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Preparation for pension case of Government Employee in Rajasthan

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राज्य सरकार के कार्मिकों हेतु पेन्शन प्रकरण की तैयारी !

एक कर्मचारी जब अधिवार्षिकी, अनिवार्य या स्वैच्छिक रूप से सेवानिवृत्त होने पर चाहता है कि उसे सभी लाभ यथा पेन्शन, उपादान (ग्रेच्युटी) पेन्शन रूपान्तरण आदि का भुगतान शीघ्र प्राप्त हो। 01.01.2004 या उसके बाद नियुक्त राजकीय कर्मचारियों को यह लाभ देय नहीं है। आदेश सं. एफ 15 (7)वित्त/नियम/97 दिनांक 14.1.2004 प्रभावी 01.01.2004 से सभी भुगतान समय पर प्राप्त करना तभी सम्भव है जब सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी का पेन्शन प्रकरण निदेशक, पेन्शन या उसके द्वारा अधिकृत खण्ड कार्यालय को उसकी सेवानिवृत्ति से 6 माह पूर्व भेजा जाए। इसके लिए सम्बन्धित कार्यालयाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष का पेन्शन प्रकरण बनाने की प्रक्रिया 2 वर्ष पूर्व (नि. 78,79) प्रारम्भ कर देनी चाहिए। पेन्शन प्रकरण तैयार करने में कर्मचारी का सहयोग भी अपेक्षित है। कर्मचारी व कार्यालयाध्यक्ष स्तर पर निम्नलिखित कार्यवाही अपेक्षित है।

(क) कर्मचारी स्तर पर -

(i) सर्वप्रथम स्वयं कर्मचारी को अपनी सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पूर्व विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष को पेन्शन के लिए आवेदन पत्र निम्न दस्तावेज पूर्ण कर संलग्न करने चाहिए-
(ii) पूर्व पेन्शन/उपादान प्राप्त नहीं किया है का घोषणा/शपथ-पत्र पर नमूने के हस्ताक्षर की चार प्रतियाँ
(iii) संयुक्त आवक्ष छायाचित्र (पति/पत्नी) तीन प्रतियाँ,
(iv) सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी आवास का अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्त करें।(ख) पेन्शन प्रकरण तैयार करने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यालयाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष को दिया गया है। अतः उन्हें कार्मिक की मूल सेवा पुस्तिका व पेन्शनकुलक तैयार कर 6 माह पूर्व पेन्शन विभाग को भेजनी चाहिए।

