Categories: News
| On 2 years ago

Sheila Dikshit, former Delhi Chief Minister, no more

श्रीमती शीला दीक्षित का निधन हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति - अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री, राजस्थान

जयपुर, 20 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

श्री गहलोत ने अपने संवेदना संदेश में कहा कि श्रीमती शीला दीक्षित का निधन हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। वे बहुत सहज एवं मिलनसार व्यक्तित्व की धनी थीं। एक विजनरी लीडर एवं जमीन से जुड़ी हुई राजनेता के रूप में उनकी एक अलग पहचान थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि

-ad-wrapper amp-ad-wrapper-rspv amp_ad_1 ampforwp-incontent-ampforwp-incontent-ad ampforwp-incontent-ad1">
राजधानी दिल्ली मेें आधारभूत सुविधाओं के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। अपने लम्बे कार्यकाल में उन्होंने दिल्ली को आधुनिक स्वरूप देने में कोई कमी नहीं रखी। उनकी सेवाओं को सदैव याद किया जाएगा।

श्री गहलोत ने दिवंगत की आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

श्रीमती शीला दीक्षित:

श्रीमती शीला दीक्षित भारत के केरल राज्य की पूर्व राज्यपाल थीं। इससे पूर्व वे दिल्ली राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। वे देश की पहली ऐसी महिला

मुख्यमंत्री थीं जिन्होंने लगातार तीन बार मुख्यमंत्री पद संभाला।
2013 में हुए विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। वे दिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री थीं।2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांगेस पार्टी की मुख्यमंत्री पद लिये उम्मीदवार घोषित की गई थीं। उनका निधन शनिवार 20 जुलाई, 2019 को दिल्ली के एस्कोर्ट अस्पताल में हो गया।

जीवन:

श्रीमती शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को हुआ था। इन्होंने अपनी शिक्षा दिल्लू के जीसस एंड मैरी स्कूल से ली। बाद में स्नातक और

कला स्नातकोत्तर की शिक्षा मिरांडा हाउस कालेज से ली। इनका विवाह प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा पूर्व राज्यपाल व केन्द्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री रहे, श्री उमाशंकर दीक्षित के परिवार में हुआ। इनके पति स्व. श्री विनोद दीक्षित IAS के सदस्य रहे थे। इनके दो संतानें हैं, एक पुत्र व एक पुत्री।

अनुभव:

इन्हें राजनीति में प्रशासन व संसदीय कार्यों का अच्छा अनुभव था। इन्होंने केन्द्रीय सरकार में 1986 से 1989 तक मंत्री पद भी ग्रहण किया था। पहले ये, संसदीय कार्यों की राज्य मंत्री रहीं, तथा बाद में, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री रहीं। १९८४ - ८९ में इन्होंने उत्तरप्रदेश की कन्नौज लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। संसद के कार्यकाल में, इन्होंने लोकसभा की एस्टीमेट्स समिति के साथ कार्य किया। इन्होंने भारतीय स्वतंत्रता की चालीसवीं वर्षगांठ की कार्यान्वयन समिति की अध्यक्षता भी की थी। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष के पद पर, 1998 में कांग्रेस को दिल्ली में, अभूतपूर्व विजय दिलायी। 2008 में हुये विधान सभा चुनावों में शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतीं।