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| On 4 days ago

क्यों चर्म रोग होता है ? कैसे चर्म रोग से बचे ?

Skin Problem (चर्म रोग) - त्वचा के किसी भाग के असामान्य अवस्था को Skin Problem (चर्म रोग) (dermatosis) कहते हैं। त्वचा शरीर का सबसे बड़ा तंत्र होती है। यह सीधे बाहरी वातावरण के सम्पर्क में होती है। त्वचा शरीर का सबसे विस्तृत अंग होती है। इसके साथ ही त्वचा वह अंग है जो बाह्य जगत् के संपर्क में रहती है। इसी कारण त्वचा को अनेक वस्तुओं से हानि पहुँचती है। इस हानि का प्रभाव शरीर के आंतरिक अवयवों पर नहीं पड़ता। त्वचा के रोग विभिन्न प्रकार के होते हैं। त्वचा सरलता से देखी जा सकती है। इस कारण त्वचा रोग चाहे चोट हो या संक्रमण (infection) हो वह त्वचा को या त्वचा पर छोटे-छोटे चकते (निशान) बना देते हैं।

Skin Problem (चर्म रोग) को अंग्रजी में Skin Disorder (स्किन डिसऑर्डर) कहते है। यह एक ऐसा रोग है जो त्वचा को प्रभावित करता है और चर्म रोग की स्थिति को पैदा करता है। बहुत-सी परिस्तिथियों में त्वचा रोग होने पर अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ परिस्तिथियों में त्वचा रोग आंतरिक रोग के कारण होता है। त्वचा रोग व चर्म रोग के लक्षण व संकेत भिन्न-भिन्न नजर आ सकते है। जिनमें कुछ लक्षण में दर्द व जलन हो सकती है। कई स्तिथियों में त्वचा विकार अनुवांशिक कारण होने से होता है। इसके अलावा कई मामलों में वायरस व संक्रमण से प्रभावित होने पर त्वचा पर एलर्जिक प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।

Skin Problem (चर्म रोग) के प्रकार :

  1. रूखी त्वचा।
  2. नाखुनो में होने वाला संक्रमण।
  3. छाल रोग।
  4. चकत्ते।
  5. चिकन पॉक्स।
  6. ऑयली त्वचा।
  7. मुंहासे।
  8. मस्से।
  9. दाद।
  10. फोड़े।
  11. त्वचा का कैंसर।
  12. सफ़ेद दाग।
  13. एक्जिमा।
  14. मिलनोमा।
  15. खाज।
  16. सफ़ेद दाग।

चर्म रोग होने के कारण / Cause of Skin Disease in Hindi :

Skin Problem (चर्म रोग) कई कारणों से हो सकते हैं जिनमें प्रमुख कारण इस प्रकार हैं :-

  • अनुवांशिक कारण से Skin Problem (चर्म रोग) की समस्या हो सकती है।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने से Skin Problem (चर्म रोग) हो सकता है।
  • थायराइड, प्रतिरक्षा प्रणाली गुर्दे और शरीर को प्रभावित करने वाली बीमारी से ग्रस्त होने पर Skin Problem (चर्म रोग) हो सकता है।
  • एलर्जी करने वाले पदार्थ या संक्रमण त्वचा के संपर्क में आने से Skin Problem (चर्म रोग) रोग हो सकता है।
  • वायरस/संक्रमण से प्रभावित होने पर Skin Problem (चर्म रोग) होना।
  • Skin Problem (चर्म रोग) त्वचा वायरस /संक्रमण के कारणों से भी होता है।
    • Fungal (फंगल) संक्रमण।
    • परजीवी त्वचा संक्रमण।
    • Infection (वायरस) से हुआ त्वचा का संक्रमण।
    • कीटाणुओं/बैक्टीरिया से त्वचा का संक्रमण।
  • पसीने में बदबू द्वारा।
  • अस्वच्छ रहने से।
  • रसायनों के प्रभाव से।
  • भौतिकी कारणों से।
  • जन्मजात से।
  • अधिक समय धूप में बिताने से।
  • एंटीबायोटिक दवा के खाने से साइड एफेट्स।
  • महिलाओं में मासिक चक्र अनियमितता की समस्या हो जाने पर।
  • शरीर में ज़्यादा गैस जमा होने से।
  • अधिक कसे कपड़े पहनने और नाइलोन के कपड़े पहनने पर।
  • साबुन में अधिक सोडा होने से।
  • खून की खराबी के कारण।
  • गर्म और तीखा आहार खाने पर।
  • आहार करने के तुरंत बाद व्यायाम करने से।
  • उल्टी, छींक, डकार, वाहर (Fart), पेशाब और शौच को रोकने से।
  • शरीर पर लंबे समय तक धूल/मिट्टी और पसीना जमा रहने से।

