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प्रवेशोत्सव अभियान 2021-22 की पूर्ण जानकारी | 'Praveshotsav' Campaign Launched In Rajasthan

नामांकन वृद्धि, अनामांकित एवं ड्रॉप आउट बच्चों को विद्यालय से जोड़ने हेतु प्रवेशोत्सव अभियान के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश सत्र 2021-22

1. प्रवेशोत्सव अभियान की प्रस्तावना

1.1 हमारा संविधान 14 वर्ष तक के सभी बालक बालिकाओं को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने की घोषणा करता है। संविधान में घोषित लक्ष्य की प्राप्ति तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा से जुड़ी प्राथमिक आवश्यकताओं यथा विद्यालय की पहुंच तथा नामांकन के लक्ष्यों को काफी हद तक प्राप्त कर लिया गया है, लेकिन अभी भी बहुत से बच्चे ऐसे है, जो विभिन्न कारणों से विद्यालय नहीं पहुंच पाये है अथवा किन्ही कारणों से विद्यालयों में उनका ठहराय सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। ऐसे सभी बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने एवं पूर्व प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर की अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध करवाने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

1.2 गत वर्षों में शिक्षा विभाग द्वारा चलाये गये प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के समस्त अधिकारी , शिक्षक , कार्मिक एवं अभिभावकों द्वारा दिये गये सहयोग से विभाग ने नामांकन वृद्धि में उत्साहजनक सफलता प्राप्त की है। 3 वर्ष से 18 वर्ष के समस्त बालक-बालिकाओं को नामांकित करले के साथ ही उनका विद्यालय में ठहराव सुनिश्चित किया जाना भी महत्वपूर्ण है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए शिक्षा विभाग के साथ-साथ ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। शैक्षिक सत्र 2021-22 में कोविड-19 वैश्विक महामारी को ध्यान में रखते हुये इस कार्य के लिए एक बृहद कार्ययोजना बनाकर प्रत्येक विभाग एवं प्रत्येक स्तर पर कार्य किया जाये एवं पूर्ण नामांकन तथा ठहराव के लक्ष्य को अर्जित करने वाली संस्थाओं, संस्थाप्रधानों, शिक्षकों एवं अन्य सहयोगियों को प्रोत्साहित किया जाये। साथ ही कोविड -19 के कारण जिन बच्चों ने अपने माता-पिता संरक्षक अथवा दोनों को खोया है, उन्हें संबलन प्रदान करते हुये हाऊस होल्ड सर्वे में चिन्हित करवाते हुये मुख्यधारा से जोड़ा जाना सुनिश्चित करें इन बच्चों की सूचना "परिशिष्ट-2" (विशेष ध्यान देने वाले परिवारों के बच्चे में अंकित करें।

1.3 शत - प्रतिशत नामांकन ठहराव एवं शून्य ड्रॉप आउट वाली ग्राम पंचायतों को "उजियारी पंचायत" के रूप में चिन्हित किया जायेगा, जिसके सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश पृथक से जारी किये जायेंगे।

1.4 वर्ष 2020-21 के प्रवेशोत्सव अभियान में निदेशालय प्रारम्भिक / माध्यमिक शिक्षा विभाग एवं राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद्, जयपुर द्वारा नामांकन वृद्धि/ प्रवेशोत्सव दिशा निर्देश जारी किये गये थे , समस्त बालक-बालिकाओं की पहचान की जाकर विद्यालय स्तर पर रिकॉर्ड का संधारण किया जाना था। सत्र 2021-22 में प्रवेशोत्सव अभियान अन्तर्गत हाउस सर्वे के दौरान में संचारित रिकॉर्ड का अपडेशन किया जाकर इस वर्ष 3 वर्ष की आयु प्राप्त समस्त बच्चों को आंगनबाड़ियों में नामांकित किया जाना है। 0 से 18 वर्ष के समस्त को चिन्हित किया जाकर 3 से 5 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों को आंगनबाड़ियों एवं 5 से 18 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों को विद्यालयों में नामांकित किये जाने हेतु कार्यालयों एवं विद्यालयों द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य किये जाने आवश्यक है -

1.4.1 0 से 18 वर्ष आयुवर्ग के बालक/बालिकाओं की पहचान की जाकर रिकॉर्ड सधारित किया जाना एवं विगत वर्ष के सर्वे रिकॉर्ड का अपडेशन किया जाना |

