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संतोषी माँ की आरती | Santoshi Maa Ki Aarti

संतोषी माँ भगवान गणेश की बेटी और देवी दुर्गा की सबसे शांत रूप हैं। जैसा कि उसके नाम से पता चलता है, वह सभी दुखों को दूर करने वाली और धैर्य की शिक्षा देने वाली देवी  है। संतोषी माँ दया, प्यार, शांति, धैर्य और संतुष्टि की साक्षात मूर्ति हैं। वह शुद्ध और कोमल हृदय की वाली माता हैं। ऐसा माना जाता है कि लगातार 16 शुक्रवार का उपवास  करने से संतोषी मां की कृपा बरसती है। वह अपने भक्तों को तीसरी दुनिया के दुष्टो की बुरी नजर और नकारात्मकता से बचाने के लिए अपने चार हाथों में से दो में तलवार और त्रिशूल  रखती हैं।

संतोषी माँ आरती (Santoshi Maa Aarti in Hindi)

जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता,
अपने सेवक जन को, सुख संपति दाता।

जय संतोषी माता

सुंदर चीर सुनहरी माँ धlरन किन्हो,
हीरा पन्ना दमके, तन शृंगार  किन्हो।

जय संतोषी माता

गेरू लाल छवी, बदन कमल सोहे,
मंद हंसत करुणामयी त्रिभुवन मन मोहे।

जय संतोषी माता

स्वर्ण सिंहसन बैठा, चंवर धुरे प्यारे,
धूप, दीप, मधुमेव, भोग धरे न्यारे।

जय संतोषी माता

गुड और चना पावत, तम संतोष कियो,
संतोषी कहलाई, भक्तन वैभव दियो।

जय संतोषी माता

शुक्रवlर प्रिय मानत, आज दिवस सोही,
भक्त मंडली गावत, कथा सुनत मोही।

जय संतोषी माता

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विनय जगमग ज्योति, मंगल ध्वनि छाई,
विनय करे हम बालक, चरणन सिर नाई।

जय संतोषी माता

भक्ति भावमय पूजा, अंगिक्रुत कीजै,
जो मन बसे हमारे, इच्छा फल दीजै।

जय संतोषी माता

दुखी, दरिद्री, रोगी, संकटमुक्त कीए ,
बहू धन-धान्य भरे घर, सुख सौभाग्य दिए।

जय संतोषी माता

ध्यान धर्यो जिस जन ने, मनवांछित फल पायो,
पूजा कथा श्रवण कर, घर आनंद आयो।

जय संतोषी माता

शरण गहे की लज्जा, रखियो जगदम्बे,
संकट तू ही निवारे, दयामयी अम्बे।

जय संतोषी माता

संतोषी माँ की आरती जो कोई नर गावे,
रिद्धि-सिद्धि सुख संपति, जी भरकर के पावे।

जय संतोषी माता

संतोषी माँ की पूजा के बाद संतोषी माँ की आरती और आरती करने से कई फायदे होते हैं जैसे (Benefits of Reciting Santoshi Maa Aarti in Hindi) :

  • व्यक्ति अपने जीवन और कर्मों में संतुष्ट और धैर्यवान महसूस करता है।
  • संतोषी माँ की आरती करने से दांपत्य जीवन में लंबी उम्र और खुशहाली की प्राप्ति होती है ।
  • संतोषी माँ अपने  भक्त के जीवन में सभी बुराई और नकारात्मकता को ख़त्म  कर देती है।
  • संतोषी माँ के आशीर्वाद के रूप में संपन्नता और सुंदरता प्रदान करती  है।
  • संतोषी माँ की पूजा करने से करियर और व्यापार में सफलता और समृद्धि देखने को मिलती है l
  • संतोषी माँ की आरती का पाठ करने से व्यक्ति को कष्टों और बुरे कर्मों से मुक्ति मिल जाती है।
  • एक भक्त के जीवन में मानसिक स्थिरता के साथ आध्यात्मिकता का मार्ग संतोषी माँ द्वारा अवश्य प्रदान किया जाता है l
  • माँ संतोषी आरती का पाठ करने से भक्त के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

संतोषी माँ की आरती करने का सबसे अच्छा दिन और समय :

  • हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, शुक्रवार को संतोषी माँ की पूजा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
  • ब्रह्म मुहूर्त के ठीक बाद मंदिरों या घर में संतोषी माँ की आरती और पूजा की जा सकती है।
  • संतोषी माँ की आरती स्नान के बाद, सुबह या शाम, घर या मंदिर में की जा सकती है।

संतोषी माँ की आरती के समय किन बातों का ध्यान रखे :

  • आरती से पहले अगरबत्ती के साथ घी का दीया जलाना चाहिए और संतोषी माँ को सफेद फूलों के साथ गुड़ और भुने हुए छोले (चना) अर्पित करने चाहिए।
  • माँ संतोषी आरती के दौरान महिलाएं सिर पर दुपट्टा ओढ़कर संतोषी मां को कुमकुम, लाल चुनरी कपड़ा और फल चढ़ाएं l
  • संतोषी माँ की आरती के समय शंख, ताली और घंटियाँ एक साथ बजनी चाहिए।
  • विशेष बात यह है कि इस दिन खट्टा नहीं खाना चाहिए, खासकर अगर आपने  उपवास किया हो  क्योंकि खट्टापन नकारात्मकता को इंगित करता है और संतोषी माता को केवल मिठाई का भोग लगाया जाता है।

अंग्रेजी में संतोषी माँ की आरती पढ़ने के लिए, जाये : Maa Santoshi Aarti Lyrics

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