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| On 1 month ago

गाना रोजाना | संसार है एक दरिया।

संसार है एक दरिया, दुख सुख दो किनारे है। यह एक गजब का महत्वपूर्ण गाना है जिसे हम बॉलीवुड का हम आम नागरिकों को एक अहम गिफ्ट समझ सकते है। ऐसा गाना दुबारा नही बनेगा कमसेकम यह तो गारण्टी हैं। आइये, सब कुछ जानते है इस गाने के बारे में।

संसार है एक नदिया, फ़िल्म रफ्तार, Www.shivira.com

रफ्तार फ़िल्म | Raftaar Movie

यह फ़िल्म 1 फरवरी 1975 को रिलीज हुई थी। इस फ़िल्म के मुख्य कलाकार विनोद मेहरा, मौसमी चटर्जी, डैनी डेन्जोंगपा, रणजीत व मदनपुरी थे। फ़िल्म की कहानी राजवंश ने लिखी थी। फ़िल्म के गाने वर्मा मलिक व ओमकार वर्मा ने लिखे थे।

Film Raftaar

फ़िल्म रफ्तार के इस गजब के गाने को अभिलाष ने बोल दिए थे। इस गाने के म्यूजिक डायरेक्टर सोनिक थे। यह दोगाना मदनपुरी एवम बेहद खूबसूरत मौसमी चटर्जी पर फिल्माया गया था। इस बेहतरीन गीत को आवाज आशा भोंसले एवम मुकेश ने प्रदान की थी। फ़िल्म ग्रामीण पृष्ठभूमि की है लेकिन एक बार दर्शनीय हैं।

संसार है एक नदिया गाने के बोल | Lyrics of Song Sansaar hei ek Nadiya

संसार है इक नदिया
दुःख सुख दो किनारे है!
न जाने कहाँ जाए
हम बहते धारे है!!

संसार है इक नदिया,
दुःख सुख दो किनारे है!
न जाने कहाँ जाए,
हम बहते धारे है!!
संसार है इक नदिया....

चलते हुए जीवन की,
रफ़्तार में एक लय है!
चलते हुए जीवन की,
रफ़्तार में एक लय है!!
इक राग में इक सुर में,
संसार की हर शय है !!
संसार की हर शय है!!


इक तार पे गर्दिश में,
ये चाँद सितारे है!
न जाने कहाँ जाए,
हम बहते धारे है!!
संसार है इक नदिया....

संसार है इक नदिया,
दुःख सुख दो किनारे है!
न जाने कहाँ जाए,
हम बहते धारे है!!
संसार है इक नदिया.....

धरती पे अम्बार की,
आँखों से बरसती है!
धरती पे अम्बार की,
आँखों से बरसती है!!

इक रोज़ यही बुँदे,
फिर बादल बनाती है!
इक रोज़ यही बुँदे,
फिर बादल बनाती है!!

इस बनने बिगड़ने के,
दस्तूर में सारे है!

कोई भी किसी के लिए,
अपना न पराया है!
कोई भी किसी के लिए,
अपना न पराया है!
रिश्तों के उजाले में,
हर आदमी साया है!
रिश्तों के उजाले में,
हर आदमी साया है!!


क़ुदरता के भी देखो तो,
ये खेल पुराने है!
न जाने कहाँ जाए,
हम बहते धारे है!!
संसार है इक नदिया......

है कौन वो दुनिया में,
न पाप किया जिसने!
है कौन वो दुनिया में,
न पाप किया जिसने!!


बिन उलझे कांटो से,
है फूल चुने किसने!
है फूल चुने किसने,
बे दाग नहीं कोई,
यहां पापी सारे है!
न जाने कहाँ जाए,
हम बहते धारे है!!

संसार है इक नदिया...
दुःख सुख दो किनारे है!


न जाने कहाँ जाए
हम बहते धारे है!
हम बहते धारे है!!

चलिए, सुनते है गाना, इस लिंक पर।

गाने की खूबसूरती | Beauty Of Song

इस गाने की सबसे बड़ी खूबसूरत बात यह है कि इसको बड़ी नजाकत व दर्शन से लिखा गया हैं। इस गाने के बोल है कि एक तार पर गर्दिश में यह चांद सितारे है। यह अनोखी पंक्ति जीवन दर्शन पर आधारित हैं।

इस गाने की सबसे बड़ी खूबसूरती है कि मदनपुरी ने स्क्रीन पर जबरदस्त प्रस्तुति दी। मौसमी चटर्जी ने गजब के एक्सप्रेशन दिए। मुकेश की आवाज ने गाने में जबरदस्त मानवीय संवेदना पिरो दी थी।