1.4.2 चिन्हित बालक - बालिकाओं को आयु अनुरूप कक्षाओं में प्रवेशित किया आकर शालादर्पण पोर्टल पर प्रविष्टि करना।

1.4.3 0 से 18 वर्ष के बालक-बालिकाओं को विद्यालयों से जोड़ने के लिये ग्रामीण क्षेत्र में पीईईओ (सीआरसी) स्तर पर एवं शहरी क्षेत्र में यूसीईईओ स्तर पर कार्ययोजना बनाकर हाउस होल्ड सर्वे के लिये निर्धारित परिशिष्ट - 1 प्रपत्रानुसार चिन्हित करना एवं चिन्हित समस्त बच्चों के विद्यालयों से नहीं जुड़ पाने अथवा ड्रॉप आउट होने के कारण का पत्ता लगाकर उसी अनुसार कार्ययोजना बनाकर ऐसे बालक-बालिकाओं को विद्यालय से जोड़ा जाना |

1.4.4 समस्त अभिभावक/ ग्रामवासियों / स्थानीय निवासियों को बालक-बालिकाओं हेतु शिक्षण एवं प्रोत्साहन से सम्बन्धित विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना।

2. प्रवेशोत्सव के दौरान विभिन्न स्तरों पर अपेक्षित कार्यों का विवरण

2.1 विद्यालय स्तर पर किये जाने वाले कार्य :

2.1.1 अनामांकित / ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं हेतु :

1.आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हीकरण हेतु सीआरसी द्वारा अपने अधीनस्थ विद्यालयों को शामिल करते हुये वार्डवार अध्यापकों कि नियुक्ति कर हाऊस होल्ड सर्वे किया जाना है।

2. वार्डवार नियुक्त अध्यापकों द्वारा निर्वाचक नामावली एवं हाउस होल्स के आधार पर सर्वे किया जाकर 0 से 1 वर्ष के चिन्हित अनामांकित बालक-बालिकाओं की सूची तैयार की जायेगी।

3. उपरोक्त के अतिरिक्त सर्वे के दौरान बस स्टैण्ड निर्माणाधीन भवन गाँव के बाहर कोई छोटी बस्ती, ढाणी , मजरा पुरवा, खेत पर रहने वाले परिवार, मौसमी पलायन, कोविड के कारण प्रवासी मजदूरों के परिवार को भी सम्मिलित किया जाकर बालक-बालिकाओं को चिन्हित एवं सूचिबद्ध किया जायेगा।

4. हाउस होल्ड सर्वे में चिन्हित 3 से 18 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को आंगनबाड़ियों, विद्यालयों स्टेट ओपन, पत्राचार पाठ्यक्रमों अथवा अन्य शैक्षिक संस्थानों से आयु अनुरूप कक्षाओं में जोड़ा जायेगा | आंगनबाडियो एवं राजकीय विद्यालयों में प्रवेश योग्य समस्त बालक-बालिकाओं का विवरण निर्धारित प्रपत्रानुसार शालादर्पण पर OoSC मॉड्यूल में प्रविष्ट किया जायेगा।

5. हाउस होल्ड सर्वे में चिन्हित समस्त आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शाला दर्पण पोर्टल पर प्रविष्ट किया जाना है। इन बच्चों में से विद्यालयों में नामांकित किये गये बच्चों को शाला दर्पण पोर्टल पर नवप्रवेशित मॉड्यूल में आयु अनुसार प्रवेश से प्रविष्ट किया जाना है। जिन बच्चों को किन्हीं कारणो से विद्यालय में तुरन्त नामांकित नहीं किया जा सका है, ऐसे चिन्हित बच्चों का विवरण OSC मॉड्यूल में प्रविष्ट करना है।

6. Household सर्वे का कार्य प्रवेशोत्सव में पूर्ण किया जाकर चिन्हित बालक-बालिकाओं का उनके निवास स्थान के नजदीकी विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जायेगा तथा आवश्यकतानुसार Condensed Course / Bridge Course के माध्यम से विशेष शिक्षण कराया जाकर आयु अनुसार प्रवेशित कक्षा के स्तर पर लाया जायेगा।

2.1.2 पूर्व से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु

विद्यालय में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं का अगली कक्षा में नामांकन सुनिश्चित किया जायेगा |

