Categories: Education Department
| On 7 months ago

Q&A: Answers to various questions of Rajasthan State employees.

प्रश्नोत्तर : राजस्थान राज्य के कर्मचारियों के विविध प्रश्नों के उत्तर।

🏆रोजाना एक प्रश्न🏆

प्रश्न- आहरण वितरण अधिकारीगणों हेतु paymanager पर बिलों से सम्बन्धित ध्यान देने योग्य बातें बतायें।

उत्तर:- DDO बिल बनाते समय निम्नलिखित बिंदुओं पर जरूर ध्यान देवे।

1.बिल प्रोसेस कराने की प्रक्रिया पूर्व की भांति ही है उसमें कोई संशोधन नहीं हुआ है।

  1. बिल पर डिजिटल हस्ताक्षर बिल को DDO फॉरवर्ड करने के पश्चात् करने होंगे अन्यथा बिल कोषालय फॉरवर्ड करने हेतु उपलब्ध नहीं होगा।
  2. बिल को DDO फॉरवर्ड करने के पश्चात् सर्व प्रथम रिपोर्ट्स में Inner, Outer व Schedule generate करने होंगें तभी डिजिटल हस्ताक्षर हो पायेंगे. जिन बिलों में कोई कटौती नहीं की गयी हो उनके schedule generate करने की आवश्यकता नहीं है।
  3. वेतन बिल में Schedule generate करने हेतु all schedule option का प्रयोग करें।
  4. रिपोर्ट्स generate करने के पश्चात् बिल पर डिजिटल हस्ताक्षर करने हैं।
  5. डिजिटल हस्ताक्षर होने पर sign reports option से हस्ताक्षर की गयी रिपोर्ट्स डाउनलोड की जा सकती है।
  6. डिजिटल हस्ताक्षर करने के पश्चात बिल को कोषालय फॉरवर्ड करना है।
  7. कोषालय को बिल फॉरवर्ड करते ही वो बिल कोषालय में टोकन एंट्री हेतु Automatically प्रदर्शित हो जायेगा इसलिये बिल की हार्ड कॉपी अथवा सॉफ्ट कॉपी (ईमेल से) प्रेषित नहीं करनी है।
  8. कोषालय द्वारा बिल पारित अथवा आक्षेप करने सम्बन्धी जानकारी paymanager पर सम्बन्धित DDO login में Authorization menu में View Bill Status option द्वारा देखी जा सकती है।
  9. कोषालय द्वारा आक्षेप करने पर बिल DDO login में बिल रिवर्ट ऑप्शन में प्रदर्शित होगा जहाँ से सर्वप्रथम बिल को रिवर्ट लेना होगा उसके पश्चात View bill objection status ऑप्शन द्वारा उस बिल में लगाये गये ऑब्जेक्शन को देखा जा सकता है।
  10. यदि बिल में कोई ऐसा आक्षेप है जिससे बिल को पुनः प्रोसेस करवाया जाना आवश्यक ना हो (Inner, outer, schedule में कोई संशोधन ना हो) तो View bill objection status ऑप्शन द्वारा सम्बन्धित बिल की आक्षेप पूर्ति कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर बिल को पुनः कोषालय को प्रेषित कर दिया जावे।
  11. यदि बिल में कोई ऐसा आक्षेप है जिसकी पूर्ति हेतु बिल को delete कर पुनः प्रोसेस करवाया जाना आवश्यक हो तो उस स्थिति में बिल को पुनः प्रोसेस करवाने के पश्चात View bill objection status द्वारा आक्षेप पूर्ति कर सम्बन्धित दस्तावेज अपलोड करें तत्पश्चात बिल को DDO फॉरवर्ड करें। इसके बाद बिंदु संख्या 3 के अनुसार रिपोर्ट्स generate कर डिजिटल हस्ताक्षर करने होंगें।
  12. यदि बिल पर डिजिटल हस्ताक्षर करते समय sign रिपोर्ट्स डाउनलोड नहीं की गयी हों तो sign रिपोर्ट्स Authorization menu  offline bill submission  download sign reports  Treasury Level द्वारा भी डाउनलोड की जा सकती हैं।
  13. यहाँ ये उल्लेखनीय है कि जिन बिलों को View bill objection status option द्वारा आक्षेप का Reply दिये बिना ही कोषालय को पुनः फॉरवर्ड किया जा रहा है वे बिल Automatically कोषालय में प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं. ऐसे बिलों के टोकन नम्बर / reference नम्बर कोषालय को उपलब्ध कराने पर ही उन बिलों को Manually पुन: इनवर्ड किया जाना संभव हो पाता है अत: सभी आक्षेपित बिलों की आक्षेप पूर्ति करने के पश्चात उसका Reply “View bill objection status” option द्वारा आवश्यक रूप से करावें जिससे वो बिल .Automatically कोषालय में प्रदर्शित हो सके।

