Film Lal Singh Chadda’ s Truth | आमिर खान की फ़िल्म लाल सिंह चड्डा की असली कहानी

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आमिर खान की फ़िल्म “लाल सिंह चड्डा” सुर्खियों मे छाई हुई है। शायद पिछले लंबे समय मे यह एक ऐसा पहला उदाहरण ही है कि कोई फ़िल्म अपने फ्लॉप हो जाने के कारण चर्चा में है। दूसरे शब्दों में यह है कि फ़िल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पिटने कब बावजूद हर प्रकार की मीडिया चर्चा में अपना टॉप का स्थान बनाये रखा है। हर आदमी कुछ बेसिक बाते जानना चाह रहा है जैसे कि-

  • “लाल सिंह चड्डा” पिटी है या बुरी तरह से पिटी है तथा पिटी है तो आखिरकार कितना पिटी है?
  • क्या फ़िल्म के पिट जाने से मुम्बई फ़िल्म इंडस्ट्री की तथाकथित कन्ट्रोलिंग लॉबी कमजोर हुई है?
  • क्या अब “खान बंधुओं” के दिन लद गए है?
  • क्या बॉलीवुड में फिल्मों के बॉयकॉट का दौर जारी रहेगा?
  • शाहरुख, सलमान, आमिर, करण, आदित्य इत्यादि के सामने खड़ी हुई तथाकथित नई लॉबी का भविष्य उज्ज्वल है? तथा इस लॉबी में कौन-कौन है?
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फ़िल्म लाल सिंह चड्डा | www.shivira.com

ऊपरोक्त सवालों की तरह अनेक सवाल और भी है लेकिन सबसे पहले हमको यह समझना पड़ेगा कि कोई फ़िल्म हिट या फ्लॉप कैसे डिक्लेयर होती है तथा बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट ” लाल सिंह चड्डा” को लेकर आखिर क्या कह रहा है?

लाल सिंह चड्डा प्रकरण | बॉक्स ऑफिस क्या कहता है?

बॉक्स ऑफिस क्या कहता है? यह जानने से पहले आइये हम इस तथाकथित बॉक्स आफिस के बारे में कुछ बेसिक्स जानते है।

बॉक्स ऑफिस किसे कहते है?

बॉक्स ऑफिस या टिकट कार्यालय वह स्थान होता है जहाँ से प्रवेश के लिए टिकट बेचे जाते है। फ़िल्म इंडस्ट्री में बॉक्स ऑफिस से भी यही मतलब है कि सारे फ़िल्म हाल की टिकट बिक्री का क्या जोड़ है? बॉक्स ऑफिस शब्द का प्रयोग किसी मूवी के बिजनेस के लिए होता है।

शुक्रवार से लेकर अगले गुरुवार तक की कमाई तो वीकली बॉक्स ऑफिस के नाम से जानते हैं। शुक्रवार से लेकर रविवार तक इन तीन दिनों को वीकेंड बॉक्स ऑफिस के नाम से जाना जाता है 
 

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से क्या मतलब है?

फिल्म जब रिलीज के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाती है, तब देश में 14 सर्किट्स में डिस्ट्रीब्यूटर के पास पहुंचती है। डिस्ट्रीब्यूटर इसे प्रोड्यूसर के साथ पहले से तय सिनेमाघरों की संख्या के हिसाब से सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स में रिलीज के लिए भेजते हैं। इन स्क्रीन पर जो कि 6500 से अधिक है , पर फ़िल्म के टिकट की बिक्री को बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कहते है।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के 14 सर्किट कौनसे है?

मुंबई, दिल्ली / यूपी, पूर्वी पंजाब, मध्य भारत, केंद्रीय प्रांत, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, निजाम, मैसूर, तमिलनाडु, असम, उड़ीसा और केरल भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन हेतु सेंटर्स है।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को कैसे जोड़ा जाता है?

वितरकों को थियेटर मालिकों से मिलने वाला रिटर्न सप्ताह के आधार पर दिया जाता है। फिल्म मल्टीप्लेक्स में रिलीज़ होती है तो पहले सप्ताह के कुल कलेक्शन का 50%, दूसरे सप्ताह में 42%, तीसरे में 37% और चौथे के बाद 30% भाग फिल्म वितरकों को दिया जाता हैं लेकिन यदि फिल्म सिंगल स्क्रीन पर रिलीज़ होती है तो वितरक को फिल्म रिलीज़ के पहले सप्ताह से लेकर जब तक फिल्म चलती है वितरक को सामन्यतः 70-90% भाग देना पड़ता है।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का फ्लॉप व हिट का खेल

