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Procedure for disposal of Unusable, Obsolete, Unserviceable items.

अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया !

1. अनुपयोगी/अप्रचलित सामान का रजिस्टर प्रारूप एस.आर. 5 में संधारित किया जाता है जिस पर कार्यालयाध्यक्ष के हस्ताक्षर अनिवार्य है।

2. सामान को अनुपयोगी घोषित करने से पूर्व संबंधित अधिकारी उस वस्तु के उपयोग की न्यूनतम अवधि को ध्यान में रखेंगे। (जी.एफ.एण्ड ए.आर. के भाग II)

3. अनुपयोगी/अप्रचलित वस्तुओं का निरीक्षण एक समिति द्वारा किया जाएगा जिसमें वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी तथा सहायक लेखाधिकारी/लेखाकार/कनिष्ठ लेखाकार यथास्थिति होंगे।

4. अनुपयोगी सामान की सर्वे रिपोर्ट प्रारूप एस.आर. 6 में तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट पर समिति के सदस्यों तथा सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर होंगे।

5. अनुपयोगी/अप्रचलित सामान घोषित करने की शक्तियाँ संलग्न परिशिष्ट स के बिन्दु सं 36 में दी गई है।

6. 5 लाख या इससे अधिक मूल्य के वस्तुओं के मामलों में निरीक्षण के लिए बनी समिति में वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी वित्तीय सलाहकार/लेखाधिकारी एवं तकनीकी अधिकारी, जिसे वस्तुओं का ज्ञान हो, होंगे।

7. पुराने टाइपराईटर का निस्तारण राजकीय मुद्रणालय जयपुर द्वारा किया जाएगा। वाहनों के मामले में समिति में निम्नलिखित शामिल होंगे।
(क) विभागाध्यक्ष या उनका नामित व्यक्ति जो जिला स्तरीय अधिकारी के पद से नीचे का नहीं होगा।
(ख) संगठन का सबसे वरिष्ठतम लेखा अधिकारी, यदि कहीं कोई ऐसा लेखाधिकारी न हो तो संबंधित कोषाधिकारी।
(ग) यदि हो तो विभाग का

एक यांत्रिक अभियन्ता ऐसा कोई अभियन्ता ना हो तो मुख्य अधीक्षक मोटर गेरेज विभाग का एक प्रतिनिधि।

9. रुपये 50,000 तक का अनुपयोगी सामान होने पर स्थानीय अनुयोगी सामान के व्यवसायी (कबाडी) को पत्रों द्वारा सूचित कर दिया जाए तथा 7 दिन की नोटिस अवधि दी जाए। प्रतिलिपि नोटिस बोर्ड पर लगाए।

10. रुपये 50,000 से 2.50 लाख तक का अनुपयोगी सामान होने पर स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रसारित की जावें तथा 10 दिन की नोटिस अवधि दी जाए।

11. रुपये 250 लाख से 10 लाख तक के अनुपयोगी सामान के लिए अखिल भारतीय स्तर के समाचार/विज्ञप्ति प्रसारित की जाए तथा 15 दिन की नोटिस अवधि दी जाए। 10 लाख से अधिक पर 20 दिन की
अवधि दी जाए।

12. नीलामी कमेटियों का गठन जी.एफ.एण्ड एआर के भाग । के आर एन.22(1) में दिया गया है।

13. आरक्षण मूल्य वस्तुओं का निरीक्षण करने वाली समिति द्वारा निश्चित किया जाएगा।

14. नीलामी में भाग लेने वाली फर्मो से बयाना राशि 2 प्रतिशत न्यूनतम 500/अधिकतम 50000/- जिसका निर्धारण निलामी कमेटी द्वारा किया जाएगा।

15. अधिकतम बोलीदाता जिसके नाम बोली छोडी जाती है, से 25 प्रतिशत राशि उसी समय तथा शेष माल सुपुर्दगी के समय ली जाएगी।

16. माल उठाने के लिए 3 से 7 दिन का समय दिया जाएगा।

17. अन्य बोलीदाता की धरोहर राशि उसी दिन लौटा दी जाएगी।

18. नीलामी की राशि पर प्रचलित दरों पर वेट की राशि भी ली जाएगी।

19. निर्धारित अवधि में माल नहीं उठाने पर 25 प्रतिशत जमा राशि जब्त कर ली जाए।

20. नीलामी से प्राप्त राशि अगले दिन राजकोष में आमद मद में वेट की राशि सेल टेक्स के हेड में जमा करवाई जाए।

21. वाहनों को अनुपयोगी करने की शक्तियाँ (जी.एफ.एण्ड ए.आर.के भाग ॥ परिशिष्ठ 'बी') में दी गई हैं।

नीलामी प्रक्रिया के चरण।

22. नीलामी के पश्चात् विक्रय लेखा प्रारूप एस.आर.-7 में तैयार किया जाता है।

राजस्थान सरकार वित्त विभाग का परिपत्र