सेवा पुस्तिका -

(i) कर्मचारी की सेवा पुस्तिका की पूर्ति से पूर्व नि. 78 के अनुसार उस कर्मचारी के सेवानिवृत्ति के आदेश प्रपत्र 6 में प्रसारित किए जाते हैं। तत्पश्चात् उसकी सेवा पुस्तिका में निम्न बिन्दुओं की पूर्ति की जाती है। जिससे सेवा पुस्तिका पेन्शन प्रकरण में भेजे जाने से पूर्व पूर्ण हो व पेन्शन निर्धारण हेतु सेवा काल की गणना
आदि भी सही ज्ञात हो सके।
(ii) सेवा पुस्तिका में कर्मचारी की सही जन्मतिथि उपरिलेखन (कटिंग) होने पर प्रमाण सहित सत्यापित की जाए।
(iii) प्रथम नियुक्ति आदेश की दिनांक सहित प्रविष्टि की जाँच व पूर्ति।
(iv) अंतिम वेतन (परिलब्धियाँ) मय विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन आदि सहित की प्रविष्टि।(v) कर्मचारी के अंतिम पद पर स्थायीकरण की
प्रविष्टि । यदि नहीं है तो नि. 45 में नियुक्ति अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र संलग्न करें।
(vi) नियुक्ति दिनांक से सेवानिवृत्ति दिनांक का वर्षवार सेवा सत्यापन जिससे सेवा अवधि की सही गणना की जा सके।
(vii) कर्मचारी के ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेने पर उसके आवेदन का उल्लेख मय प्राप्ति दिनांक सहित ।
(viii) पूर्व सेवानियम (पेन्शन) 53 (2)
के अन्तर्गत अनिवार्य सेवानिवृत्त देने पर बाद में पुनः सेवा में लिया गया हो तो उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर दिए गए लाभ यथा पेन्शन, प्रोविजनल पेन्शन, ग्रेच्युटी, प्रोविजनल ग्रेच्युटी, कम्युटेशन,नोटिस वेतन आदि व इनकी वसूली करने की सम्पूर्ण जानकारी, बिल नम्बर दिनांक मय टी.वी. नम्बर व दिनांक, चालान दिनांक आदि सहित।
(ix) राजपत्रित कर्मचारी के मामले में 31.12.74 व 31.12.76 तक महालेखाकार राजस्थान,जयपुर द्वारा किए गए सेवा सत्यापन का मूलवृत या प्रमाण-पत्र सेवा-पुस्तिका में संलग्न करें।
(x) कर्मचारी की निर्धारित आयु सीमा से बाद नियक्ति हो तो उसके नियमितिकरण की प्रविष्टि व प्रमाणीकरण संलग्न करें।
(xi) सेवा अवधि में मिले दण्ड व पदोन्नतियों का इन्द्राज पूर्ण हो।
(xii) सेवा अवधि में निलम्बन व उसके अर्हककारी सेवा प्रभावित होने का स्पष्ट उल्लेख करें।
(xiii) सेवा में आए व्यवधान और उससे सेवा में गिने जाने हेतु कोई आदेश हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख व प्रति संलग्न करें।
(xiv) यदि कर्मचारी ने असाधारण अवकाश बिना चिकित्सा प्रमाण-पत्र उच्च शिक्षा हेतु व प्राकतिक विपदा के कारण लिया हो तो उस अवधि को पेन्शन योग्य गिने जाने हेतु सक्षम अधिकारी के आदेश की प्रविष्टि व प्रति संलग्न करें।
(xv) अध्यापकों के मामले में उनकी सेवानिवृत्ति जनवरी के बाद होने के कारण उन्हें सत्र के अन्त तक कार्यरत रखे जाने की सक्षम अधिकारी द्वारा
जारी स्वीकति संलग्न करें व सेवा-पुस्तिका में तत्सम्बन्धी प्रविष्टि करें।
(xvi) यदि कर्मचारी के वेतन स्थिरीकरण बकाया हो तो उनकी पूर्ति कार्यालय/विभाग के लेखाधिकारी/स.लेखाधिकारी से हस्ताक्षर सहित करवाएं। सेवा-पुस्तिका पेन्शन हेतु भेजने से पूर्व लेखा संवर्ग के वरिष्ठ कर्मचारी/अधिकारी द्वारा वेतन स्थिरीकरण पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र अंकित किया जाए। वेतन सही है, मय हस्ताक्षरों के पूर्ति करवाएं। साथ ही यदि वार्षिक वेतन वृद्धि चयनित वेतनमान की जाँच करें व वसूली हो तो पेन्शन विभाग को सूचित करें। (आदेश प.1(1) वित्त/जीएण्डटी/2004 दिनांक 10.05.2004) (xvi) यदि कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर/ विदेश सेवा में रहा हो तो उसकी प्रविष्टि सेवा-पुस्तिका में अवधि सहित करें। साथ ही अवधि के अंशदान की राशि जमा कराने का पूर्ण विवरण लिखें। (xvii) नियम 59 के अनुसार कर्मचारी की सेवानिवृत्ति/ मृत्यु उपादान का भुगतान प्राप्ति हेतु मनोनयन पत्र सेवा-पुस्तिका में अंकित करें। सामान्यतः सेवा में नियुक्ति पश्चात् मनोनयन पत्र सेवा-पुस्तिका में संलग्न करना चाहिए।
(xix) यदि दीर्घकालीन ऋण लिए हों तो उसका इन्द्राज सेवा-पुस्तिका में लाल स्याही से करें।