एडमिन पैनल
पेमेनेजर इन्फो ग्रुप

प्रश्न:- मुझे e filling साइट पर मेरे आयकर की जानकारी करनी है कि मेरे द्वारा काटा गया आयकर show हो रहा है या नही ?


इसके लिए 26 AS पर जानकारी मिल जाती है। यह जानकारी कैसे मिलेगी ? कृपया इसका प्रोसेस बताये।

उत्तर- इन्कम टैक्स विभाग के e-Filling Home Page https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home

पर यूजर आई डी में अपना PAN दर्ज करते हुए अपने पासवर्ड से लॉगइन कीजिए।

1️⃣होम पेज पर My Account सेक्शन में View Form 26AS(Tax Credit) पर क्लिक कीजिए।

2️⃣Disclaimer के नीचे Confirm पर क्लिक कीजिए। यहाँ से अब साइट रीडिरेक्ट करेगी।

3️⃣ अब खुली Traces साइट पर फ्लैश हुए पॉप अप के चेक बॉक्स में ✔️ दर्ज कर Proceed पर क्लिक कीजिए।

4️⃣ तदुपरान्त View Tax Credit(Form 26 AS) पर क्लिक कीजिए।

5️⃣असेसमेंट ईयर 2021-22 व View As में HTML सेलेक्ट कर VIEW/DOWNLOD पर क्लिक कीजिए।

6️⃣खुले पेज के Part A में TDS विवरण में सभी Deductors यथा DDO, बैंक्स आदि द्वारा काटे गए TDS की जानकारी मिलेगी।

7️⃣ Deductor के नाम के आगे बने हुए + पर क्लिक करने से उस Deductor द्वारा काटे गए TDS की दिनाँकवार जानकारी मिल सकती है।


पेमेनेजर इन्फो ग्रुप

क्षतिपूर्ति उपार्जित अवकाश

प्रश्न:- राजस्थान सेवा नियम 1951 के भाग -1 के नियम 92(बी) के तहत क्षतिपूर्ति उपार्जित अवकाश अर्जित करने व जोड़ने की विद्यालयों में प्रक्रिया व सावधानियां क्या है ?

उत्तर:- विश्रामकालीन विभागों में कार्यरत कार्मिकों (शिक्षकों) को विश्रामकालीन अवधि में यदि राजकीय कार्य हितार्थ, उन्हें अवकाश से वंचित रखा जाता है, तो राजस्थान सेवा नियम 1951 के भाग -1 के नियम 92(बी) के तहत तीन कार्य दिवसों के एवज में एक क्षतिपूर्ति उपार्जित अवकाश देय होगा। विद्यालयों में इसके लिए एक सामान्य प्रक्रिया निम्न प्रकार है।

➡️---कार्य के लिए ड्यूटी लगाने वाले सक्षम अधिकारी (सामान्यतया सक्षम अधिकारी से मतलब एसडीएम, डीएम, डायरेक्टर, सचिव होता है) का आदेश, जिसमें ये स्पष्ट रूप से लिखा हो कि उक्त कार्य अवधि के एवज में आरएसआर के नियम 92(बी) के तहत उपार्जित अवकाश देय होगा।

