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| On 2 years ago

Primary education: The experience of child psychology.

प्राथमिक शिक्षा: बाल मनोविज्ञान की अनुभूति।

1. छोटे बच्चे एक दूसरे को नकल नही मारने देते। अगर कोई नकल मारे तो वे तुरंत टीचर को शिकायत करते है।
2. छोटे बच्चे एक दूसरे को फोलो करते है। अगर टीचर एक की कोई हेल्प करती है तो दूसरे भी टीचर से हेल्प की मांग करेंगे।
3. छोटे बच्चें अपने टीचर से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते है।
4. हर छोटे बच्चे की अलग अलग आवश्यकताए होती है अतः हमें इंडिविजुअल डिफरेंस पर काम करना चाहिए।
5. छोटे बच्चों में अगर कोई कमजोरी हो तो उनकी हेल्प करनी चाहिए लेकिन उसको यह बात बार बार नही बतानी चाहिए।
6. बच्चों की मानसिक क्षमता अलग अलग होती है अतः उनको उतना जरूर सिखाना चाहिए जितना वह सिख सके।
7. छोटे बच्चों को शिक्षण के दौरान उनके लिए बेसिक फेसिलिटी उपलब्ध करवानी चाहिए।
8. एक शिक्षक को सब बच्चों की एक जितनी हेल्प की जगह अलग अलग तरह की हेल्प करनी चाहिए।
9. बच्चों को टीचर से काम के दौरान उनके द्वारा किये गए काम की पुष्टि चाहिए होती है अतः उनको बीच बीच मे एश्योर करना चाहिए कि वे सही काम कर रहे हैं।
10. एक टीचर को बच्चों के साथ एक्टिविटी में भाग लेना चाहिए।
11. एक टीचर को बच्चों की मेडिकल व सोशल बैकग्राउंड

के बारे में जानकारी का प्रयास करना चाहिए।
12. एक टीचर को बच्चों के बीच की लड़ाई को सहजता से लेना चाहिए। जो बच्चा कम अग्रेसिव है पहले उसको डील करना चाहिए व ज्यादा अग्रेसिव को अलग ले जाकर शांत करना चाहिए।
13. एक टीचर का ध्यान बच्चों की एनर्जी को चेनेलाइज करने का प्रयास करते रहना चाहिए।
14. कुछ बच्चे टीचर को भी क्लास में परखने का प्रयास करते रहते है। इस हेतु
थोड़ा झुठ भी बोलते है।
15. बच्चों को पहले उनकी खुदकी अवलेबल नॉलेज से सम्बंधित उदाहरण देकर फिर कोई नई बात सिखानी चाहिए।
16. बच्चों को जब वे अच्छा करे तो उनकी तारीफ करके मोटिवेट करते रहना चाहिए।

ये समस्त टिप्स मुझे सुश्री संजीवनी चौहान ने दिए जो उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ काम करते समय ऑब्जर्व किये थे।

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  • शानदार सुझाव!

    छोटे बच्चों को सिखाने के लिए हमें खुद को उनके उम्र और अंदाज में ढलना पड़ेगा। आप तभी अपने पेशे के साथ सही न्याय कर पाएंगे।