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Rules Related to Prevention of Salary Increment | वेतन वृद्धि रोकने संबंधित नियम

राजस्थान राज्य के कार्मिको के संमबन्ध में राजस्थान सेवा नियम ( आर.एस.आर.) राजस्थान में 01.04.1951 से लागू हैं। किसी राज्य कार्मिक के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के परिणामस्वरूप जब उस कार्मिक को दंडित करने के उद्देश्य से उसकी वेतन वृद्धि रोकी जाती हैं तो निम्नलिखित जानकारी उस कार्मिक को होना आवश्यक हैं।

Type of stoppage of Increment | Type of stoppage of Increment

किसी कार्मिक को सेक्शन 16 अथवा सेक्शन 17 में कार्यवाही पश्चात जब उसकी वेतन वृद्धि को रोका जाता हैं तोवेतन वृद्धि रुकने के दो प्रकार होते हैं।

Cumulative and Non Cumulative | संचयी एवं असंचयी वेतन वृद्धि रुकना

वेतन वृद्धि को दो प्रकार से रोका जा सकता हैं। संचयी वेतन वृद्धि का रुकने का अर्थ हैं कि कार्मिक को स्थाई नुक्सान हुआ हैं एवं उसकी एक वेतन वृद्धि स्थाई रूप से रोकी गई हैं। असंचयी वेतन वृद्धि रुकने का मतलब हैं कि कार्मिक को तात्कालिक हानि हैं परन्तु दीर्घ काल में उसको तुलनात्मक रूप से कम हानि हैं। आपको इस लेख में संचयी एवं असंचयी वेतन वृद्धि रुकने के क्रम में विस्तार से समझाया जा रहा हैं।

Difference in cumulative and non-cumulative increment STOPAGE / संचयी एवं असंचयी वेतन वृद्धि रुकने में अंतर

वेतन वृद्धि रोकने के दंड में संचयी एवं असंचयी प्रभाव में प्रमुख अन्तर कर्मचारी को होने वाली आर्थिक हानि को लेकर हैं।

संचयी वेतन वृद्धि रुकने का प्रभाव

जब किसी कर्मचारी की संचयी प्रभाव से एक वेतनवृद्धि रोकी जाती है तो उसको एक वर्ष की वेतनवृद्धि नही लगती है इसका तात्पर्य हैं कि पूरी जिंदगी उसको आर्थिक हानि

होती है।
जिस दिन वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी होते है उसके बाद आगामी जुलाई माह में मिलने वाली वेतनवृद्धि नही लगेगी।

उदाहरण:- जैसे किसी कार्मिक के एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकी गई एवं 23/04/19 को इस आशय के आदेश जारी किए गये तब इस प्रकार सेवा पुस्तिका में एंट्री होगी।

1/7/18 को 61300
1/7/19 को संचयी से रोकी गई
1/7/20 को 63100
इस प्रकार वेतनवृद्धि देय होती है।

असंचयी वेतन वृद्धि रुकने के प्रभाव

असंचयी प्रभाव से एक वेंतनवृद्धि रोकने पर सेवापुस्तिका में इंक्रीमेंट बराबर लिखा जाता है परंतु एक वर्ष तक उसका आर्थिक लाभ नही मिलता है।

उदाहरण
1/7/18 को 61300
1/7/19 को 63100
(असंचयी से रोकी गई)
1/7/20 को 65000

इसमे 01/07/19 से 30/06/20 का वेतन 61300 की दर से ही मिलेगा फिर 01/07 /20 को वेतन 65000 हो जायेगा।

नोट:-(1) परिनिन्दा का दण्ड देने पर Acp एक वर्ष बाद स्वीकृत होती है जो हर परिनिन्दा के दण्ड पर यही नियम लागू होता है।
अर्थात दो बार परिनिन्दा का दण्ड मिलता है तो acp दो वर्ष बाद मिलेगी।

(2)जितनी वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किये जाते है पदोन्नति / एसीपी भी उतने वर्ष बाद मिलेगी