--- उक्त आदेश के तहत जिस अधिकारी के नियंत्रण में कार्य किया, उस अधिकारी द्वारा जारी मूल उपस्थिति प्रमाण पत्र के आधार पर कार्मिक (शिक्षक) अपने कार्यालय अध्यक्ष (डीडीओ) को क्षतिपूर्ति उपार्जित अवकाश सेवा पुस्तिका में जोड़े जाने हेतु प्रार्थना पत्र देगा।

--- कार्यालय अध्यक्ष ड्यूटी आदेश व मूल उपस्थिति प्रमाण पत्र के आधार पर आरएसआर के नियम 92(बी) के तहत तीन कार्य दिवसों के एवज में एक क्षतिपूर्ति उपार्जित अवकाश कार्मिक के अवकाश लेखा में जोड़े जाने की स्वीकृति जारी करेगा।

सावधानियां ----

  1. ड्यूटी आदेश जारी करता अधिकारी द्वारा ड्यूटी आदेश में अथवा उसके बाद आरएसआर के नियम 92(बी) के तहत उपार्जित अवकाश देय होने का, आदेश जारी होना चाहिए।
  2. कार्मिक द्वारा जिस अधिकारी के अधीन कार्य किया गया है, उस अधिकारी द्वारा जारी मूल उपस्थिति प्रमाण पत्र।
  3. कार्यालय अध्यक्ष स्पष्ट रूप से तीन कार्य दिवसों के एवज में एक क्षतिपूर्ति उपार्जित अवकाश जोड़ेगा, उससे कम कार्य दिवसों पर नहीं। जैसे 8 कार्य दिवसों के एवज में 2 उपार्जित अवकाश देय होगा न कि राउंड्स फिगर में तीन अथवा 2.66 ।
  4. 1995-96 के बाद विद्यालय के संस्था प्रधान स्वंम के स्तर किसी अध्यापक की अवकाश अवधि में कार्यालय अथवा अन्य कार्य के लिए ड्यूटी आदेश जारी कर उपार्जित अवकाश नहीं दिया जा सकता। जब तक उक्त ड्यूटी आदेश सक्षम स्तर से अनुमोदित न हो।
  5. एक कलेंडर वर्ष में आरएसआर के नियम 92(बी)
    के तहत अधिकतम 15 उपार्जित अवकाश अर्जित किया जा सकेंगे, उससे अधिक उपार्जित अर्जित करने पर कार्मिक के अवकाश लेखों में नहीं जोड़े जाएंगे।
  6. दिनांक 01-01-2004 के बाद नियुक्त कार्मिकों को परिविक्षाधिन अवधि में आरएसआर के नियम 122(ए) के तहत इस प्रकार से क्षतिपूर्ति उपार्जित अवकाश अर्जित नहीं किए जा सकते।
  7. कई बार cbeo/cdeo कार्यालय द्वारा शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर कार्यालयों में लगाया जाता है, इस प्रकार प्रतिनियुक्ति अवधि के दौरान आरएसआर के नियम 92(बी) के तहत उपार्जित अवकाश अर्जित नहीं किए जा सकते।

उक्त जानकारी का स्रोत --- श्रीगंगानगर में गबन प्रकरण के बाद चल रही उपार्जित अवकाश ऑडिट

एडमिन पैनल
पेमेनेजर इन्फो ग्रुप

प्रोबेशन पीरियड सम्बंधित

उत्तर- वित्त विभाग के आदेश दिंनाक 08.01.2020 के अनुसार 30 दिन तक अवैतनिक अवकाश लेने पर प्रोबेशनकाल में कोई वृद्धि नही होगी लेकिन 31 दिन होते ही प्रोबेशन पूरे 31 दिन तक आगे खिसक जाएगा।

1. यदि कोई कर्मचारी प्रोबेशन पीरियड के दौरान अवैतनिक अवकाश ग्रहण करता है तो उसके स्थायीकरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?