पेन्शनकुलक -

पेन्शन प्रकरण में दूसरा महत्वपूर्ण प्रपत्र पेन्शनकुलक हैं। यह भी एक पुस्तिका/रजिस्टर के रूप में होता है। वर्तमान में 1.10.96 से नए नियम प्रभावी हुए हैं उनके अनुसार तैयार रजिस्टर में, नियमों के अनुरूप सही प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं। कुलक सम्बन्धी वांछित सूचना कर्मचारी से प्राप्त कर कार्यालयाध्यक्ष द्वारा पूर्ण की जाती है।अधिकांश सूचना सेवा-पुस्तिका तैयार करते समय यद्यपि पूर्ण कर दी जाती है। फिर भी उसकी पूर्तियाँ कुलक में संलग्न/निर्धारित प्रपत्र में भी करनी होती है। पेन्शनकुलक में प्रमुख रूप से निम्न प्रमाण-पत्र व सूचना/विवरण पूर्ण करना होता है-
(i) पेन्शन विभाग को पेन्शन प्रकरण अग्रेषित करने का पत्र जो प्रपत्र 8 नियम 83 के अनुसार पूर्ण होना चाहिए।
(ii) कर्मचारी का डाक का स्थायी पता मय तीन फोटो, प्रपत्र 5 (क) तीन प्रतियों में
(iii) सेवानिवृत्ति आदेश-प्रपत्र 6 (नि. 78),
(iv) परिवार का विवरण-प्रपत्र 3 (नि. 74),
(v) अर्हककारी सेवा का विवरण (अवधि) मय अंतिम वेतन/परिलब्धियाँ प्रपत्र 7 (नि.80, 82,83).
(vi) सरकारी बकाया का विवरण- प्रपत्र 7 (अनुलग्नक-1).
(vii) अंतिम वेतन प्रमाण-पत्र यदि सेवा में रहते प्रकरण भेजा हो तो अस्थायी वेतन प्रमाण-पत्र-प्रपत्र 31 (नि.8,96).
(viii) अदेय - प्रमाण-पत्र-प्रपत्र 28 (नि.94). (ix) स्थानापन्न वेतन का प्रमाण-पत्र-प्रपत्र 32 (नि. 45),
(x) दीर्घकालीन ऋण न लेने का प्रमाण-पत्र-प्रपत्र 28 (नि.94).
(xi) आवासीय सुविधा-प्रपत्र 27 (नि.79)कर्मचारी जिस कोष/उपकोष कार्यालय से अपनी पेन्शन का भुगतान चाहता है का उल्लेख किया जाए। यदि राज्य से बाहर भुगतान लेना है तो एक अतिरिक्त प्रति संलग्न करनी चाहिए जिससे राजस्थान के महालेखाकार द्वारा उस राज्य के सम्बन्धित लेखाधिकारी का पी.पी.ओ. आदि की प्रतियाँ भेजी जा सकें।पेन्शन सैट में अंतःकालीन पेन्शन/ग्रेच्युटी की स्वीकृति व भुगतान का विवरण स्पष्ट अंकित करें। कर्मचारी ने अपने सेवाकाल में अपनी ग्रेच्युटी की राशि जिस व्यक्ति के नाम निर्देशित की हो वह मूल प्रति प्रकरण के साथ भेजी जाए। नाम निर्देशन की आपूर्ति पूर्व में ही कर ली जानी चाहिए।कर्मचारी से उसकी पेन्शन या सेवानिवृत्ति उपादान से देय, किया जाए। बकाया की कटौती की सहमति का घोषणा-पत्र प्राप्त कर संलग्न किया जाए।पेंशन कुलक में पेन्शन, पेन्शन रूपान्तरण, ग्रेच्युटी, परिवार पेन्शन के संगणना प्रपत्र भी पूर्ण करें। इसके लिए वर्तमान में नए वेतनमान के आदेशों के साथ पेन्शन आदि की गणना हेतु सूत्र दिया गया है। उसके अनुसार कर्मचारी को सेवानिवति लाभ निम्न प्रकार दर्शाय जाएं व उनकी गणना की जाए-(1) पेन्शन = अंतिम आहरित परिलिब्धियां/2x