2.1.3 विद्यालय में अध्ययनरत / अनामांकित / ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं के नामांकन हेतु किये जाने वाले अन्य कार्य

एसएमसी / एसडीएमसी की बैठकों में सभी सदस्यों एवं अभिभावकों को अपने बच्चों का राजकीय विद्यालयों में नामांकन बनाये रखने एवं अन्य अभिभावकों को नामांकन कराने बाबत प्रेरित किये जाने के संबंध में चर्चा की जाये। कोविंड-19 से सुरक्षा के सन्दर्भ में राज्य सरकार से जारी निर्देशों को ध्यान में रखते हुये कार्यवाही की जाये।

विद्यालय में 0 से 18 वर्ष आयु के समस्त नामांकित/आउट बालक-बालिकाओं से सम्बन्धित सूचनायें निर्धारित प्रपत्र में अद्यतन रखी जायें।

विद्यालय की निकटस्थ आंगनबाड़ी में नामांकित या अधिक वर्ष के बालक-बालिकाओं का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित किया जाये।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देशित किया जाये कि वह माताओं को प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान पात्र बालक-बालिकाओं को आँगनबाड़ी एवं विद्यालय में नामांकित करवाने हेतु प्रेरित करें।

चिन्हित अनामांकित बच्चों को विद्यालयों में नामांकित किये जाने के समय में वाय से चर्चा की जाकर प्राप्त फीडबैंक अनुसार ग्रामवासियों के सहयोग से समस्त बच्चों को विद्यालयों में नामांकित किये जाने का प्रयास किया जाये। नामांकित बच्चों को विद्यालय आने पर निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाये। पंचायत प्रमुख स्थानों यथा पंचायत भवन राजीव गांधी के सेवा केन्द्र, कृषि सेवा केन्द्र धार्मिक स्थल चौपाल स्थानीय बस स्टेण्ड आदि पर वार्डवार चिन्हित एवं नामांकित / अनामांकित बच्चों की सूची चस्पा की जाये।

सर्वे के दौरान चिन्हित बालक-बालिकाओं की सूची दावार ग्रामवार संधारित करना तथा स कार्यालय के माध्यम से शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट कराया जाये।

विद्यालय द्वारा गत सत्र के उस की प्रगति की समीक्षा की जाकर अनामांकित / ड्राप आउट बच्चों को चिन्हित कर विद्यालय में उनकी आयु अनुरूप कक्षा में नामांकित किया जाए।

  1. सर्वेकर्ता शिक्षक के दायित्व

3.1 हाउस होल्ड सर्वे अन्तर्गत अनामांकित व ड्रॉप आउट बच्चों की सूचना संबंधी प्रपन्न में प्रपत्र पूर्ण रूप से भरा जायें|

3.2 प्रपत्र पूर्ण रूप से भरा जावें एवं कोई कॉलम खाली न रहे।

3.3 आवंटित वार्ड में सुनिश्चित करें कि कोई भी घर ढाणी, वास (हेबीटेशन), पुरबा या अस्थाई परिवार कोविड-19 के कारण आये मजदूरों के परिवार सर्वे से वंचित न रहे।

3.4 सर्वे कार्य पूरा कर अनामांकित व ड्रॉप आउट बच्चों की सूची 3 से 5 वर्ष एवं 5 से अधिक 18 वर्ष तक के समूह में सम्बन्धित संस्था प्रधान को जमा करायें।

3.5 चिन्हित बालक-बालिकाओं की सूचना शाला दर्पण पोर्टल पर प्रविष्टि कराने में सीआरसी कार्यालय को सहयोग करें।

  1. सीआरसी स्तर पर किये जाने वाले कार्य

4.1 विद्यालय के अध्यापक, मेन्टर टीचर एवं समस्त अधीनस्थ विद्यालयों के संस्था प्रधान / हेड टीचर के साथ शैक्षणिक वर्ष हेतु तैयारी बैठक की जावे।

4.2 एसएमसी / एसडीएमसी एवं जन प्रतिनिधियों / प्रबुद्ध नागरिकों / सक्रिय ग्रामीणों / विद्यालय के पूर्व छात्र जो सम्मानित पदों पर कार्यरत है, के साथ विद्यालय में नामांकन हेतु चर्चा की जाकर सहयोग प्राप्त किया जावे।

