राजस्‍थान स्वजल योजना (Rajasthan Swajal Yojana in Hindi)

राजस्‍थान स्वजल योजना : हिस्सा गांव वासी वहन करेंगे तथा 90 से 95 प्रतिशत खर्च केन्द्रीय सरकार वहन करेगी। इस योजना के तहत ऐसे गांव जिसमें प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर से कम पानी उपलब्ध है। उन गांवो में पीने के पानी के लिए ट्यूबवैल, नई पाईप लाईन अथवा नहरी जल योजना, स्थापित की जा सकती है।

स्वजलधारा योजना का मुख्य उद्देश्य यह है। कि गांव के पीने का पानी उपलब्ध करवाना है। उसके रखरखाव प्रबंधन के खर्च को समय गांव वासियों द्वारा कर आत्मनिर्भर किया जाएगा। स्वजल परियोजना के तहत हर गांव में 300 नल के कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे।

केंद्रीय पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय द्वारा राजस्‍थान में करौली ज़िले के भीकमपुरा गाँव में स्‍वजल पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना से पूरे वर्ष स्‍वच्‍छ पेयजल की उपलब्‍धता सुनिश्चित होने के अलावा रोज़गार के अवसर उत्पन्न किये जाएंगे।

राजस्‍थान स्वजल योजना के मुख्य बिंदु (Key Points of Rajasthan Swajal Yojana in Hindi) :

योजना का नाम :राजस्‍थान स्वजल योजना
योजना कब शुरू की गयी :2018
योजना किसके द्वारा शुरू की गयी :राजस्थान सरकार द्वारा
योजना का उद्देश्य :गावों तथा पिछड़े इलाकों में पानी की व्यवस्था करना
योजना की अधिकारीक वेबसाइट :क्लिक करें

राजस्‍थान स्वजल योजना के फायदे (Benefits of Rajasthan Swajal Yojana in Hindi) :

इस परियोजना के अंतर्गत आरंभ से ही ग्रामीण समुदाय को नियोजन, क्रियान्‍वयन एवं संचालन संबंधी कार्यों का हिस्सा बनाया जाता है। वस्तुतः ग्रामीण समुदाय द्वारा अपनी क्षमता के आधार पर पेयजल आपूर्ति के विकल्‍प का चयन करते हुए उनकी स्थापना तथा संचालन एवं रख-रखाव संबंधी सभी कार्य किये जाते हैं। परियोजना के सभी चरणों में प्रत्‍येक स्‍तर पर महिलाओं की बराबर की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।

इसका उद्देश्य ग्रामीण पेयजल एवं स्‍वच्‍छता के स्‍तर में सुधार करते हुए स्‍वास्‍थ्‍य तथा स्‍वच्‍छता के स्‍थायी लाभों द्वारा ग्रामीणों के जीवन स्‍तर में सुधार करना है। परियोजना का दूसरा मुख्‍य उद्देश्‍य

ग्रामीण पेयजल एवं स्‍वच्‍छता क्षेत्र में दार्घकालीन स्‍थायित्‍व को मद्देनज़र रखते हुए राज्‍य सरकार को उपयुक्‍त नीति निर्धारण में सहायता प्रदान करना है। इसके तहत गाँव के हर घर में पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उसके रखरखाव व प्रबंधन के खर्च को ग्रामवासियों द्वारा वहन करने योग्य बनाना अर्थात् इस संबंध में उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

राजस्‍थान स्वजल योजना की आवेदन प्रक्रिया कैसे करें? (Rajasthan Swajal Yojana Application How To Process in Hindi) :

  • योजना के तहत कोई भी पंचायत गांव में नया ट्यूबवैल लगवाने या पाइप लाईन गलियो में बिछाने के लिये प्रस्ताव उपमण्डल अभियन्ता कार्यालय में देगी जो इसकी फील्ड जानकारी प्राप्त कर कार्यकारी अभियन्ता कार्यालय में इसका एस्टीमेट बनवायेंगें।
  • पंचायत एक समिति का गठन करेगी जिसमें 5 या इससे अधिक सदस्य हो सकते है तथा इसका एक चैयरमैन होगा तथा एक सदस्य विभाग का
    अधिकारी होगा। इसी समिति मे से कम से कम दो सदस्य जिनमे एक विभागीय अधिकारी होगा संयुक्त बैंक खाता खोलेंगे तथा वे ही इसे चलाने के अधिकारी होगें। इन सदस्यो की संख्या दो से ज्यादा भी हो सकती है।
  • यह समिति अनुमानित राशि का 10 प्रतिशत (5 प्रतिशत यदि गांव की आबादी में 50 प्रतिशत ले अधिक अनुसूचित जाति के सदस्य है) हिस्सा बैंक खाते में जमा करवायेगी। यह राशि गांव के कम से कम 33 प्रतिशत नागरिकों से एकत्रित होनी चाहिये।
  • तत्पश्चात कार्यकारी अभियन्ता द्वारा निर्धारित फार्म पर समिति से सभी सदस्यों के हस्ताक्षर करवाकर तथा उपमण्डल अभियन्ता एंव अपनी रिपोर्ट सहित इसे विभागीय सचिव के माध्यम से केन्द्रीय सरकार को भेज दिया जाता है। इसके साथ एस्टीमेट की नकल, बैंक का खाता नम्बर तथा बैंक खाता में शेष राशि की फोटो प्रति भी साथ सलंग्न की जाती है।
  • केन्द्रीय सरकार
    द्वारा 90 प्रतिशत राशि आंबटन करने के बाद समिति द्वारा यह राशि समिती के खाते में जमा करवा दी जाती है तथा विभाग के तकनीकी अधिकारी की सहायता से कार्य करवाया जाता है।
  • कार्य पुर्ण होने के बाद इस परियोजना का रख रखाव भी समिति करेगी तथा इसका खर्च घर-घर में पानी का कनैक्शन देकर प्राप्त राजस्व के किया जायेगा।

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