Procedure regarding Change of Name and Date of Birth of Students in Rajasthan.

विद्यार्थियों के जन्मतिथि/नाम परिवर्तन की प्रक्रिया।

विद्यार्थियों के नाम व जन्मतिथि परिवर्तन अथवा उनके माता-पिता के नाम में परिवर्तन की प्रक्रिया में सम्बंधित विद्यालय को प्रस्ताव बनाकर दस्तावेजों सहित जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करने का प्रावधान है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इन प्रस्तावों की पूर्ण जांचोपरांत सन्तुष्ट होने पर आवश्यक परिवर्तन की आज्ञा प्रदान की जाती है।

बोर्ड परीक्षा हेतु अत्रों के आवेदन पत्र अग्रेषित करने से पूर्व जन्मतिथि आदि को परिवर्तन करने की प्रक्रिया-

(1) उन परिस्थितियों में जहां लिपिकीय त्रुटि हुई हैं-

निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करना नितान्त आवश्यक है-
अ- यदि लिपिकीय त्रुटि उसी विद्यालय में हुई है तो छात्र का मूल प्रवेश आवेदन पत्र व अन्य मूल दस्तावेज यदि कोई हो जो जन्मतिथि के प्रमाणीकरण स्वरूप पिता या वास्तविक संरक्षक द्वारा प्रवेश के समय प्रस्तुत किये गए हों।

ब- यदि छात्र ने किसी अन्य विद्यालय की उच्चतम कक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् या किसी अन्य परिस्थिति में विद्यालय त्यागने के पश्चात्
विद्यालय में प्रवेश लिया है व लिपिकीय त्रुटि वर्तमान विद्यालय में हुई है तो पूर्व के विद्यालय का प्रवेश आवेदन पत्र मय मूल दस्तावेज के साथ ही वर्तमान विद्यालय का प्रवेश आवेदन पत्र मय मूल स्थानान्तरण प्रमाण पत्र जिसके आधार पर छात्र ने वर्तमान विद्यालय में प्रवेश लिया है।

स- संस्था प्रधान का मूल कथन जिसमें इस बात का उल्लेख हो कि लिपिकीय त्रुटि किन परिस्थितियों में हुई है। प्रधानाध्यापक का कथन विस्तार से स्पष्ट एवं तर्कसंगत हो।

नोट:- छात्र प्रवेश रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर व बोर्ड या विश्वविद्यालय के परीक्षा आवेदन पत्र में जन्मतिथि की त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि के लिए उत्तरदायी व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक रूप से कार्यवाही की जानी चाहिये। भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जाने चाहिए।

(1) ऐसे किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जायेगा, जिसके प्रवेश प्रार्थना पत्र पर छात्र के पिता /संरक्षक के हस्ताक्षर नहीं होंगे।
(2) प्रवेश प्रार्थना पत्र में की गई घोषणा के अतिरिक्त पिता अथवा वास्तविक संरक्षक से अलग कागज पर घोषणा पत्र प्राप्त किया।जाए जिसमें छात्र को सही जन्मतिथि की पुष्टि हो व इस बात का अनुबन्ध भी हो कि भविष्य में वे जन्मतिथि के परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई मांग नहीं करेंगे।

(2) ऐसे प्रकरण जिनमें कोई लिपिकीय त्रुटि न हो तथा जन्मतिथि परिवर्तन की मांग की गई हो।

उक्त परिस्थितियों में निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होंगे-
अ- नगरपालिका निगम को जन्म रजिस्टर की प्रति जहां पर बच्चे की जन्मतिथि का अंकन नियत समय पर किया गया हो न कि बाद में-
यहां उल्लेखनीय है कि नगरपालिका /नगर निगम के जन्म रजिस्टर में की गई प्रविष्टि जन्मतिथि परिवर्तन करने हेतु पर्याप्त एवं विश्वसनीय साक्ष्य नहीं है।
ब- ज्योतिषी द्वारा तैयार की गई जन्मपत्री।
स- अत्यन्त पुराना व नि:सन्देहात्मक ऐसा अभिलेखीय साक्ष्य जो सिविल वाद की स्थिति में न्यायालय में भी मान्य होता है।
द- विद्यालय का सम्बन्धित अभिलेख जैसे मूल प्रवेश प्रार्थना पत्र तथा मूल स्थानान्तरण प्रमाण पत्र जैसी भी स्थिति हो तथा स्कोलर रजिस्टर की प्रतिलिपि।
य- संस्था प्रधान की विद्यालय अभिलेख पर आधारित तथ्यात्मक टिप्पणी।