2. प्रोबेशन पीरियड में कितने दिनों का अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है?

उत्तर - एक माह तक का अवैतनिक अवकाश नियुक्ति अधिकारी स्वीकृत करेंगे इससे अधिक अवैतनिक अवकाश (आपातकालीन परिस्थितियों में) प्रशासनिक विभाग द्वारा स्वीकृत होंगे।

3.अवैतनिक अवकाश लेने की प्रक्रिया क्या रहेगी?

उत्तर-प्रोबेशन में 30 दिन तक अवैतनिक अवकाश उचित निजी कारण से एवं इससे अधिक स्वयं अथवा परिवार के किसी सदस्य की बीमारी के आधार अपने डीडीओ को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके पूर्व स्वीकृति (नियुक्ति अधिकारी/ प्रशासनिक विभाग) के आधार पर लिया जा सकता है।

नोट :- प्रोबेशन काल मे 15 आकस्मिक अवकाश एवं अवैतनिक अवकाश के अलावा ( मातृत्व,पितृत्व एवं विशेष परिस्थितियों में CCL अवकाश को छोड़कर) अन्य अवकाश देय नही है। उच्च अध्ययन या परीक्षा तैयारी हेतु अवैतनिक अवकाश देय नहीं है।

एडमिन पैनल
पेमेनेजर इन्फो ग्रुप

प्रश्न-1:- दिसम्बर माह में हितकारी निधि राशि वेतन से किस दर से कटौती की जानी है?

उत्तर- हितकारी निधि कटौती राशि राजपत्रित कार्मिको के लिए 500 रुपये और अराजपत्रित कार्मिको के लिए 250 रुपये वार्षिक निर्धारित है, जो वेतन बिल माह दिसम्बर (देय जनवरी) से करनी अनिवार्य है। यह कटौती प्रोबेशनर कार्मिक के वेतन से भी निर्धारित दरों के अनुसार अनिवार्यतः करनी है।

प्रश्न-2 :- पेमेनेजर/प्रिपेमेनेजर पर हितकारी निधि की कटौती करने की क्या प्रक्रिया है?

उत्तर - (i) इसके लिए सबसे पहले पेमेनेजर/प्रिपेमेनेजर लॉगिन कर MASTER > EMPLOYEE DETAILS > CORP DETAILS पर क्लिक करें। अब PAY NAME में HITKARI NIDHI लिखें एवं Corp A/C Number में 51020721611 लिखें और सबमिट कर दे। इस प्रकार कार्मिक के मास्टर में हितकारी कटौती Add हो जाएगी।

(ii) मास्टर में कार्मिक की हितकारी निधि अपडेट करने के बाद Bill processing > Salary preparation > Add Group Deduction या Employee Pay Detail > Add Deduction > HITKARI NIDHI में जाकर हितकारी निधि निर्धारित दर के अनुसार काटनी है।

प्रश्न -3 :- हितकारी निधि के शिड्यूल पर डिजिटल साइन नही हो रहें है? अब क्या करें ?

उत्तर - माह दिसम्बर 2020 के वेतन बिल प्रोसेस के बाद reports > Cooperative schedule में जाकर हितकारी निधि शिड्यूल का प्रिंट निकाल कर उसपर मैन्युअली हस्ताक्षर मय मोहर कर इसे other documents में अपलोड करना है।

प्रश्न -4 :- हितकारी निधि के शेड्यूल एवम ECS SLIP किस पते पर और कब भेजने है ?