4.3 ग्राम के विकास अधिकारी / कृषि पर्यवेक्षक / आगनबाड़ी कार्यकर्ता / एएनएम / अन्य विभागों के पंचायत स्तरीय कार्मिकों आदि के साथ नामांकन कार्यक्रम को साझा किया जावे एव हाउस होल्ड सर्वे हेतु पंचायत में वार्डवार नवीनतम निर्वाचक नामावली प्राप्त जाये।

4.4 वार्डवार अध्यापकों को नियुक्त किया जाकर हाउसहोल्ड सर्वे किये जाने के आदेश प्रसारित किये जायें।

4.5 समस्त संस्था प्रधान / हेड टीचर / टीचर को निर्देशित करें कि सर्वे के दौरान विद्यालय में नामाकन हेतु अभिभावकों को विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं एवं राज्य सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के संबंध में जानकारी देंगे।

4.6 वार्डवार नियुक्त अध्यापकों द्वारा निर्वाचक नामावली अनुसार एवं नामावली के अतिरिक्त हाउसहोल्ड का सर्वे किया जाकर 3 से 5 वर्ष एवं 5 से अधिक, 18 वर्ष तक की आयु के बालक-बालिकाओं की सूचना पीईईओ / यूसीईईओ (सीआरसी) निर्धारित प्रपत्र में तैयार किया जाकर निर्धारित प्रपत्र में संकलित किया जाये।

4.7 सर्वे में चिन्हित बालक-बालिकाओं की शाला दर्पण पोर्टल पर तुरंत प्रविष्टि/अपडेशन कराया जाना सुनिश्चित किया जाये।

4.8 हाउसहोल्ड सर्वे का कार्य प्रवेशोत्सव में आवश्यक रूप से पूर्ण कर लिया जाये चिन्हित बालक-बालिकाओं का शत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाये। ]\

4.9 प्रवेशोत्सव अभियान के समय सीआरसी स्तर पर हेल्प डेक्स (Help Desk) का भी गठन किया जाये।

4.10 चिन्हित अनामांकित / ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं को आयु अनुरूप कक्षा में प्रवेशित कर तथाआवश्यक होने पर विशेष शिक्षण कराया जाकर आयु अनुसार कक्षा का स्तर प्राप्त किया जाये।

4.11 अपने एवं अधीनस्थ विद्यालयों की एवं निकटस्थ आंगनबाड़ी केन्द्रों में नामांकित 5 वर्ष से अधिक आयु वाले बालक-बालिकाओं को विद्यालय में नामांकित करवाया जाना सुनिश्चित किया जाये एवं इस बाबत मेन्टर टीचर अपने विद्यालय में निकटस्थ स्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में सहयोग हेतु चर्चा करे एवं प्रगति की समीक्षा करें।

4.12 प्रवासी परिवार / श्रमिक परिवारों के बच्चों के चिन्हीकरण एवं नामांकन के सम्बन्ध में निदेशालय माध्यमिक शिक्षा बीकानेर के पत्रांक शिविरा / गाण्य / मा- द / 22492 / प्रवेशोत्सव / 2019-20 / 356 दिनांक 10.09.2020 की पालना सुनिश्चित करें। (संलग्न परिशिष्ट-2)

4.13 विद्यालय में नामांकित करवाये गये शिक्षा से वंचित (अनामांकित / ड्रॉप आउट), प्रवासी / श्रमिक परिवारों के बच्चों की सूचना की प्रविष्टि शाला दर्पण पोर्टल के सीआरसी मॉड्युल संलग्न परिशिष्ट-1 के अनुसार करना सुनिश्चित करें। साथ ही विशेष ध्यान देने वाले बच्चों की प्रविष्टि परिशिष्ट-2 के अनुसार एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रविष्टि परिशिष्ट-3 के अनुसार करना सुनिश्चित करें। जिसकी नियमित मॉनीटरिंग एवं रिपोर्टिंग सम्बन्धित सीबीईओ, एडीपीसी, डीईईओ प्रारम्भिक / माध्यमिक (मुख्यालय), सीडीईईओ, निदेशालय बीकानेर एवं परिषद कार्यालय द्वारा की जायेगी।

