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| On 4 weeks ago

The truth of Pink color Whatsapp | पिंक कलर के व्हाट्सएप की सच्चाई।

व्हाट्सएप्प के पिंक वर्जन के वायरल होने वाले मेसेज एवं लिंक में कोई सच्चाई नहीं हैं। दो तीन दिनों से पिंक कलर के वाट्सएप हेतु लिंक सोशल मीडिया पर जम कर वाइरल हो रहा है। जैसा कि हम जानते है बहुत सारे लोग जब भी कोई नया मैसेज मिलता है ,जैसे कि अभी इन दिनों वायरल होने वाला पिंक कलर वाला व्हाट्सएप मेसेज, तो उसको बिना उसकी सच्चाई जाने आगे फॉरवर्ड कर देते है। इस प्रकार वाइरल हो जाता हैं। शिविरा ने पिंक कलर वाले व्हाट्सएप के वायरल होने वाले लिंक का अपने स्तर पर फेक्ट चेक किया।

पिंक कलर व्हाट्सएप मेसेज का फेक्ट चेक । FACT check of pink color whatsapp message

हमने इस व्हाट्सएप मेसेज की सच्चाई को जानने के लिए Play Store पर

जाकर इसकी तहकीकात की तो पता चला कि व्हाट्सएप इत्यादि हेतु पिंक कलर के कुछ मैसेंजर की बोर्ड हेतु एप जरूर उपलब्ध है जिनकी सहायता से आप जो मेसेज करते है उसकी टाइपिंग पिंक कलर में हो सकती है लेकिन व्हाट्सएप का रंग हरा ही रहेगा। व्हाट्सएप के गुलाबी अथवा पिंक होने संबंधित कोई भी अधिकृत एप प्ले स्टोर पर फ़िलहाल उपलब्ध है।

व्हाट्सएप ने जारी नही किये पिंक कलर सम्बंधित लिंक। WhatsApp did not release pink color related links

व्हाट्सएप एक बहुत बड़ी सोशल मीडिया कम्पनी है एवम जब भी कोई अपडेट लाती है तो उसका प्रॉपर एनाउंसमेंट होता है तथा कम्पनी बाक़ायदा इसकी सूचना अपनी अधिकृत वेबसाइट पर देते हुए अपने यूजर्स हेतु नए अपडेट के इस्तेमाल हेतु गाइडलाइंस जारी करती है। व्हाट्सएप अथवा अन्य बड़ी सोशल मीडिया के अपडेट्स को बड़े न्यूजपेपर व मीडिया द्वारा कवरेज किया जाता है।

व्हाट्सएप द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना नही दिए जाने के कारण तथा फैक्ट चेक के आधार पर यह बिलकुल क्लियर है कि व्हाट्सएप के पिंक होने सम्बंधित सोशल मीडिया पर जारी होने वाला वायरल मेसेज बिल्कुल झूठा एवम फर्जी है तथा यूजर्स को ऐसे लिंक पर क्लिक करने से

बचना चाहिए। इस प्रकार के मेसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से उपभोक्ता को बड़ा नुकसान हो सकता हैं।

फर्जी लिंक से यूजर्स को जबरदस्त नुकसान | Fake links cause huge loss to users

सोशल मीडिया निश्चित रूप आज के दौर की अनिवार्यता है एवम हम सबको इन प्लेटफार्म का उपयोग करते है। ये हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन सावधानी नही रखने पर यूजर्स को बड़ा नुकसान हो सकता है। इस प्रकार के लिंक पर क्लिक करने से हैकर्स द्वारा आपकी महत्वपूर्ण सूचनाएं चोरी जा सकती है। इसके अलावा आपके डिवाइस में कई प्रकार के वायरस आ सकते है। इन वायरस के कारण आपका डिवाइस यानी मोबाइल, कम्प्यूटर या लेपटॉप स्थायी अथवा अस्थाई रूप से खराब हो सकता है अथवा वायरस के कारण उनमें सुरक्षित रखा गया डेटा हमेशा के लिए खराब हो सकता है।

इससे भी बड़ा खतरा यह हैं कि उपभोक्ता की निजी जानकारी, विभिन्न प्रकार के कोड, गोपनीय सूचनाओं के लीक होने के कारण अन्य बड़े नुक्सान जैसे की बैंक एकाउंट से राशि निकलना, व्यक्तिगत तथा निजी फोटो गलत हाथो में चले जाना इत्यादि। उपभोक्ता को ना केवल इस प्रकार के अनधिकृत लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए बल्कि इनको आगे फॉरवर्ड भी नहीं करना चाहिए।

फर्जी मैसेज क्यों होते है वाइरल? | Why are fake messages viral?

अपनी रोचकता अथवा कुछ नयेपन के कारण सोशल मीडिया पर यूजर्स इनसे प्रभावित हो जाते है तथा होड़ व प्रतिस्पर्धी के कारण अपने मिलने वालों अथवा ग्रुपों में फटाफट शेयर कर देते है। इस कारण इनकी एक डिस्ट्रीब्यूग चेन डवलप हो जाती है व देखते ही देखते ये पूरे देश मे वायरल हो जाते है।