उत्तर - माह दिसम्बर के वेतन विपत्र पारित होने एवं TV नम्बर जारी होने के पश्चात हितकारी कटौती शिड्यूल एवं ECS कॉपी डीडीओ हस्ताक्षर मय कार्यालय मोहर निम्नलिखित पते पर भेजें -

अध्यक्ष हितकारी निधि, माध्यमिक शिक्षा विभाग राजस्थान, बीकानेर
पिन कोड नम्बर - 334001

नोट :- हितकारी निधि वार्षिक कटौती है। अतः दिसम्बर माह के वेतन बिल पारित होने के पश्चात इसे कार्मिक पे डिटेल्स में से हटा देवें।

प्रश्न-1:- मेरे द्वारा HOD से एसआई नम्बर अपडेट कराने पर PRAN नम्बर हट गए। अब प्राण नम्बर कैसे अपडेट करें? प्रक्रिया बताने का कष्ट करें।

उत्तर :- सबसे पहले मोजिला ब्राउज़र में DDO की SSO ID ओपन करें और Employee में संबंधित कार्मिक को सर्च करें।

अब कार्मिक की स्कीम डिटेल में जायें। स्कीम में एनपीएस/जीपीअफ नंबर का काॅलम बंद होगा। आपको एनपीएस स्टार्ट होने की तिथि एवं फाइल लोकेशन में अपना जिला भरकर सबमिट करना है।

सबमिट सक्सेजफुली होने के बाद आप स्वत: कांटेक्ट डिटेल पर पहुंच जायेंगेे। आप वापस स्कीम पर आए और एनपीएस/जीपीएफ नंबर भरे एवं सबमिट करें।

इसे सबमिट करने के बाद सर्विस डिटेल भरने का मैसेज आयेगा। डिटेल भरकर स्कीम को एकबार फिर जांच लें, एनपीएस नंबर लिखा हुआ है कि नहीं।

अब आप कार्मिक के पर्सनल पे-मैनेजर पर जांच करें। यदि प्राण नम्बर शो हो रहे है तो रिक्वेस्ट जनरेट कर डीडीओ को भेंजे। डीडीओ लॉगिन से एचओडी को फारवर्ड करवाए।

नोट :- यदि उक्त प्रक्रिया के बाद भी पर्सनल पेमेनेजर पर प्राण नम्बर शो नही हो रहे है तो SIPF कार्यालय से सम्पर्क कर SSO में अपडेट करवाए।

HOD से रिक्वेस्ट APPROVE होने पर मास्टर डेटा में प्राण नम्बर शो होने लग जाएंगे।

प्रश्न- 1:- एनपीएस अंशदान हेतु कर छूट के संबंध में क्या प्रावधान है और यह कर छूट किन धाराओं के तहत मिलती है?

उत्तर - एनपीएस 01.01.2004 के बाद नियुक्त सभी कार्मिको की सकल आय में जोड़ा जाता है, जिस पर आयकर नियमों के तहत विभिन्न धाराओं में कर छूट का लाभ भी देय है। आज हम एनपीएस योगदान के बदले में मिलने वाली कर छूट के प्रावधानों के बारे में जानते है।

(i) 80CCD1 - कार्मिक द्वारा एनपीएस का योगदान (अधिकतम - वेतन+डीए का 10%)
नोट - उक्त कटौती धारा 80C के अधीन 1,50,000 की सीमा में ही की जा सकती है।

(ii) 80CCD2 - नियोक्ता द्वारा कार्मिक अंशदान के बराबर एनपीएस का अंशदान (अधिकतम - वेतन+डीए का 10%)
नोट - उक्त कटौती धारा 80C के अन्तर्गत 1,50,000 के अलावा अलग से की जाएगी।

(iii) 80CCD(1B) - इसमें 01.01.2004 के बाद नियुक्त कार्मिक एनपीएस अंशदान पर 50,000 की अतिरिक्त कर छूट प्राप्त कर सकते है। यह सुविधा बजट प्रावधान 2015-16 के तहत दी गई है।
नोट:- इसमें कार्मिक अपने एनपीएस की कटौती को दो भागों में विभाजित भी कर सकता है। उक्त सुविधा केवल एनपीएस के टियर-1 एकाउंट में निवेश पर ही प्राप्त की जा सकती है।

