Categories: Circular
| On 2 months ago

प्रोबेशन अवधि में असाधारण अवकाश सम्बंधित नियम | Rules related to extraordinary leave during probation period

प्रोबेशन अथवा परिवीक्षा अवधि यानी probation period में किसी भी नए राज्य कर्मचारी हेतु सबसे बड़ी समस्या दीर्घकालिक अवकाश लेने की होती है लेकिन राजस्थान सरकार ने इसका निराकरण करके उनके लिए असाधारण अवकाश यानी extraordinary leave स्वीकृत करने सम्बंधित आदेश पारित कर दिया है।

राजकीय सेवा में नियुक्ति तिथि से स्थायीकरण की दिनाँक अवधि परिवीक्षा अवधि अर्थात (probation period) कहलाती है। इस परिवीक्षा अवधि (probation period) में राज्य कर्मचारी को अवकाश अर्जित करने अर्थात earn करके उनका उपभोग करने की अनुमति होती है। कई बार कर्मचारी को लंबे अवकाश की आवश्यकता होने पर वह असाधारण अवकाश लेना चाहता है। आइये, समझते है कि एक कार्मिक किस प्रकार अपने परिवीक्षा अवधि में असाधारण अवकाश प्राप्त कर सकता है। (Let us understand how an employee can avail extraordinary leave during his probationary period.)

परिवीक्षा अवधि में देय अवकाश | Leave due during probation

राजकीय सेवा में जब भी कार्मिक नई नियुक्ति प्राप्त करता है तो उसे विभिन्न सेवा वर्ग में अलग-अलग प्रोबेशन अवधि को पूर्ण करना होता है। कुछ राजकीय सेवाओ में यह अवधि एक वर्ष है जबकि अन्य में 2 वर्ष की अवधि भी हैं। प्रोबेशन अवधि (परिवीक्षा काल) मे उसे आकस्मिक अवकाश के अलावा कोई अवकाश देय नही होता है।

परिवीक्षाधीन कार्मिक की परेशानी | Problems of probationary personnel

जब कोई कार्मिक नई

नियुक्ति प्राप्त करता है उस समय सामान्यतः वह या तो कोई अध्ययन कर रहा होता है या किसी अन्य प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर रहा होता है अर्थात उसके द्वारा उस कोर्स हेतु शुल्क अदा किया हुआ होता है जिसके कारण उसे प्रोबेशन अवधि में यह कठिनाई होती है कि वह उसे कठोर मेहनत से प्राप्त राजकीय सेवामें कार्यग्रहण करना पड़ता है लेकिन अवकाश नही ले पाने के कारण उसके द्वारा तत्कालीन अध्ययन हेतु दिए गए शुल्क व कार्य का नुकसान उठाना पड़ता है।

आकस्मिक अवकाश हेतु प्रत्येक माह पूरे दिवस तक उपस्थित रहने पर 1.25 आकस्मिक अवकाश प्राप्त होता है। इस कारण राजकीय सेवा में नवनियुक्त कार्मिको को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था क्योकि वे अवकाश लेने में असमर्थ थे। इस सम्बंध में राज्य सरकार ने ऐसे कार्मिको को सुविधा प्रदान कर दी हैं।

परिवीक्षाधीन कर्मचारी को राहत | Relief to probationary employee

राजस्थान राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश दिनाँक 22 फरवरी 2021 के माध्यम से ऐसे कार्मिक को राहत उपलब्ध होगी। वह आवश्यकता अनुसार अवकाश लेकर अपना कोर्स/अध्ययन पूर्ण कर सकेगा। इस आदेश के पारित होने के परिणामस्वरूप अब परिवीक्षाधीन अवधि में नवनियुक्त राज्य कर्मचारी अब-

नियुक्ति से पूर्व चल रहे कोर्स ओर प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी हेतु । अब प्रोबेशन मे भी अवकाश ले सकेंगे।

वित्त विभाग द्वारा परिवीक्षाधीन कार्मिको हेतु पारित आदेश | Order passed by Finance Department for probationary personnel

वित्त विभाग राजस्थान सरकार द्वारा परिवीक्षाधीन कर्मचारियों हेतु असाधारण अवकाश देय का आदेश । Order of extraordinary leave payable for probationary employees by the Finance Department, Government of Rajasthan www.shivira.com