- पेन्शन योग्य सेवा की पूर्ण 6 माही अवधि/66(अ) यहाँ वर्तमान में परिलब्धियों से आशय मूल वेतन (पे-बैण्ड + ग्रेड-पे) + विशेष वेतन (नॉन क्लिनिकल भत्ता व नॉन प्रेक्टिसिंग भत्ता आदि से है।)
(ब) पेन्शन योग्य सेवा जो कर्मचारी ने नियुक्ति से सेवानिवृति तक की है, जिसमे अमान्य सेवा घटाने के पश्चात यदि कोई हो तो जो अवधि आएगी यथा 34 वर्ष 4 माह 20 दिन तो 6 माह की अवधि होगी 69 चूंकि तीन माह से अधिक को एक 6 माही माना जाएगा (2 माह 20 दिन का नही) लेकिन 33 वर्ष की सेवा से अधिक की गिनती नहीं होगी। अतः यहाँ 66 छ:माही गिने जाएंगे। यदि सेवा अवधि 30 वर्ष 6 माह है तो यह 61 माही अवधि होगी-61/66
(2) उपादान = सेवानिवृत्ति/ मृत्यु उपादान = अंतिम आहरित परिलब्धियाँ + म. भत्ता x
पेन्शन योग्य सेवा की 6 माह अवधियाँ (यह परिलब्धियों का 16.50 गुणा तक या 20 लाख जो भी कम हो)
(3) पेन्शन रूपान्तरण = स्वीकृत पेन्शन x 1/3 x 12 x रूपान्तरण फैक्टर वह होगा जिस आयु पर कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है। उसके अगली आयु के सामने रूपान्तरण टेबल में दिखाई गई राशि जैसे 58 वर्ष में सेवानिवृत्त होता है तो 59 वर्ष के सामने की फैक्टर राशि, 60 वर्ष में होता है तो 61वर्ष के सामने दिखाई गई फैक्टर राशि से गुना करने पर जो राशि आएगी वह रूपान्तरित राशि कर्मचारी की पेन्शन में से काटी जाएगी।
(4) परिवार पेन्शन = परिलब्धियों का 30% या
न्यूनतम 3025 (परिवार पेन्शन सेवानिवृत्ति पश्चात् 65 पूर्ण करने पर हुई मृत्यु पर यहाँ बताई गई है।
(xvii) इस प्रकार उक्त तरीकों से गणना कर पेन्शनकुलक में यथा स्थान (पृष्ठों) पर दर्शाया जाना चाहिए। उक्त गणना तभी सही होगी
जब कि परिलब्धियाँ व पेन्शन योग्य सेवा अवधि सही ढंग से ज्ञात कर लिखी गई है। इसके अतिरिक्त प्रकरण में पेन्शनकुलक के साथ निम्न प्रपत्र व प्रमाण-पत्र भी अवश्य संलग्न किये जाने चाहिए।
(1) अंतिम वेतन भुगतान पत्र,
(2)सी.पी.एफ. का प्रमाण-पत्र.
(3) दीर्घकालीन ऋण का विवरण/प्रमाण-पत्र,(4) विभागीय जाँच न होने का प्रमाण-पत्र।
यदि जाँच बकाया है तो पेन्शन रूपान्तरण देय नहीं होगा।
(5) अदेयता प्रमाण-पत्र, (विभिन्न विभागों व स्वयं कार्यालय का)
(6) वैध संरक्षक का प्रमाण-पत्र
(7) असाधारण अवकाश व अनर्हकारी सेवा का विवरण यदि नहीं है तो Nil का विवरण ही संलग्न करें।
(8) सेवानिवृत्ति आदेश की प्रति
(9) नमूने के हस्ताक्षर।इस प्रकार पेन्शन प्रकरण पूर्ण कर सम्बन्धित कार्यालयाध्यक्ष को अराजपत्रित कर्मचारी के मामले में विभाग को 6 माह पूर्व भेज देना चाहिए। नियुक्ति अधिकारी/ सक्षम अधिकारी के मामलों में सम्बन्धित अधिकारी के द्वारा राजपत्रित अधिकारी व कार्यालयाध्यक्ष के मामले में प्रकरण विभागाध्यक्ष द्वारा भेजा जाएगा।

