| On 12 months ago

Smile Program: Rajasthan School Education Department created history by starting online education.

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स्माइल कार्यक्रम : राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन एज्युकेशन आरम्भ कर रच दिया इतिहास।

शिक्षा राज्य मंत्री ने अभिभावकों के जरिए अधिकतम विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के दिए निर्देशशिक्षकों-विद्यार्थियों को ऑनलाईन पठन-पाठन से जोड़ने की हुई पहलप्रोजेक्ट ‘स्माईल’ के तहत प्रतिदिन सुबह 9 बजे शैक्षिक सामग्री सेट देने की हुई पहल


जयपुर, 13 अप्रैल। लॉकडाउन के अवधि में प्रदेश में विद्यार्थियाें और शिक्षकों को ऑनलाईन पठन-पाठन से जोड़े जाने के लिए प्रोजेक्ट ‘स्माईल’ (सोशल मीडिया इंटरफेस फॉर लनिर्ंग एंगेजमेंट) की शुरूआत की गयी है। इसके अंतर्गत प्रदेशभर के विद्यार्थियों और शिक्षकों के वाट्सएप्प ग्रुप बनाकर उन्हें पढ़ने-पढ़ाने की तैयार सामग्री भेजी जाने की पहल की गयी है।


शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने बताया कि राजस्थान पहला ऎसा राज्य है जहां पर विद्यार्थियों- शिक्षकों को घर बैठे सोशल मीडिया के जरिए पढ़ाई करवाने की यह अनूठी पहल की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट ‘स्माईल’ के अंतर्गत विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सीखने-सिखाने की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के साथ पीईईओ द्वारा प्रदेशभर में 20 हजार से अधिक वाट्सएप्प ग्रुप्स बनाए गए हैं। 


श्री डोटासरा ने बताया कि लॉकडॉउन के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान नहीं हो, इस दृष्टि से यह महत्ती पहल है। उन्होंनें बताया कि इसके तहत  व्हाट्सएप के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों के लिए दैनिक वीडियो सामग्री प्रतिदिन प्रातः 9 बजे सोमवार से ही भेजी जानी प्रारंभ कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से बारह के लिए वीडियो सामग्री की भी विशेष व्यवस्था की है।

शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक विषय के लिए, 30-40 मिनट की सामग्री के विडियो तैयार किए गए हैं यह विडियो ग्रेड एक-दो, 3 से 5, 6 से 8 और 9 से 12 वीं कक्षा स्तर के तैयार किए गए हैं। इस सामग्री की समीक्षा राजस्थान स्टेट काउन्सिल ऑफ एजूकेशन रिसर्च एण्ड ट्रेनिंग, उदयपुर के विषय विशेषज्ञों द्वारा की गयी है।


शिक्षा राज्य मंत्री श्री डोटासरा ने बताया कि छात्रों और शिक्षकों को यह तैयार पाठ्य और शिक्षण सामग्री भेजने के लिए 20 हजार से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गये हैं और अभी भी इस संबंध में आवश्यकतानुसार और अभिभावकों को चिन्हित कर ग्रुप को बढ़ाया जा रहा हैं। उन्होंने राज्य के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कियह तैयार सामग्री वाट्सएप्प गु्रप के जरिए अधिकतम विद्यार्थियों और सुदूरतम क्षेत्रों तक पहुंचे। 


उल्लेखनीय है कि विभागीय स्तर पर कुछ दिन पहले ही समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक श्री अभिषेक भगोतिया के स्तर पर इस संबंध में विडियो कॉन्फ्रेन्स की गयी थी। इसके तहत शिक्षा अधिकारियों को सोशल मीडिया से सीखने-सिखाने की निरंतरता के लिए और प्रोजेक्ट ‘स्माईल’ की सफलता के निर्देश दिए गए थे। ऑनलाईन कॉन्फ्रेस मं  600 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था।  
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