प्रोबेशनर कर्मचारी को असाधारण अवकाश देय के आदेश की सरल प्रस्तुति | Simple presentation of order of extraordinary leave payable to probationer employee

वित्त विभाग राजस्थान सरकार द्वारा पारित उपरोक्त आदेश में स्पष्ट है कि अब उच्च अध्ययन या तैयारी के लिए भी प्रोबशन काल में असाधारण अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। साथ में ये भी लिखा है कि इन कारणों के आधार पर स्वीकृत किये जाने वाले असाधारण अवकाश की अवधि के बराबर प्रोबेशन अवधि आगे बढेगी।

आपकी सुविधा हेतु हम उपरोक्त आदेश का हिंदी भाषा मे सरल रूपांतरण प्रस्तुत कर रहे है लेकिन यह अवश्य ध्यान रखिये कि यह मात्र अनुवाद है राजस्थान सरकार द्वारा पारित आदेश ही अनुसरण योग्य है एवम समस्त निर्णय तद्नुसार ही लिए जा सकते है।

आदेश का हिंदी अनुवाद |

विषय: परिवीक्षाधीन-प्रशिक्षुओं द्वारा परिवीक्षा की अवधि को सफलतापूर्वक पूरा करने और पद के वेतनमान/चलने वाले पे बैंड/पे लेवल में वेतन प्रदान करने के संबंध में।

वित्त विभाग के दिनांक 06.01.2020 और 28.01.2020 के समसंख्यक ज्ञापन की ओर ध्यान आकर्षित किया जाता है, जिसके

तहत परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु को असाधारण अवकाश प्रदान करने के लिए शक्तियां प्रत्यायोजित की जाती हैं और इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशानिर्देशों के अनुसार परिवीक्षाधीन-प्रशिक्षण के लिए अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कोई असाधारण अवकाश स्वीकार्य नहीं है। यदि परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु की अनुपस्थिति प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उच्च अध्ययन के उद्देश्य से है, तो अनुपस्थिति की अवधि को गैर-मृत्यु के रूप में माना जाता है और इसे किसी भी उद्देश्य के लिए गणनीय नहीं माना जाता है अर्थात परिवीक्षाधीन-प्रशिक्षु को परिवीक्षा की अवधि को नए सिरे से पूरा करना आवश्यक है। .

उपरोक्त प्रावधान ने परिवीक्षाधीन-प्रशिक्षु के लिए कठिनाई का कारण बना दिया है जो उच्च अध्ययन के कुछ पाठ्यक्रम जारी कर रहे थे या परिवीक्षाधीन-प्रशिक्षु के रूप में सेवा में शामिल होने के समय पास की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।

तद्नुसार, इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया है और उपरोक्त ज्ञापनों के आंशिक संशोधन में यह निर्णय लिया गया है कि परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु जो परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु के रूप में सेवा में शामिल होने से पहले अध्ययन के किसी भी पाठ्यक्रम को जारी रख रहा था या पास की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था और अनुदान के लिए आवेदन किया था। छुट्टी पर जाने से पहले असाधारण छुट्टी की अनुमति किसी भी पाठ्यक्रम को

जारी रखने या नजदीकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने की अवधि के लिए असाधारण छुट्टी की अनुमति दी जा सकती है। परिवीक्षाधीन-प्रशिक्षु की अवधि निरंतर अध्ययन पाठ्यक्रम को पूरा करने के उद्देश्य से या नजदीकी प्रतियोगी परीक्षा के लिए स्वीकृत असाधारण अवकाश की अवधि तक बढ़ाई जाएगी।

जो लोग बिना पूर्व मंजूरी के असाधारण छुट्टी पर चले जाते हैं, उन्हें जानबूझकर अनुपस्थिति के मामलों के रूप में माना जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे।

इस ज्ञापन को जारी करने के लिए परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु को सेवा में शामिल होने से पहले किसी भी पाठ्यक्रम को जारी रखने या पास की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से संबंधित असाधारण छुट्टी के लंबित मामलों का भी निर्णय इस आदेश के अनुसार नियुक्ति प्राधिकारी और प्रशासनिक विभाग द्वारा किया जा सकता है।