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स्टाफ मीटिंग | Staff Meeting

प्रत्येक संगठन में स्टाफ मीटिंग का बहुत महत्व हैं। किसी भी विद्यालय, कार्यालय, संगठन, उद्योग अथवा प्रतिष्ठान के संचालन का निश्चित उद्देश्य होता है। इस उद्देश्य की प्राप्ति हेतु नियुक्त कार्मिको की निरन्तर स्टाफ मीटिंग लेकर उन्हें निर्देशित करने के साथ ही उनके कार्यो का आकलन करते हुए भावी योजना का निर्माण किया जाता है।

इस आलेख में हम स्टाफ मीटिंग के महत्व, उद्देश्य व विशेषताओं के बारे में समझेंगे। इस आलेख में एक सफल स्टाफ़ मीटिंग के आयोजन सम्बंधित बातों को भी शेयर किया जा रहा है। आप प्रत्येक बिंदु को पढ़कर अपनी टिप्पणी व प्रश्न को कमेन्ट बॉक्स में लिख सकते है। आप की जिज्ञासा व आवश्यकता के आधार पर अगले लेख समायोजित किये जायेंगे।

Importance of Staff Meeting in School |विद्यालय में स्टाफ मीटिंग का महत्व

किसी भी विद्यालय के सफलता में सुचारू व नियमित रूप से आयोजित होने वाले स्टाफ बैठक का महत्वपूर्ण स्थान होता है। राजकीय विद्यालय में स्टाफ मीटिंग का विशेष महत्व है। स्टाफ बैठक द्वारा ही विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए व राजकीय निर्देशो की पालना करते हुए समस्त लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती है।

राजस्थान स्कूल

शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष निर्मित शिविरा पञ्चाङ्ग एवं अन्य विभागीय निर्देशिकाओं में भी नियमित रूप से विद्यालय में स्टाफ मीटिंग का विवरण दिया जाता है। स्टाफ मीटिंग्स का सबसे महत्वपूर्ण पहल यह है कि इस बैठक में विद्यालय के समस्त सदस्यों के मध्य लोकतांत्रिक तरीके से विद्यालय के सकारात्मक व नकारात्मक दोनों पहलुओं पर सभी के विचार प्राप्त करके सामुहिक निर्णय लिए जाते है।

Objective of Staff Meeting | स्टाफ मीटिंग का उद्देश्य

विद्यालय में आयोजित की जाने वाली स्टाफ मीटिंग का प्राथमिक उद्देश्य विद्यालय के हित में सामुहिक निर्णय लेना है ताकि एक बार सामुहिक विचार-विमर्श से लिये गए निर्णयों की अनुपालना सभी के द्वारा पूर्ण मनोयोग से की जाती है। भारत जैसे लोकतांत्रिक राष्ट्र में यह और भी आवश्यक है कि सामुहिक मुद्दों पर सभी की रायशुमारी लेकर व सभी को निर्णयन प्रक्रिया में सम्मिलित रखा जाए।

एक विद्यालय के संसाधनों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण संसाधन "मानवीय संसाधन" होते है। विद्यालय के दर्शन, आवश्यकता व नियमोँ के परिपेक्ष्य में सभी कार्मिको के मध्य एक समानता आवश्यक है। इन मीटिंग्स के द्वारा सभी को एक सूत्र में रखा जाता है।

Characteristics of a Successful Staff Meeting| एक सफल स्टाफ मीटिंग की विशेषताएं

1. सामान्यतः स्टाफ बैठक का आयोजन माह के अंतिम कार्य-दिवस को व विद्यालय समय मे ही आयोजित करना चाहिए।

2. स्टाफ मीटिंग में उन विषयों को ही सम्मिलित करना चाहिए जो सभी से सम्बंधित हो। स्टाफ मीटिंग में सम्मिलित सभी सदस्यों की राय को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।