  1. ब्लॉक स्तर पर किये जाने वाले कार्य

5.1 ब्लॉक स्तर पर नामांकन बढ़ोतरी, अनामांकित / ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं के नामांकन ठहराव से सम्बन्धित समस्त गतिविधियों हेतु कार्ययोजना निर्माण एवं पर्यवेक्षण उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में गठित ब्लॉक स्तरीय निष्पादन समिति द्वारा किया जायेगा।

5.2 बैठक में बौडीओ, सीबीईओ आरपी

सीडीपीओ (महिला एवं बाल विकास विभाग सीआरसी द्वारा नामांकन प्रवेशोत्सव के संबंध में सहयोग एवं समन्वयन सुनिश्चित किया जायेगा।

5.3 ब्लॉक विकास अधिकारी द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया जाये कि समस्त पीईईओ को पंचायत की वार्ड वाइज नवीनतम निर्वाचक नामावली उपलब्ध करवायी जावें |

5.4 एसडीएम कार्यालय द्वारा शहरी क्षेत्र के सीआरसी को वार्डवाइज नवीनतम निर्वाचक नामावली उपलब्ध करवायी जावें |

5.5 ब्लॉक स्तरीय निष्पादक समिति की बैठकों में उपखण्ड अधिकारी द्वारा नामांकन बढ़ोतरी, अनामांकित ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं के नामांकन एवं ठहराव में लक्ष्य के विरुद्ध की गई प्रगति की समीक्षा की जायेगी।

5.6 नामांकन बढ़ोतरी अनामांकित ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं के नामांकन एवं ठहराव हेतु सीआरसी द्वारा किये जायेंगे जिसकी मॉनीटरिंग सीबीईओ कार्यालय द्वारा की जायेगी।

5.7 ब्लॉक स्तर पर शहरी क्षेत्रों में निर्वाचक नामावली के साथ-साथ बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख धार्मिक स्थलों/चौराहों निर्माणाधीन भवन, बेघर/घुमन्तु / मौसमी पलायन एवं कच्ची बस्ती के परिवारों का भी सबै किया जाकर 0 से 18 वर्ष के बालक-बालिकाओं को चिन्हित एवं सूचीबद्ध किया जाये।

5.8 सीआरसी (शहरी/ग्रामीण) द्वारा चार्डवार एवं क्षेत्रवार चिन्हित बालक-बालिकाओं को शाला दर्पण पोर्टल पर प्रविष्टि कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।

5.9 ब्लॉक स्तरीय समिति द्वारा 2 सदस्य टीम गठित कर अपने ब्लॉक के कम से कम 10 प्रतिशत विद्यालयों के सर्वे का रैंडम वैरिफिकेशन कराया जाये एवं वैरिफिकेशन रिपोर्ट जिले को प्रस्तुत की जाये।

6. जिला स्तर पर किये जाने वाले कार्य

6.1. जिला स्तर पर नामांकन बढ़ोतरी,अनामांकित / ड्रॉप आउट बालक - बालिकाओ के नामांकन एव ठहराव से संबंधित समस्त गतिविधियों हेतु कार्ययोजना निर्माण एव पर्यवेक्षण मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यस्था में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा |

6.2 बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला जन संपर्क अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा०मा०) को आमंत्रित किया जाकर सहयोग एवं समन्वयन सुनिश्चित किया जायेगा।

6.3 मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद द्वारा समस्त ब्लॉक विकास अधिकारियों के माध्यम से ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारियों को निर्देशित किया जाये कि समस्त सीआरसी को पंचायत की वार्डवार नवींतम निर्वाचक नामावली उपलब्ध करवाई जाये |

6.4 जिला कलक्टर कार्यालय द्वारा समस्त ब्लॉक के एसडीएम कार्यालय के माध्यम से शहरी क्षेत्र के सीआरसी को वार्ड वाइज नवीनतम निर्वाचक नामावली उपलब्ध करवायी जावे।

6.5 उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समस्त सीडीपीओ के माध्यम से समस्त आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों / कार्यकर्ताओं / सहायिकाओं को कार्यक्रम में आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु निर्देशित किया जाये।

6.6 मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विभिन जिला स्तरीय अधिकारियो की टीमें बनाकर विद्यालयों में नामांकन बढोतरी , अनामांकित / ड्रॉप आउट बालक - बालिकाओ के नामांकन एव ठहराव से सम्बंधित गतिविधियों का सघन पर्यवेक्षण एव प्रगति की समीक्षा नियमित रूप से करवाई जाये |