उदाहरण 1- एक कार्मिक की एनपीएस कटौती 65000 है व अन्य कटौतियां (LIC, PLI,SI, PPF, TUTION FEES, NSC) 120000 है। कार्मिक को कर छूट किस प्रकार मिलेगी।

धारा 80C में - 120000

धारा 80CCD1 - 30000 या 15000

कुल योग 80C - 1,50,000 या 1,35,000

80CCD(1B) - 35000 या 50000
कुल कर छूट योग्य कटौती - 185000/-

उदाहरण 2- एक कार्मिक

की एनपीएस कटौती 75000 है व अन्य कटौतियां (LIC, PLI,SI, PPF, TUTION FEES, NSC) 130000 है। कार्मिक को कर छूट किस प्रकार मिलेगी।
धारा 80C में - 130000

धारा 80CCD1 - 20000 या 25000

कुल योग धारा 80C - 1,50,000

80CCD(1B) - 50000
कुल कर छूट योग्य कटौती - 2,00,000/-

नोट:- धारा 80CCD1 एवं 80CCD(1B) का योग धारा 80CCD2 के बराबर (नियोक्ता के अंशदान) के बराबर होना चाहिए।

******

प्रश्न 01-सेवानिवृत होने वाले कार्मिक के लिए वेतन से रेगुलर कटौती कब बन्द कर देना चाहिए?

राज्य बीमा
सेवानिवृत्ति माह से पूर्व आने वाले मार्च से पहले तीन महीने पूर्व बन्द। मार्च अगले वित्तीय वर्ष में आने के कारण नही गिना जाता।
ताकि क्लेम अप्रेल माह में ही मिल जाये।

सामान्य प्रावधायी निधि
सेवानिवृत्ति माह सहित अंतिम तीन माह में कटौती नही करनी। ताकि क्लेम पेंशन होते ही मिल जाये।

आरपीएमएफ
सेवानिवृत्ति माह तक। कोई क्लेम नही मिलता।

क्लेम समय पर मिल जाये इसके लिए कटौती बंद करते ही आवश्यक दस्तावेज के साथ फाइनल क्लेम sso ddo id से ऑनलाइन सबमिट कर देना चाहिए।

-एडमिन पैनल
पे मैनेजर

प्रश्न:- एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को मई 2020 में निलंबित किया गया है। क्या उस कर्मचारी को वर्दी भत्ता देय है ?

उत्तर:-वर्दी भत्ता का Object Head -37 होता है और यह भत्ता सहायक कर्मचारियों को देय होता है।

उपरोक्त प्रकरण में सहायक कर्मचारी उस वित्तीय वर्ष में छः माह से कम अवधि में ही निलंबित हो गया है अतः उसे वर्दी भत्ता नही मिलेगा।

Tags: Q&A: Answers to various questions of Rajasthan State employees.आहरण वितरण अधिकारीगणों हेतु paymanager पर बिलों से सम्बन्धित ध्यान देने योग्य बातेंदिसम्बर माह में हितकारी निधि राशि वेतन से किस दर से कटौती की जानी है?प्रश्न:- मुझे e filling साइट पर मेरे आयकर की जानकारी करनी है कि मेरे द्वारा काटा गया आयकर show हो रहा है या नही ?प्रश्नोत्तर : राजस्थान राज्य के कर्मचारियों के विविध प्रश्नों के उत्तर।प्राण नम्बर कैसे अपडेट करें?यदि कोई कर्मचारी प्रोबेशन पीरियड के दौरान अवैतनिक अवकाश ग्रहण करता है तो उसके स्थायीकरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?राजस्थान सेवा नियम 1951 के भाग -1 के नियम 92(बी) के तहत क्षतिपूर्ति उपार्जित अवकाश अर्जित करने व जोड़ने की विद्यालयों में प्रक्रिया व सावधानियां क्या है ?सेवानिवृत होने वाले कार्मिक के लिए वेतन से रेगुलर कटौती कब बन्द कर देना चाहिए