प्रश्न- पेंशन प्रकरण के साथ भिजवाने वाले आदेश व प्रमाण पत्र कौन कौन से है ?

1. पेंशन प्रकरण भेजने का office का forwarding letter
2.पेंशन कुलक 3 प्रतियाँ (1 प्रति स्कूल) CBEO के द्वारा.........
3. सेवानिवृति आदेश (विभाग तथा school का)
4. सेवानिवृत्ति तक की PL अग्रिम जोड़नी है सर्विस बुक में।
5. सेवानिवृत्ति तक की अग्रिम सेवा प्रमाणित करना।
6.LPC सेवानिवृत्ति तिथि के दिन तक के वेतन के अनुसार।
7. 17 बिंदुओं वाला अंग्रेजी में capital letters का फॉर्मेट
8. Pay manager की latest pay slip
9. मूल सेवा पुस्तिका सभी प्रविष्टियों को पूर्ण करके।
10. विभागीय जांच(16&17cc)लंबित नहीं होने का प्रमाण पत्र
11.कार्यालय से लिया गया NOC प्रमाण पत्र
12.Bank Passbook की साफ प्रति।
13. PL वाले पेज की फ़ोटो कॉपी रख लेवें ताकि पेंशन प्रकरण भेजने बाद कार्मिक PL लें तो फ़ोटो कॉपी में से कम की जा सकें।
14.Accountant CBEO से सेवा पुस्तिका के अंत में प्रमाणीकरण।

पेंशन व पेंशनर्स कल्याण विभाग को प्रेषित किये जाने वाले पेंशन प्रकरणों के पेंशन कुलक में पेंशनर्स की आईडी व कार्यालय की आईडी को दर्ज करने बाबत।

अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने पर कार्मिक के सेवा - निवृत्ति पश्चात पेंशन हेतु की जाने वाली आवश्यक कार्यवाही के बारे में जानकारी देवे।

राजस्थान सेवा नियम भाग प्रथम के अध्याय -9 नियम 56 एवं वित्त विभाग राजस्थान सरकार की अधिसूचना क्रमांक :- एफ.1( 6) वि.वि./नियम/98 दिनांक 25-5-2004 के अनुसार एक सरकारी कर्मचारी की अनिवार्य सेवा निवृति की दिनांक उस माह के अंतिम दिन के अपराह्न को होगी जिसमें वह 60 वर्ष की आयु प्राप्त करता है ।

कार्मिक की सेवा निवृत होने की तिथि से 6 माह पूर्व कार्यालय अध्यक्ष पेंशन प्रकरण तैयार कर CBEO/ CDEO / नियुक्ति अधिकारी कार्यालय के माध्यम पेंशन विभाग को प्रेषित करेंगे ।

*सेवा निवृत्ति और पेंशन हेतु की जाने वाली कार्यवाही*👇

1. पेंशन कुलक तीन प्रतियों में - (i) पेंशन कुलक की समस्त प्रविष्ठियां पूर्ण करनी है ।
(ii) 3 पेंशन कुलक हेतु 9 फोटोग्राफ पासपोर्ट साइज ( संयुक्त फोटोग्राफ नॉमिनी) जो डीडीओ से अनुप्रमाणित होने चाहिए ।
(iii) पेंशन कुलक में एक फॉर्मेट आता है जिसे अंग्रेजी में भरना होता है उस फॉर्मेट में कर्मचारी का वही नाम लिखा होना चाहिए जो पे मैनेजर और सेवा पुस्तिका में है ।

2. सेवा पुस्तिका सेवा निवृत्ति तिथि तक पूर्णतया संधारित की हुई होनी चाहिए । जैसे:- GA 126 नॉमिनी फॉर्म, जन्म तिथि प्रमाणित, सेवा का सत्यापन्न, नियुक्तियों का लेखा, अवकाश लेखा, वेतन वृद्धि, कार्यमुक्त किए किए जाने का इंद्राज आदि।

3.- सेवा निवृत्ति आदेश की प्रति।

4.- राजस्थान सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 एवं 17 के अन्तर्गत किसी प्रकार की विभागीय कार्यवाही/जांच प्रस्तावित/ लंबित नहीं होने का प्रमाण पत्र।

