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Social Media : Viral message about an Indian culture.

सोशल मीडिया : भारतीय संस्कृति सम्बंधित वाइरल मेसेज।

इस फोटो को थोड़ा चश्मा पहन के देखिये जी।

आज तबियत प्रसन्न हो गई । आज श्रीमतीजी की सहेली श्रीमती मंजू शर्मा जी व उनके पति प्रदीप जी शर्मा ने व्हाट्सएप पर यह तस्वीर हमसे साँझा की।

यह तस्वीर उनके बेटे कुणाल शर्मा ने जॉर्जिया से भेजी है जो कि वहाँ पर एमबीबीएस डिग्री की पढ़ाई कर रहा है। इस 18 वर्षीय बालक ने भारत से 6,000

किलोमीटर दूर रहकर भी अपने संस्कारों व संस्कृति को जिंदा रखा। जॉर्जिया में भी इस किशोर ने "शीतलाष्टमी" आयोजित की।

वह पहले पास से बहने वाली नदी से चुनकर कुछ सुंदर काले पत्थर लाया उसे मातुश्री का रूप देकर प्रतिष्ठित किया तत्पश्चात पूर्ण मनोयोग से कुछ पूड़ियाँ, केर-सांगरी सब्जी व खजरी बनाई। आज उसका सेवन किया। पूजा-अर्चना करके राष्ट्र, परिवार व सम्पूर्ण विश्व के भले की कामना की।

ऐसे सँस्कार जिस बच्चे में हो। ऐसी समर्द्ध जहाँ संस्क्रति हो। ऐसे पुनीत जहाँ विचारधारा हो। ऐसी माटी को नमन। है भारतमाता हम तेरे पुत्र सदैव तुम्हे पूजेंगे। बस हर बार तूम हमे अपनी इस पावन धरा पर जन्म लेने की अनुमति देना।

इस दुनिया मे दो सौ

से अधिक देश है लेकिन किसी भी भारतवासी को ज्ञान, कला, संस्कृति, संस्कार व आध्यात्मिक ज्ञान लेने के लिए विदेश जाने की आवश्यकता प्रतीत नही होती जबकि विदेश से सैकड़ों विद्यार्थी यहां एजुकेशनल विजिट व टूरिज्म हेतु आ रहे है। हमारे पावन देश से योग, आयुर्वेद, शास्त्रीय संगीत, वास्तुकला, अध्यात्म व समाज विज्ञान सीखने के लिए प्रयास कर रहे है।

भारत विश्व का एक ऐसा राष्ट्र है जहाँ प्रकति ने अपना पूर्ण सौंदर्य उपकृत किया है। यहाँ हर प्रकार का मौसम, टूरिस्ट डेस्टिनेशन, प्राकृतिक दृश्य, खनिज व संसाधन उपलब्ध है। सम्पूर्ण राष्ट्र अगर अपनी क्षमता का इस्तेमाल आरम्भ कर दे तो हम अतिशीघ्र विकसित व्यवस्था बन सकते है।

आप सभी से आग्रह है कि आने वाली पीढ़ी को चाहे धन-सम्पति थोड़ी कम दे दीजिए लेकिन संस्कारो की विपुल धाती अवश्य दीजिये। आज की युवा पीढ़ी को हमारे मार्गदर्शन की बहुत आवश्यकता है। वे बहुत अच्छे व संस्कारी है।

कुशल भाव व पूर्ण सम्मान के साथ।