3. स्टाफ मीटिंग में प्रस्तुत करने से पहले प्रत्येक बिंदु का अध्ययन कर लेना चाहिए एवम बिंदु प्रस्तुत करते समय पूर्ण जानकारी व सम्भावित समस्याओं को भी प्रस्तुत करना चाहिए। सभी के सुझावों के आधार पर एक निश्चित नीति बनाकर तद्नुसार कार्य करना चाहिए।

4. स्टाफ मीटिंग में ऐसे बिंदुओं को नही रखना चाहिए जो किसी की व्यक्तिगत नाराजगी से सम्बंधित हो। यह भी प्रयास रखना चाहिए कि विवादास्पद मुद्दे सम्मिलित नही हो।

5. एक सफल स्टाफ मीटिंग पूर्णतया लोकतांत्रिक होती है जिसमे सभी को अपनी बात कहने का अवसर प्राप्त होता है।

6. स्टाफ मीटिंग का एजेंडा यानी विषय-सूची व भाग लेने वालों की सूचना पहले ही प्रदान कर दी जानी चाहिए ताकि सदस्य पूरी तैयारी के साथ स्टाफ मीटिंग में भाग ले सके।

7. स्टाफ मीटिंग के मिनट्स लिखे जाने चाहिए एवम उसका अभिलेख संधारित किया जाना चाहिए।

8. मिनट्स के अंत मे सभी सदस्य जिन निर्णयों पर सहमत हुए है व बनाई गई कार्ययोजना का लेखन होना चाहिए। इसके पश्चात सभी उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर भी करवा लिए जाने चाहिए।

9. भावी स्टाफ मीटिंग का दिन भी पूर्व निश्चित कर के उसे मिनट्स में सम्मिलित करना चाहिए।

10. स्टाफ संख्या अधिक होने की स्तिथि में मीटिंग समाप्त होने के बाद संकाय-वार व पारी-वार लिए गए निर्णयों से सभी को लिखित में सूचित करना चाहिए।

11. इन मीटिंग्स के आरम्भ व समापन के समय का पूर्ण ध्यान रखना अपेक्षित रहता है।

स्टाफ मीटिंग्स का निजी/सरकारी दोनों प्रकार की स्कुलों में बहुत महत्व है। निजी स्कूलों द्वारा स्टाफ मीटिंग की रिपोर्ट मैनेजमेंट कमेटी को प्रेषित की जाती है एवम राजकीय स्कूल की रिपोर्ट अभिलेख में रखी जाती है एवम आवश्यकता के अनुसार उच्चाधिकारियों को भी भेजी जाती है।

Agenda of School Staff Meeting | स्कूल स्टाफ मीटिंग में सम्मिलित किये जाने योग्य बिंदू

  • शैक्षिक उन्नयन सम्बंधित मुद्दे।
  • सहशैक्षिक गतिविधियों सम्बंधित मुद्दे।
  • विद्यालय में आने वाली परीक्षाओं की तैयारियों एवम पूर्व परीक्षा के परिणामों सम्बंधित विषय। परीक्षा परिणाम के गुणात्मक सुधार के क्रम में परीक्षा उन्नयन योजना।
  • छात्रोपयोगी विषय।
  • विद्यालय की भौतिक आवश्यकता आकलन एवम
    लक्ष्य निर्धारण। निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के क्रम में राजकीय संसाधनों के उपयोग एवम भामाशाहों से सम्पर्क योजना।
  • विद्यालय प्रबंधन समिति को सूचित करने योग्य विषय सूची को तैयार करना।
  • विभिन्न प्रवति प्रभारियों के कार्यो की समीक्षा एवम धन्यवाद ज्ञापन।
  • विद्यालय विकास सम्बंधित अन्य मुद्दे।

उम्मीद है कि आपको यह लेख बहुत उपयोगी लगा हैं। हम आपके लिए इसी प्रकार के उपयोगी आलेख नियमित रूप से प्रस्तुत करते रहेंगे।

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