6.7 मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 2 सदस्यीय टीम गठित कर अपने जिले के समस्त ब्लॉक के कम से कम 5 प्रतिशत विद्यालयों के सर्वे का रैंडम वेरिफिकेशन कराया जावे |

  1. गैर सरकारी संस्थाओं की भूमिका

सरकारी विद्यालयों में नामांकन ड्रॉप आउट / अनामांकित बालक-बालिकाओं को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये जिला, ब्लॉक, पंचायत एवं स्थानीय स्तर पर कार्यरत गैर सरकारी संस्थाओं स्वैच्छिक संस्थाओं / समूहों का यथासम्भव सहयोग लिया जाये एवं परिषद कार्यालय द्वारा MOU की गयी NGO उक्त कार्य में विशेष सहयोग प्रदान कर सूचना परिषद कार्यालय को प्रेषित करेंगे।

8. प्रचार-प्रसार

8.1 नवीन शैक्षणिक वर्ष प्रारम्भ होने से पूर्व विद्यालयों में नामांकन हेतु प्रत्येक स्तर पर व्यापक प्रधान प्रसार किया जाये।

8.2 कोविड-19 को ध्यान में रखते हुये प्रचार-प्रसार के मीडिया माध्यमों प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रोनिक मीडिया आदि का उपयोग किया जाये नामांकन जागरूकता हेतु लोकल मीडिया का भी सहयोग लिया जाये।

8.3 अनामांकित / ड्रॉप आउट बच्चों के विद्यालय में नामांकन हेतु जिला ब्लॉक व पंचायत के मुख्य स्थानों यथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड ,मन्दिर, सामुदायिक केन्द्र आदि पर दीवार लेखन लाउड स्पीकर पैम्फलेट वितरण एवं बैनर्स लगाये जाये।

8.4 ग्राम/वार्ड विद्यालयों से

वंचित हुये बच्चों को पुनः शिक्षण से जोड़ने के लिये अभिभावकों को प्रेरित किया जाये |

9. सराहनीय कार्य करने वाले संस्था प्रधानों / शिक्षकों / अभिभावकों को प्रोत्साहन

9.1 प्रत्येक विद्यालय / सीआरसी (ग्रामीण / शहरी स्तर पर नामांकन के लिये उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय दिवसों के कार्यक्रम में सम्मानित किया जाये।

9.2 प्रत्येक पंचायत समिति नगर पालिका में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन संस्थानों शिक्षकों को उपखण्ड स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में सम्मानित किया जाये।

9.3 प्रत्येक जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले पाँच संस्थाप्रधानों शिक्षकों को जिला स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में सम्मानित किया जाये।

9.4 राज्य स्तर पर शिक्षा संकुल में आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में प्रत्येक जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले एक संस्था प्रधान को सम्मानित किया जाये।

9.5 श्रेष्ठ कार्य करने वाले विद्यालय / संस्थाप्रधान / शिक्षक का चयन राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् द्वारा बनाये गये मानदण्डों के आधार पर किया जायेगा और इस बाबत परिषद द्वारा अलग से दिशा निर्देश जारी किये जायेंगे

9.6 प्रत्येक ब्लॉक के सर्वाधिक नागपाले दो उच्च माध्यमिक विद्यालयों एक माध्यमिक विद्यालय एक 9.7 उच्च प्राथमिक विद्यालय एक एक प्राथमिक विद्यालय को अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जायेगा।

9.7 प्रत्येक ब्लॉक में वर्तमान सत्र में सर्वाधिक नामांकन वृद्धि करने वाले दो उच्च माध्यमिक विद्यालयों एक माध्यमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं एक प्राथमिक विद्यालय को अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जायेगा।

10. शैक्षिक सत्र 2021-22 में किसी भी प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय माध्यमिक विद्यालय अथवा उच्च माध्यमिक विद्यालय के नामांकन में अप्रत्याशित कमी आने पर जिम्मेदारी तय की जाकर आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही की जायेगी।

11. कोविड-19 को ध्यान में रखते हुये भारत सरकार राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों की पालना अक्षरश की जानी है साथ ही सम्मान समारोह कार्यक्रम आदि के आयोजन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशानुसार पालना सुनिश्चित कराये।