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Shagunotsav Guidelines for Rajasthan : A census of Schools.

शगुनोत्सव : शगुनोत्सव दिशा-निर्देश 2019-20

स्कूल शिक्षा विभाग में आरम्भ होने वाले सर्वे का नाम ।

शगुनोत्सव एक नवाचार

शिक्षा विभाग ने यू-डाइस, परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इनडेक्स, जीआईएस मैपिंग आदि नवाचार गुणवत्ता में सुधार के लिए किए थे, अब शगुनोत्सव का आगाज किया जा रहा है।

मोबाइल एप

राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग की 68 हजार राजकीय विद्यालयों का पूर्ण सर्वे किया जाएगा। इसके तहत स्कूलों का सेंसस आधारित सघन अवलोकन किया जाएगा। इस सर्वे कार्य मे डाइट के शिक्षक व विद्यार्थियों की

अहम भूमिका रहेगी। इस सर्वे कार्य हेतु प्रश्नावली निर्माण केंद्रीय स्तर पर भारत सरकार द्वारा किया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा इस सर्वे को शगुनोत्सव नाम दिया गया है। इस सर्वे के पश्चात "शगुनोत्सव" नामक मोबाइल एप में समस्त सूचनाओं को अपलोड किया जाएवा।इसकी सीधी रिपोर्ट केन्द्र से लेकर राज्य स्तर पर पहुंचेगी। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर की जांच नहीं की जाएगी, अपितु विद्यालयों के संसाधन, सुविधाएं, मिड-डे-मील, आपदा प्रबन्धन आदि का अवलोकन होगा।

सर्वे आधार पर स्कूल ग्रेडिंग

इस सर्वे

में राजकीय स्कूलों द्वारा शाला दर्पण व यू-डाइस पर अपलोडेड गई विभिन्न सूचनाओं यथा- विद्यालय नामांकन, संस्थापन, भौतिक सुविधाओं व अन्य समस्त जानकारियों का भौतिक सत्यापन सत्यापन किया जाएगा। स्कूलों द्वारा भरी गई सूचनाओं के सत्यापन के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग तय की जाएगी व भविष्य हेतु योजनाओं का निर्माण होगा।

प्रकोष्ठ द्वारा समस्या निराकरण

शगुनोत्सव कार्यक्रम की पूर्ण मोनिटरिंग राज्य व जिला स्तर पर की जाएगी। मोनिटरिंग हेतु विभिन्न स्तरों पर प्रकोष्ठ निर्माण किया जाएगा। जिला स्तर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी

स्तर पर निर्मित होने वाले प्रकोष्ठ के माध्यम से जिला व ब्लॉक स्तर पर आने वाली समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

डाइट की अहम भूमिका

शगुनोत्सव कार्यक्रम के संचालन हेतु प्रत्येक जिले की जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान की अहम भूमिका रहेगी। शगुनोत्सव कार्यक्रम के तहत सर्वे आरम्भ होने से पूर्व डाइट के प्रधानाचार्यो को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। डाइट प्रिंसिपल जिला समन्वयक का दायित्व देखेंगे। डाइट के कार्मिक व स्टूडेंट्स के द्वारा इस सर्वे में मुख्य भूमिका निभाई जानी है व आवश्यकतानुसार ब्लॉक सन्दर्भ व्यक्ति व अन्य कार्मिको को कार्य प्रदान किया जाना है।

मानदेय भी देय।

सर्वे कार्य मे सलग्न होने वाले कार्मिको को शहरी क्षेत्र में प्रति प्रावि विद्यालय 500/- व ग्रामीण क्षेत्र के प्रावि विद्यालय हेतु प्रति विद्यालय 600/- के अलावा 300/- प्रतिमाह इंटरनेट पैकेज चार्ज भी देय होगा। माध्यमिक व उमा के लिए 800 रुपए बजट निर्धारित किया है। सर्वयेर को ट्रेनिंग में भाग लेने पर मानदेय दिया जाएगा।राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, शगुनोत्सव दिशा निर्देश 2019-20