  • कोई फिल्म अगर 100 करोड़ की लागत से बनी है तो माना जाता है कि पहले दिन इसे अपनी लागत का 20 प्रतिशत कमाना होता है। ऐसा नही करने पर फ्लॉप होने का खतरा होता है।
  • हिट और फ्लॉप तय करने के लिए किसी भी फिल्म को अपनी लागत के ऊपर 50 प्रतिशत और कमाना होता है। 
  • डिजिटल और सेटेलाइट्स राइट्स को भी बेचा जाता है अतः फ्लॉप कहने से पहले वो भी गणना देखनी पड़ती है।
  • आजकल बॉलीवुड की फिल्में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गजब का कलेक्शन करती है अतः इंटरनेशनल कलेक्शन को भी देखना पड़ता है। “दंगल” जैसी कुछ फिल्मों ने इंटरनेशनल मार्किट ( विशेषकर चीन) में ताबड़तोड़ रूप से 1,000 करोड़ से अधिक का कलेक्शन किया था।
  • भारतीय फिल्म उद्योग का कुल राजस्व 13,800 करोड़ रुपये से ज्यादा है लेकिन

ऊपरोक्त सारे तथ्य कलेक्ट करने के बाद अगर हम फ़िल्म की कोस्ट (बनना, प्रचार, रिलीज इत्यादि कोस्ट) से तुलना करके ही फ़िल्म को हिट या फ्लॉप कह सकते है।

लाल सिंह चड्डा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कितना है?

180 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म लाल सिंह चड्डा का भारतीय बॉक्स ऑफिस पर मात्र 56.83 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर पाई है। फिल्म अपनी लागत का मात्र 31.57 फीसदी ही कमा पाई है। विदेशों में भी ‘लाल सिंह चड्ढा’ अच्छी कमाई नहीं कर पाई है। ओवरसीस बॉक्स ऑफिस पर फिल्म लागत का मात्र 21.38 करोड़ कमा पाई है। सामने आ रहे डेटा के मुताबिक आमिर खान-करीना कपूर की फिल्म 38.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर पाई है। 

फ़िल्म लाल सिंह चड्डा की लाभ हानि का गणित

लाल सिंह चड्डा की लागत 160 करोड़ बताई जाती है जबकि भारतीय व विदेशी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीबन 95 करोड़ क्रॉस है अतः लगता है फ़िल्म को 65 करोड़ का नुकसान है। लेकिन रुकिए, इसमें आप पहले OTT कलेक्शन की बात भी तो करिए। ऐसा सुना जा रहा है कि इस फ़िल्म हेतु नेटफ्लिक्स से 90 करोड़ का करार हुआ है। अगर यह राशि जोड़ ली जाती है तो मोटे तौर पर फ़िल्म मेकिंग, इंटरेस्ट इत्यादि निकल जाते है लेकिन यह सिर्फ आर्थिक गणना है।

फ़िल्म को बॉयकॉट ट्रेंड की वजह से जबरदस्त नुकसान हुआ है क्योंकि लगभग एक बड़ी यूनिट की 6 वर्ष की मेहनत, इंतजार भी तो इसमें शामिल है। इस फ़िल्म की असफलता के अनेक अन्य कारण भी है जो हम शीघ्र आपके सामने प्रस्तुत करने का निरन्तर प्रयास जारी रखेंगे।

फ़िल्म लाल सिंह चड्डा के फेल होने का फ़िल्म इंडस्ट्री पर हालिया असर।

  • “खान बंधुओं” की आने वाली फिल्मों पर तलवार लटकती दिख रही है लेकिन अनछुए अन्य सितारे भी नही रहने वाले। इसी दौरान रिलीज अक्षय कुमार अभिनीत ” रक्षाबंधन ” ने भी इंडस्ट्री में पानी तक नही मांगा है।
  • जब किसी इंडस्ट्री पर ” बॉयकॉट ट्रेंड ” लागू होता है तो वह कम्प्लीट इंडस्ट्री को ही नुकसान पहुँचाता है। ग्राहक कम्प्लीट इंडस्ट्री को ही नकारते है ना कि पर्टिकुलर प्रोडक्ट को। इसी लिए ” लाल सिंह चड्डा ” के साथ ही साथ छोटी बड़ी अन्य फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नही माँगा है।

फ़िल्म लाल सिंह चड्डा से इंडस्ट्री को मिलती शिक्षा

इस मेगास्टार लाल सिंह चड्डा ने अपनी असफलता से कई मेसेज दिये है जिनको अब इंडस्ट्री को समझना चाहिए।

  • पहला मैसेज तो यह दिखता है कि फ़िल्म मेकर्स को पूरा प्रोफेशनल होना पड़ेगा।
  • फ़िल्म पटकथा कम्प्लीट रिसर्च बेस व विवाद रहित होनी चाहिए।
  • फ़िल्म एक कम्प्लीट एंटरटेनमेंट होना चाहिए ना कि पर्टिकुलर ।

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