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| On 3 weeks ago

Republic Day: Outline of speech on Republic Day.

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गणतन्त्र दिवस : गणतंत्र दिवस पर दिए जाने भाषण की रूपरेखा।

राष्ट्रीय दिवस गणतन्त्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सम्बोधन की रूपरेखा निम्नानुसार है-

1. अतिथि सम्बोधन।
2. स्थान का विवरण।
3. दिवस का महत्व।
4. वर्तमान की आवश्यकता।
5. इतिहास पुरषों का स्मरण व प्रेरणा।
6. सभी का दायित्व व अपेक्षा।
7. विद्यालय की उपलब्धि व समाज से अपेक्षा।
8. धन्यवाद ज्ञापन।

सम्बोधन

आज के कार्यक्रम के परम् आदरणीय अध्यक्ष महोदय श्री----------------, मुख्य अतिथि आदरणीय  श्रीमान--------------, विशिष्ट अतिथि आदरणीय श्रीमान----------- व मंच पर बिराजे हुए सम्मानित श्री --------व श्री---------- ! विद्यालय के स्टाफ सदस्य, विद्यार्थी गण, ग्राम/शहर के गणमान्य नागरिक, भामाशाह व मातृशक्ति।

(नोट- प्रभावी उदबोधन हेतु आप अन्य उपस्थित व्यक्तियों के नाम भी अपने उदबोधन में सम्मिलित कर सकते है। जब किसी व्यक्ति विशेष का नाम संस्थाप्रधान अपने उदबोधन में सम्मिलित करते है तो सम्बन्धित को अच्छा अनुभव होता है तथा वह विद्यालय गतिविधियों से भी जुड़ता है।
कुछ वक्ता अधिक अतिथियों के नाम लेने की अपेक्षा अध्यक्ष, मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि का नाम लेकर शेष हेतु "सम्मानित मंच"कहकर अपने उदबोधन को आरम्भ कर देते है। )

आज हम राउमावि-------------- के पवित्र परिसर में राष्ट्र के तीन में से एक राष्ट्रीय दिवस "गणतन्त्र दिवस" के आयोजन हेतु एकत्र हुए है। हमारा विद्यालय सम्पूर्ण क्षेत्र में एक विशिष्ठ पहचान रखता है। हमारे विद्यालय के स्थापना वर्ष ------------ के पश्चात से अनेक विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त करके भारत राष्ट्र को अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की है। आज के विद्यार्थी ही कल के राष्ट्र निर्माता है।

आज ही दिन अर्थात 26 जनवरी 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) 1935 को हटाकर भारत के संविधान को लागू किया गया था। भारत के संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी की दिनांक का चयन इसलिए किया गया था क्योंकि 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया गया था। 1947 में आजादी मिलने से पूर्व तक इसी दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में आयोजित किया जाता था।

आजादी मिलने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई थी। इस सभा ने 9 दिसम्बर 1947 से कार्यारम्भ किया था। इस सभा के अंतर्गत डॉ भीमराव अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, वल्लभ भाई पटेल, डॉ जाकिर हुसैन प्रमुख सदस्य थे। संविधान निर्माण की 22 समितियों में से सबसे प्रमुख "ड्राफ्ट समिति" के अध्यक्ष विधिवेत्ता डॉ भीमराव अंबेडकर थे। इस कमेटी ने 2 वर्ष 11 माह व 18 दिन की कठोर निष्ठावान मेहनत से भारतीय संविधान का निर्माण किया तथा 26 नवम्बर 1949 को सुपुर्द किया। इसीलिए 26 नवम्बर को हम संविधान दिवस के रूप में आयोजित करते है।

आज के पवित्र दिन हम पूरे भारत में "गणतंत्र दिवस"आयोजित किया जाता है। नई दिल्ली में आज महामहिम राष्ट्रपति महोदय राष्ट्रध्वज फहराते है। आज हम भाग्यशाली है कि हम हमारे महान राष्ट्र का झंडा फहरा कर अपने देश के लिए सुख, शांति, सम्रद्धि व विकास की कामना करते है।

हमारे महान राष्ट्र को आजादी दिलवाने में अनगिनत स्वतन्त्रता सेनानियों ने अपना तन, मन व धन न्यौछावर कर दिया था। स्वतन्त्रता की इस लम्बी लड़ाई को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  की अगुवाई में मंजिल 15 अगस्त 1947 को मिली लेकिन असल लोकतंत्र का शुभारंभ आज के दिन 1950 हुआ। आज के दिन हमने संविधान को अपनाया। भारत का संविधान विश्व के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक है। इस संविधान के आधार पर ही हम सदैव एक रहकर अपनी मातृभूमि की सेवा करते रहेंगे। हर भारतीय से यह अपेक्षा की जाती है कि वे समाज के हर व्यक्ति के संवैधानिक मूल्यों व अधिकारों का सरंक्षण करें।

