राजस्थान शिक्षा सेवा नियमों ( Rajasthan Education Services Rules) में परिवर्तन शिक्षकों में ख़ुशी की लहर

राजस्थान शिक्षा सेवा नियमों ( Rajasthan Education Services Rules) में महत्वपूर्ण परिवर्तन किये गए है। इन परिवर्तनों को माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्री परिषद की बैठक में मंजूरी प्रदान की जाती है। आइये, राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग में आने वाले मुख्य परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं।

राजस्थान शिक्षा सेवा नियम 1970 एवं राजस्थान अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियम 1971 को आमेलन ( Absorb) करते हुए राजस्थान शैक्षिक राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम 2021( Rajasthan Educational State and Subordinate Services Rules 2021 ) स्थापित होंगे। राजस्थान शैक्षिक सेवा नियमों में 60 वर्षों बाद हुए महत्वपूर्ण संशोधन से 4 लाख से अधिक शिक्षाकर्मी लाभान्वित होंगे।

मंत्री परिषद की बैठक के निर्णय | Decisions of the meeting of the Council of Ministers for change in Rajasthan Education Services Rules

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्री परिषद की बैठक में शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं । 50 वर्षों बाद राजस्थान शैक्षिक सेवा नियमों में सुधार होने जा रहे हैं जिसमें 4 लाख से अधिक कार्मिक लाभान्वित होंगे। राजस्थान शिक्षा सेवा नियम 1970 एवं राजस्थान अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियम 1971 को आमेलन कर दिया गया है जिससे विभिन्न पदोन्नतियों के अवसर बढेगे तथा विभिन्न पदोन्नतियों लिनियर चैनल से होगी तथा इससे विभिन्न संवर्गों के आपसी संघर्ष समाप्त हो जायेगे इससे राजस्थान में शिक्षा का जो ढांचा है वह और सुदृढ होगा।

राजस्थान शिक्षा सेवा नियम परिवर्तन पर शिक्षकों द्वारा शिक्षा मंत्री का अभिनन्दन | Welcome by teachers on Rajasthan Education Service rule change

राजस्थान शिक्षा सेवा निगमो में परिवर्तन की जानकारी माननीय शिक्षा मंत्री के ट्विटर हैंडल से जब

शिक्षको को मिली तो शिक्षक प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा का हार्दिक अभिनंदन व स्वागत किया तथा साफा पहनाकर व माल्यार्पण करके धन्यवाद ज्ञापित किया।
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राजस्थान शिक्षा सेवा नियम परिवर्तन पर शिक्षकों द्वारा www.shivira.com
Education Minister greeted by teachers on Rajasthan Education Service rules change www.shivira.com

राजस्थान शिक्षा सेवा नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन | Important changes in Rajasthan Education Service Rules

  • अतिरिक्त निदेशक संयुक्त निदेशक के पदों पर पदोन्नति हेतु निचले पद के एक वर्ष के अनुभव के साथ कुल 4 वर्ष के अनुभव का प्रावधान किया गया है।
  • जिला शिक्षा अधिकारी के पदों को 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरे जाने का प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। अब यह पद पदोन्नति से भरे जायेंगे।
  • व्याख्याता व प्रधानाध्यापक से प्रधानाचार्य व समकक्ष पदों पर पदोन्नति हेतु अनुपात 67:33 से बदलकर 80 : 20 कर दिया गया हैं।
  • प्रधानाध्यापक पद की योग्यता को स्नातक से बढ़ाकर अधिस्नातक कर दिया गया है।
  • व्याख्याता की सीधी भर्ती व पदोन्नति हेतु अब स्नातक के साथ अधिस्नातक भी उसी विषय में करना आवश्यक होगा। (वर्तमान में अधिस्नातक ही आवश्यक हैं।)
  • व्याख्याता शारीरिक शिक्षा के पद को एनकैडर किया गया है। • पुस्तकालयाध्यक्ष रोड प्रथम का पद एनकैडर किया गया है।
  • पुस्तकालयाध्यक्ष रोड द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती एवं पदोन्नति पर लगी रोक को हटा दिया गया
  • शारीरिक शिक्षक ग्रेड तृतीय पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड द्वितीय एवं तृतीय की योग्यता एनसीटीई के अनुसार संशोधित की गई हैं।
  • 6 डी से तृतीय श्रेणी अध्यापकों के सैटअप परिवर्तन हेतु 3 वर्ष की सेवा की शर्त का विलोपन किया गया है।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं से चयन हेतु न्यूनतम तक का प्रावधान किया गया हैं। (40 प्रतिशत न्यूनतम उतीर्णाक तथा नियमानुसार छूट)