5.- कार्यमुक्त किए जाने का आदेश।

6.- अदेय प्रमाण पत्र

7.- राजकीय आवास आवंटित नहीं होने का प्रमाण पत्र।

8.- किसी भी प्रकार का ऋण बकाया नहीं होने का प्रमाण पत्र।

9.- प्रोविजनल अंतिम भुगतान पत्र।

10.- सेवा संतोषजनक प्रमाण पत्र।

11.- गत भुगतान पत्र ( पे मैनेजर से निकाला हुआ)

12.- अवकाश लेखा पूर्ण कर उसकी छाया प्रति, अर्द्ध वेतन अवकाश अवकाश तथा उपार्जित अवकाश शेष होने का प्रमाण पत्र ( यह कार्यालय स्तर पर रखना है )

13- पे मैनेजर से लेटेटस्ट pay slip

14- 300 दिन PL के भुगतान के लिए आफिस आई डी सहित डिमांड का फॉर्मेट

15- प्रथम नियुक्ति से सेवानिवृति तक का संस्थापन विवरण

16- कोई राजकीय लोन जैसे भवन या वाहन ऋण लिया है तो जिला कोषालय द्वारा जारी No Dues प्रमाण पत्र

*नॉट:-जिनकी जन्म दिनांक माह की पहली दिनांक है वह पूर्व माह के अंतिम दिन सेवा निवृत्त होगा। जैसे किसी कार्मिक की जन्मतिथि 1/07/1960 है तो उनकी सेवानिवृति 30/06/2020 को होगी।*

Tags: 01.01.2004 या उसके बाद नियुक्त राजकीय कर्मचारियों को पुरानी योजना पेंशन देय नही8283)96)अंतिम वेतन प्रमाण-पत्र यदि सेवा में रहते प्रकरण भेजा हो तो अस्थायी वेतन प्रमाण-पत्र-प्रपत्र 31 (नि.8अंतिम वेतन भुगतान पत्रअदेय - प्रमाण-पत्र-प्रपत्र 28 (नि.94)अदेयता प्रमाण-पत्रअर्हककारी सेवा का विवरण (अवधि) मय अंतिम वेतन/परिलब्धियाँ प्रपत्र 7 (नि.80आदेश प.1(1) वित्त/जीएण्डटी/2004 दिनांक 10.05.2004आदेश सं. एफ 15 (7)वित्त/नियम/97 दिनांक 14.1.2004 प्रभावी 01.01.2004 सेआवासीय सुविधा-प्रपत्र 27 (नि.79)उपादान (ग्रेच्युटी) पेन्शन रूपान्तरणकम्युटेशनग्रेच्युटीचालानदीर्घकालीन ऋण का विवरण/प्रमाण-पत्रदीर्घकालीन ऋण न लेने का प्रमाण-पत्र-प्रपत्र 28 (नि.94)नमूने के हस्ताक्षरनोटिस वेतनपरिवार का विवरण-प्रपत्र 3 (नि. 74)परिवार पेन्शनपूर्व सेवानियम (पेन्शन) 53 (2)पेन्शनपेन्शन प्रकरण की तैयारीपेन्शन प्रकरण बनाने की प्रक्रिया 2 वर्ष पूर्व से प्रारम्भ करनी चाहिएपेन्शन रूपान्तरणपेंशन कुलक में पेन्शनप्रपत्र 8 नियम 83प्रोविजनल ग्रेच्युटीप्रोविजनल पेन्शनबिल नम्बर दिनांक मय टी.वी. नम्बर व दिनांकराज्य सरकार के कार्मिकों हेतु पेन्शन प्रकरण की तैयारीलेखाधिकारी/स.लेखाधिकारीवैध संरक्षक का प्रमाण-पत्रसरकारी बकाया का विवरण- प्रपत्र 7 (अनुलग्नक-1)सी.पी.एफ. का प्रमाण-पत्रसेवानिवृत्ति आदेश की प्रतिसेवानिवृत्ति आदेश-प्रपत्र 6 (नि. 78)सेवानिवृत्ति के आदेश प्रपत्र 6 में प्रसारित किए जाते हैंस्थानापन्न वेतन का प्रमाण-पत्र-प्रपत्र 32 (नि. 45)