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Rajasthan Government : अवैध कच्ची बस्तियों को वैध करेगी राजस्थान सरकार

Rajasthan Government News : राजस्थान की सरकार अब अवैध कच्ची बस्तियों को भी वैध करने की तैयारी में हैं। राजस्थान के 22 बड़े शहरों में इन कच्ची बस्तियों की भरमार है । जिसमे 1843 कच्ची बस्तियों को Rajasthan Government ने अवैध घोषित कर रखा है। लेकिन अब प्रसाशन शहरों के संग अभियान में इन सभी बस्तियों को भी वैध करने की तैयारी हैं।

आपको बता दें की वर्ष 2008 में सबसे पहले कांग्रेस सरकार ने ही प्रशासन शहरों की ओर अभियान चलाया था। उस समय इन कच्ची बस्तियों के नियमन पर रोक लगा दी गई थी। इसके तहत एक भी पट्टा जारी करने पर पाबंदी थी। लेकिन ठीक 15 वर्ष बाद अब इन 1843 बस्तियों के 2.28 लाख से अधिक परिवारों को पट्टे देने की तैयारी चल रही है।

Rajasthan Government Latest News : हालांकि अभी शुरूआती तौर पर

तो नगर निगमों सहित विभिन्न निकाय पत्र लिखकर सर्वे करने के लिए दबाव बना रहे हैं। लेकिन सरकार ने अपने स्तर पर पट्टा अभियान में कच्ची बस्तियों को भी शामिल कर लिया है।

Rajasthan Government Hindi News 2021 : इससे यह तो साफ है कि कच्ची बस्तियों की करीब 9.2 लाख की आबादी के लिए 2 अक्टूबर से शुरू होने वाला प्रशासन शहरों के संग अभियान खुशी की लहर साबित हो सकता है । इधर अंदरखाने भी पट्‌टे देने के लिए विधायकों का भी नगर निकायों पर दबाव है।

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Rajasthan Government Hindi News : वोट बैंक की है चिंता

कच्ची बस्तियों को पट्टे देने को जानकर वोट बैंक की चिंता बता रहे हैं । दरअसल राजस्थान में 8 मंत्रियों सहित 29 विधायकों का वोट बैंक कच्ची बस्तियां ही है। जहां से हार या जीत तय होती है। बता दें

की मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में ही पिछले चुनाव के समय कच्ची बस्ती की अंतिम पेटी ने हार को जीत में बदल दिया था। इसी तरह जयपुर के सिविल लाइंस सीट का फैसला भी कच्ची बस्तियां करती हैं।

जयपुर के सांगानेर, आदर्शनगर, हवामहल आदि क्षेत्र में कच्ची बस्ती के हजारों मतदाता हैं। राजधानी जयपुर में 308 व जोधपुर में 150 से अधिक कच्ची बस्तियां हैं।

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2005 में Rajasthan Government के ही प्लानिंग विभाग की सचिव वीनू गुप्ता के नेतृत्व में कच्ची बस्ती नियमितिकरण कार्यक्रम का मूल्यांकन किया गया था। जिसमे 2.18 लाख घरों को पट्टा देने योग्य नहीं माना गया था और अवैध कब्जा माना गया, लेकिन अब मानदंड बदल गए।

2015 में हुए एक सर्वे में जयपुर में 308 कच्ची बस्तियां पाई

गईं। जिसमे हवामहल में सर्वाधिक 65, सिविल लाइंस में 55, , किशनपोल -37, मालवीय नगर में 27, आदर्श नगर 43, बगरू में 20, सांगानेर में 28 एवं आमेर में 13 कच्ची बस्तियां हैं।

इधर कच्ची बस्तियों के नियमन के सवाल पर Rajasthan Government अधिकारी एवं मंत्री कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि इन बस्तियों को 2013 की शर्तों के आधार पर पट्टे देंगे। 2009 एवं इससे पूर्व बसी हुई बस्तियों के नियमन पर रोक नहीं है।