त्वचा रोग के लक्षण / Symptoms Of Skin Disease in Hindi :

दाद-खाज/खुजली होने पर चमड़ी एकदम से सूख जाती है, और उन जगहों पर खुजलाने से छोटे-छोटे दाने निकल जाते हैं। चर्म रोग में जलन, खुजली और दर्द होने की गुंजाइश रहती है। शरीर में गर्मी होने पर चमड़ी पर सफ़ेद या भूरे दाग दिखाई देने लगते हैं या फोड़े और फुंसी निकल जाते हैं और इनका उपचार ना होने पर इनमें पीप भी निकलने लगता है।

  1. सुखी व फटी त्वचा का होना।
  2. अल्सर होना।
  3. त्वचा में खुरदरापन होना।
  4. लाल या सफ़ेद रंग के उभार होना।
  5. शरीर पर थक्के, मस्से होना।
  6. त्वचा पर उभार आना।
  7. त्वचा का रंग बिखरना/बिगड़ना।
  8. अत्यधिक फ्लशिंग होना ।
  9. खुले घाव होना या ज़ख्म होना।
  10. दर्दनाक और खुजली वाले चकत्ते(निशान) बनना।
  11. त्वचा के संक्रमण हो सकते है।
  12. मवाद होना ।
  13. फीकी व दर्दनाक त्वचा होना।
  14. छाले होना।

Ayurvedic Treatment & Home Remedies for Skin Disease in Hindi चर्म रोग दूर करने के आयुर्वेदिक एंव घरेलू उपाय :