  • व्याख्याता (1-12) एवं प्रधानाध्यापक (1-34) संवर्ग से प्रधानाचार्य (1-16) पद पर पदोन्न्ति हेतु अनुपात 80:20 कर नियमों में संशोधन प्रस्तावित किए जाये के उपरान्त प्रधानाध्यापक एवं व्याख्याता दोनों संवर्ग माननीय शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महोदय एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय से मिले और अपनी अपनी बात बताई।
  • इसके दृष्टिगत प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के अनुपात 80:20 को एकबारगी (One Time) करते हुए दोनों कॉडर की समस्याओं का निवारण करने एवं साथ ही विभाग को भी सुदृढ करते हुये वित विभाग से चर्चा कर प्रस्ताव को माननीय शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) से अनुमोदन उपरान्त मंत्रीमण्डल में पारित किया गया। (संलग्न प्रस्ताव)
  • इस प्रस्ताव से दोनों कॉडर को वर्तमान प्रावधान 67:33 या प्रस्तावित 80:20 दोनों स्थितियों से पदोन्नति के अधिक अवसर प्राप्त होंगे एवं भविष्य में दोनों कॉडर का आमेलन हो जायेगा
  • प्रधानाध्यापक के वर्तमान में स्वीकृत लगभग 3600 पदों को समाप्त कर प्रधानाचार्य के पद पर अपग्रेड किया जायेगा।
  • विभाग में पदोन्नति के अवसर बढ़ेगे एवं अनावश्यक संवर्ग विवाद समाप्त होगा।
  • भविष्य में पदोन्नति चैनल स्पष्ट एवं लीनियर होगा।
  • व्याख्याता संवर्ग को 100 प्रतिशत पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे एवं उप प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति होने से पदोन्नति का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
  • दोनों संवर्गों को आने वाले वर्षों में निर्धारित संख्या से अधिक पदोन्नति मिलेगी।
  • क्रियान्विति के चरण:
  • एकबारगी (One Time) 80:20 के संशोधित अनुपात में डीपीसी करवाई जायेगीए जिमसे 3600 नये पर्दा को शामिल किया जायेगा।
  • 12400 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य (L-14) के पदों का सृजन किया जायेगा।
  • इस प्रकार 3600 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को प्रधानाचार्य से एवं 12400 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों को प्रधानाचार्य एवं उप प्रधानाचार्य से ऑपरेट किया जावेगा।
  • 3600 प्रधानाध्यापकों में
    से लगभग 1320 प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति 80:20 के प्रावधान से एकबारगी(One Time) डीपीसी करने से प्रधानाचार्य पद पर हो जायेगीए शेष उप प्रधानाचार्य के पद पर पदस्थापित कर दिये जायेंगे।
  • व्याख्याता संवर्ग से 5280 व्याख्याताओं की पदोन्नति 8020 के प्रावधान से एकबारगी (One Time) डीपीसी करने से प्रधानाचार्य पर हो जायेगी।
  • उप प्रधानाचार्य के 10000 से अधिक शेष पदों पर व्याख्याता संवर्ग को पदोन्नति का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

राजस्थान शिक्षा सेवा नियम परिवर्तन प्रेस विज्ञप्ति की प्रति। Copy of Rajasthan Education Service Rule Change Press Release.

Copy of Rajasthan Education Service Rule Change Press Release. www.shivira.com
राजस्थान शिक्षा सेवा नियम परिवर्तन प्रेस विज्ञप्ति की प्रति www.shivira.com

राजस्थान शिक्षा सेवा नियम परिवर्तन से शिक्षकों को होने वाले लाभ | Benefits to teachers from Rajasthan Education Service rule change

प्रधानाध्यापकों तथा व्याख्याताओं को पदौन्नति के अधिक अवसर प्रदान करने के साथ पिछले कई वर्षो से प्रक्रियाधीन शिक्षा सेवा नियमों को मिली केबिनेट से मंजूरी मिल गई हैं।

राजस्थान शिक्षा सेवा नियम, 1970 एवं राजस्थान अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियम 1971 लगभग 49 50 वर्ष पुरानी स्थितियों में होने के कारण शिक्षा विभाग पुरानी व्यवस्थाओं पर चल रहा था। उक्त दोनों नियमों में अनेक संशोधन हो चुके हैं तथा वर्तमान परिपेक्ष्य में कई संशोधन अपेक्षित होने के कारण उक्त नियमों की विसंगतियों एवं जटिलताओं को दूर कर उका दोनों नियमों का पुनर्लेखन किया जाकर राजस्थान शैक्षिक राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम-2021 बनाये गये हैं।

उक्त नियमों के पुनर्लेखन का कार्य पिछले कई वर्षों से प्रक्रियाधीन था, इस कारण शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुये माननीय शिक्षा राज्यमंत्री महोदय के निवेदन पर जनकल्याणकारी सरकार के जननायक माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने उक्त सेवा नियमों

को केबिनेट से सहमति प्रदान कर दी है। उका नवीन सेवा नियमों से कई संवर्ग में रुकी हुई पदोन्नतियां हो सकेगी। वहीं शिक्षा विभाग के उच्च पदों पर अधिकारी उपलब्ध होगें, जिससे विद्यालयों/कार्यालयों के शैक्षिक / प्रशासनिक / निरीक्षण कार्यों को गति प्रदान होगी। तथा पुराने सेवा नियमों की विसंगतियां भी दूर होगी उक्त नवीन नियमों में मुख्य रूप से निम्नानुसार संशोधन / प्रावधान किया जा रहा है
राजस्थान शिक्षा सेवा नियम परिवर्तन से शिक्षकों को होने वाले लाभ। www.shivira.com
Benefits to teachers from Rajasthan Education Service rule change. www.shivira.com
राजस्थान शिक्षा सेवा नियम परिवर्तन से शिक्षकों को होने वाले लाभ | Benefits to teachers from Rajasthan Education Service rule change www.shivira.com

अधिकृत जानकारी हेतु आप राजस्थान सरकार की निम्नलिखित वेबसाइट पर जा सकते हैं।

राजस्थान सरकार सूचना व जन संपर्क विभाग।

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