(3) ऐसे प्रकरण जिनमें जन्मतिथि विक्रम संवत् से ईसवी सन् में परिवर्तन करने से त्रुटि हुई हो।

ऐसे प्रकरणों में निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होंगे –
अ- संवत् का पंचाग।
ब- छात्र/छात्रा की मूल जन्मपत्री।
स- मूल प्रवेश प्रार्थना पत्र।
द- स्कोलर रजिस्टर की सही प्रमाणित प्रतिलिपि।
य- सक्षम न्यायालय द्वारा प्रमाणित पिता/ वैधानिक संरक्षक का हल्फनामा।

(4) ऐसे प्रकरण जिनमें पिता के नाम में परिवर्तन चाहा गया हो

ऐसे प्रकरणों में निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होगे-
अ- न्यायालय का प्रमाण पत्र जो विद्यार्थी के पिता के सही नाम को प्रमाणित करता हो।
ब- पिता का हलफनामा जिसमें छात्र/छात्रा के प्रवेश प्रार्थना पत्र में उनके सही नाम का उल्लेख
ना होने के कारणों /परिस्थितियों का उल्लेख हो।
स- मूल प्रवेश प्रार्थना पत्र।
द- स्कोलर राजिरर की प्रमाणित प्रतिलिपि।
य- विद्यालय अभिलेख के आधार पर संस्था प्रधान की तथ्यात्मक टिप्णी।

(5) ऐसे प्रकरण जिनमें छात्र के नाम में परिवर्तन चाहा गया हो।

ऐसे प्रकरणों में निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होंगे –
अ- नाम परिवर्तन चाहने वाले छात्र के पिता/ संरक्षक का हलफनामा जो सक्षम न्यायालय द्वारा प्रमाणित हो। हलफनामा में परिवर्तन चाहने के कारणों/ परिस्थितियों का तर्कसंगत व सन्तुष्टिपूर्ण विवरण हो।
ब- जो छात्र बोर्ड विश्वविद्यालय की परीक्षा में बैठ चुके हैं उनके प्रार्थना पत्र पर विचार नहीं किया जायेगा। वे अपनी समस्या का समाधान यदि चाहें, तो न्यायालय के माध्यम से करें।
इन समस्त प्रकरणों की विस्तृत जांच की जानी चाहिये व परिवर्तन की स्वीकृति पूर्ण सन्तुष्टि के पश्चात् तब जारी की जानी चाहिये जब इसके लिए पर्याप्त आधार उपलब्ध हो। मात्र हलफनामा, चिकित्सा प्रमाण पत्र या जन्मपत्री व अन्य मौखिक साक्ष्य को जन्मतिथि परिवर्तन का आधार नहीं माना जाना चाहिये।

सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारियों को जो परिवर्तन की स्वीकृति जारी करने हेतु सक्षम अधिकारी हैं , उन्हें व्यक्तिगत रूप से ऐसे प्रकरणों का परीक्षण करना होगा तथा अपनी पूर्ण सन्तुष्टि के पश्चात् परिवर्तन की स्वीकृति से अपने स्वयं के हस्ताक्षर से जारी करनी होगी।

बोर्ड विश्वविद्यालय को परीक्षा आवेदन पत्र अग्रेषित करने के पश्चात् छात्र का नाम/ पिता का नाम/जन्मतिथि परिवर्तन करने के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय/ बोर्ड के नियमों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

नोट- उपरोक्त प्रक्रिया शिक्षा विभागीय नियमावली 1997 से ली गई है।

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