the roads are deserted.

By arranging food for all the family members of the house early in the morning, after getting away from other work, the real incarnation of Saraswati imparts education with great affection and affection to make the life of the little-mouthed meaningful.

Fighting shoulder to shoulder with men, today the goddess of power appears in every sphere of life. Despite the struggle step by step, this trinity of power, knowledge and power moves towards the goals of life. A poem is presented for such sisters.