  1. नहाते समय नीम के पत्तों को पानी के साथ गर्म कर के उस पानी के नहाने से Skin Problem(चर्म रोग) ठीक होता है
  2. Neem (नीम) की कोपलों (नए हरे पत्ते) सुबह खाली पेट खाने से।
  3. Skin Problem(चर्म रोग) के घाव ठीक करने के लिए Neem (नीम) के पत्तों का रस घाव पर लगाने से
  4. मूली के पत्तों का रस।
  5. तिल और मूली खाने से त्वचा के भीतर जमा पानी सूखता है, और सूजन खत्म खत्म होती है।
  6. मूली का गंधकीय तत्व Skin Problem(चर्म रोग) से मुक्ति दिलाता है।
  7. मूली में Chlorine (क्लोरीन) और Sodium (सोडियम) तत्व होते है, ये तत्व पेट में मल जमने नहीं देते और इस कारण गैस या अपच की समस्या नहीं रहती है।
  8. मूली में Megneshiym (मेग्नेशियम) की मात्रा होती है, यह तत्व पाचन क्रिया में सहायक होता है।
  9. मूली खाने से त्वचा पर दाग, धब्बे, झाईयां, और मुहासे ठीक होते हैं।
  10. Skin Problem(चर्म रोग) में सेब के रस को लगाने से राहत मिलती है। प्रति दिन एक या दो सेब खाने से चर्म रोग दूर होते हैं।
  11. खाज/खुजली की समस्या के लिए गौमूत्र का उपयोग
  12. लहसुन का रस।
  13. लहसुन और सूरजमुखी को पीस कर।
  14. सरसों के तेल में लहसुन की कलीयों को डाल कर उसे गर्म कर त्वचा पर लगाने से।
  15. सरसों के तेल में हल्दी मिला कर उपयोग में लेना।
  16. हल्दी पीस कर तिल के तेल में मिलाये।
  17. चेहरे के काले दाग और धब्बे दूर करने के लिए हल्दी की गांठों को में घिस कर लगाने पर।
  18. करेले के का रस
  19. गाजर का रस।
  20. पालक और गाजर का रस।
  21. काली मिट्टी में शहद मिला कर फोड़े और फुंसी वाली जगह पर लगाया जाए तो तुरंत राहत हो जाती है।
  22. फुंसी पर असली (भेग रहित) शहद लगाने से फौरन राहत हो जाती है।
  23. शहद में पानी मिला कर पीने से फोड़े, फुंसी, और हल्के दाग दूर हो जाते हैं।
  24. सेंधा नमक, दूध, हरड़, चकबड़ और वन तुलसी को समान मात्रा में ले कर, कांजी के साथ मिला कर पीस लें। तैयार किए हुए इस चूर्ण को दाद, खाज और खुजली वाली जगहों पर लगा लेने से फौरन आराम मिल जाता है।
  25. हरड़ और चकबड़
    को कांजी के साथ कूट कर, तैयार किए हुए लेप को दाद पर लगाने से दाद फौरन मीट जाता है।
  26. पीपल की छाल का चूर्ण लगा नें पर मवाद निकलने वाला फोड़ा ठीक हो जाता है। चार से पाँच पीपल की कोपलों को नित्य सुबह में खाने से एक्ज़िमा रोग दूर हो जाता है। (यह प्रयोग सात दिन तक लगातार करना चाहिए)।
  27. नीम की छाल, सहजन की छाल, पुरानी खल, पीपल, हरड़ और सरसों को समान मात्रा में मिला कर उन्हे पीस कर उसका चूर्ण बना लें। और फिर इस चूर्ण को गौमूत्र में मिश्रित कर के त्वचा पर लगाने से समस्त प्रकार के जटिल त्वचा रोग दूर हो जाते हैं।
  28. अरण्डी, सौंठ, रास्ना, बालछड़, देवदारु, और बिजौरे की छड़ इन सभी को बीस-बीस ग्राम ले कर एक साथ पीस लें। उसके बाद इन्हे पानी में मिला कर लेप तैयार कर लें और फिर उस लेप को त्वचा पर लगा लें। इस प्रयोग से समस्त प्रकार के चर्म रोग दूर हो जाते हैं।
  29. खीरा खाने से चमड़ी के रोग में राहत मिलती है। ककड़ी के रस को चमड़ी पर लगाने से त्वचा से मैल दूर होता है, और चेहरा glow करता है। ककड़ी का रस पीने से भी शरीर को लाभ होता है।
  30. प्याज को आग में भून कर फोड़ों और फुंसियों और गाठों पर बांध देने से वह तुरंत फुट जाती हैं। अगर उनमें मवाद भरा हों तो वह भी बाहर आ निकलता है। हर प्रकार की जलन, सूजन और दर्द इस प्रयोग से ठीक हो जाता है। इस प्रयोग से infection का जख्म भी ठीक हो जाता है। प्याच को कच्चा या पक्का खाने से त्वचा में निखार आता है।
  31. प्रति दिन प्याज खाने वाले व्यक्ति को लू (Heat stroke) कभी नहीं लगती है।
  32. पोदीने और हल्दी का रस समान मात्रा में मिश्रित कर के दाद खाज खुजली वाली जगहों पर लगाया जाए तो फौरन राहत मिल जाती है।
  33. पिसा हुआ पोदीना लेप बना कर चहेरे पर लगाया जाए और फिर थोड़ी देर के बाद चहेरे को ठंडे पानी से धो लिया जाए तो चहेरे की गरमी दूर हो जाती है, तथा स्किन चमकदार बनती है।
  34. अजवायन को पानी में उबाल कर जख्म धोने से उसमे आराम मिल जाता है।
  35. गर्म पानी में पिसे हुए अजवायन मिला कर, उसका लेप दाद, खाज, खुजली, और फुंसी पर लगाने से फौरन आराम मिल जाता है।
  36. नमक मिले गर्म पानी से त्वचा को धोने या सेक करने से हाथ-पैर और ऐडियों की दरारें दूर होती हैं और दर्द में फौरन आराम मिल जाता है।
  37. गरम पानी में नमक मिला कर नहाने से सर्दी के मौसम में होने वाले त्वचा रोगों के सामने रक्षण मिलता है। और अगर रोग हो गए हों तो इस प्रयोग के करने से रोग समाप्त हो जाते हैं।

त्वचा रोग होने पर भोजन में परहेज़ / Food Sobriety in Skin Disease in Hindi :

  • Skin Problem(चर्म रोग) होने पर Cigrate (सिगरेट/बीड़ी), शराब, तंबाकू पदार्थ (खैनी,भांग, गांजा) चाय, कॉफी, या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करें।
  • बाजरे और ज्वार की रोटी का उपयोग न करें
  • Skin Problem(चर्म रोग) हो जाने पर, समय पर सोना, समय पर उठना, प्रतिदिन नहाना, और सूर्य की सीधी किरणों के संपर्क से दूर रहना आवश्यक है।
  • आहार में अचार, नींबू, नमक, मिर्च, टमाटर तली वस्तुएं, आदि चीज़ों का सेवन बंद कर देना।
  • खाना पचने में परेशानी रहती हो, या पेट में गैस जमा होती हों तो उसका उपचार तुरंत करना चाहिए।
  • अस्वस्थ पाचनततंत्र वालों को Skin Problem(चर्म रोग) होने के अधिक सम्भावना रहती है।
  • Skin Problem(चर्म रोग) में रात को सोने से पूर्व एक ग्लास हल्के गुन-गुने गर्म दूध में, एक चम्मच हल्दी मिला कर दूध पीना चाहिए