आज भारत विश्व के सबसे प्रमुख देशों में से एक है एवम विकसित अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।  भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत सदैव से विश्वगुरु रहा है एवम आज भी सम्पूर्ण विश्व भारत से शाश्वत ज्ञान, विशुद्ध विज्ञान व जीवन कौशल सीखना चाहता है। आज हमारा राष्ट्र हमसे अपेक्षा करता है कि हम जिस स्थान पर निवास कर रहे है उस स्थान को भाईचारे की मिसाल बना दे, जिस कार्य मे सलग्न है उस कार्य को सर्वोत्तम तऱीके से सम्पादित करे व राष्ट्र की सुरक्षा,  विकास व उन्नति हेतु अपने श्रेष्ठतम प्रयास करें। आज के दिन प्रत्येक विद्यार्थी यह शपथ ले कि वह विद्यार्थी के रूप में कठोर मेहनत से शिक्षा प्राप्त करें व प्राप्त ज्ञान को राष्ट्र की सेवा में अर्पित करें।

हमारे विद्यालय ने इस सत्र में शिक्षा के समस्त क्षेत्रों शैक्षिक, सहशैक्षिक व खेलकूद में उल्लेखनीय प्रगति की  है एवं राज्य सरकार व स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से भौतिक संसाधनों का विकास हुआ है। विद्यालय स्टाफ बोर्ड परीक्षा उन्नयन हेतु पाठ्यक्रम पूर्ण करने,  विशेष कक्षाओं का संचालन, समस्या निराकरण के साथ ही प्री-बोर्ड परीक्षाओं के माध्यम से प्रयासरत है। इस हेतु हमारे विभाग ने "प्रयास 2020" माध्यम से श्रेष्ठ प्रयास किया है।

इस सत्र में राजस्थान ने क्वालिटी एजुकेशन इंडेक्स में भारत मे दूसरा स्थान प्राप्त किया है। विद्यालय के प्रत्येक वर्ग के विद्यार्थियों को प्रत्येक स्तर पर छात्रवृत्ति प्रदान की गई है एवम राज्य सरकार द्वारा कक्षा 9 में अध्ययनरत बालिकाओं को निःशुल्क साइकल वितरण के साथ ही बालिकाओं के  प्रोत्साहन हेतु गार्गी व बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया है।

इस वर्ष बालिकाओं को प्रोत्साहन के लिए राज्य में कालीबाई भील मेघावी स्कुटी योजना के तहत 6,000 स्कुटी वितरण किया जाएगा। विद्यालय की एक बालिका का इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार हेतु चयन हुआ है जिसके तहत एक लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त गार्गी व बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार हेतु भी बालिकाओं का चयन हुआ है। विभिन्न वर्ग के विद्यार्थियों का मुफ्त गुणवत्तापूर्ण लेपटॉप भी राज्य सरकार द्वारा प्रदान किये जा रहे है।

विद्यालय आज विकास की नई इबारत लिख रहा है। विद्यालय में आईसीटी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। छोटी कक्षाओं को एसआईक्यूई विधी से अध्यापन के साथ "निष्ठा" प्रशिक्षण से दक्ष शिक्षक अध्यापन कार्य पूर्ण कर रहे है।

कक्षा 9 वी व उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को "राजीव गांधी करियर पोर्टल" माध्यम से केरियर गाइडेंस सुविधा दी गई है। विद्यालय के 3 बच्चों को राज्य स्तरीय सांस्कृतिक भ्रमण का अवसर मिला व एक विद्यार्थी का चयन इंस्पायर अवार्ड हेतु हुआ है।

इस नवक्रमोन्नत विद्यालय हेतु "समसा" के अन्तर्गत 2 कक्षा-कक्ष निर्माणाधीन है। स्थानीय ग्रामपंचायत के सरपंच श्री/श्रीमती/सुश्री...............के सहयोग से बालिकाओं के लिए 2 शौचालय निर्माण व मरम्मत कार्य किया गया है।

विद्यालय समाज का दर्पण एवम विकास का केंद्र है। राज्य सरकार व समस्त स्थानीय भामाशाह के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ यह अनुरोध है कि इस नवक्रमोन्नत विद्यालय के विकास हेतु आप अधिकाधिक सहयोग प्रदान करें। आप अब "ज्ञान संकल्प पोर्टल" के माध्यम से सीधे विद्यालय को आर्थिक सहयोग कर सकते है। विद्यालय को दिए गए प्रत्येक सहयोग हेतु आपको आयकर में छूट भी उपलब्ध है। आप अधिक जानकारी मुझसे व कार्यालय स्टाफ से प्राप्त कर सकते है।

अपनी वाणी को विराम देने से पूर्व में आज के कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अध्यक्ष महोदय, मुख्य अतिथि महोदय, विशिष्ट अतिथि महोदय, एसडीएमसी अध्यक्ष, एसएमसी अध्यक्ष, स्थानीय प्रशासन, सरपंच जी, भामाशाह बन्धुओं, गणमान्य नागरिकों, स्टाफ सदस्यों व विद्यार्थियों को धन्यवाद प्रदान करता हूँ।

जय हिंद।