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ऑनलाइन व्यापार के लिए किन चीजों की आवश्यकता एंव किन बातों का ध्यान रखें (What are the Requirements and Things to Keep in Mind for Online Business in Hindi)

ऑनलाइन का अर्थ (Meaning of Online in Hindi) :

Online (ऑनलाइन) : Internet (इन्टरनेट) का अर्थ होता है जुड़ा होना Internet (इन्टरनेट) की दुनिया में अनेक उपकरण प्रयोग में लिए जाते हैं। इन उपकरणों में Computer (कंप्यूटर), Tablet (टेबलेट), Mobile (मोबाइल), Laptop (लैपटॉप) आदि हैं Internet (इन्टरनेट) की वजह से ही ये सभी उपकरण जुड़े होते हैं। किसी को Message (संदेश) देना हो तो वह संदेश Internet (इन्टरनेट) की मदद से संदेश प्राप्त करने वाले के पास पहुँचता है इसी इंटरनेट की क्रिया को ऑनलाइन कहा जाता है।

व्यापार का अर्थ (Meaning of Business in Hindi) :

Business (व्यापार) : Business व्यापार को Trade भी कहा जाता है इसका अर्थ है क्रय (खरीदना) और विक्रय (बेचना)। संक्षिप्त में व्यापार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या कोई एक संस्था से दूसरी संस्था के मध्य को वस्तुओं और सेवाओं/सामानों का हस्तांतरण होना व्यापार कहलाता है। इसमें स्वामित्व का अन्तरण वस्तुओं, सेवाओं या मुद्राओं के लिए किया जाता है। जिस संरचना (Network) में व्यापार किया जाता है उसको Market (बाजार) कहा जाता है।

ऑनलाइन व्यापार का अर्थ (Online Business Meaning in Hindi) :

ऑनलाइन व्यापार (Online Business) : ऑनलाइन व्यापार का तातपर्य है अपने व्यापार को केवल बाजार सम्बंधित क्षेत्र तक ही सिमित ना रखना बल्कि उसे Internet (इंटरनेट) Social Media पर अपने व्यापार के उत्पादों एंव वस्तुओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाना ऑनलाइन व्यापार को E-Trade, E-Commerce यानि ई-वाणिज्य भी कहा जाता है। E-Commerce को Electronic Commerce भी कहा जाता है इस क्रिया में व्यापार को इंटरनेट की सुविधाओं की सहायता से व्यापार की सेवाओं तथा उत्पादों का व्यापार को बढ़ाने हेतु Website (वेबसाइट) या अन्य ऑनलाइन क्षेत्रों में बढ़ावा देना ही ऑनलाइन व्यापार कहलाता है।

यदि व्यवसाय शब्द को कई तरह की गतिविधियों जिनमें उद्योग, व्यापार एवं वाणिज्य शामिल हों के अर्थ में लिया जाए तो ई-व्यवसाय को ऐसे उद्योग, व्यापार और वाणिज्य के संचालन के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसमें हम कंप्यूटर नेटवर्क (तंत्र) का प्रयोग करते हैं। एक विद्यार्थी या उपभोक्‍ता के रूप में आप जिस नेटवर्क से भलीभाँति परिचित होंगे, वह है इटरनेट। जहाँ इंटरनेट एक

सार्वजनिक व सुगम मार्ग है, वहीं फर्में नितांत निजी और अधिक सुरक्षित नेटवर्क का प्रयोग अपने आंतरिक कार्यों के अधिक प्रभावी एव कुशल प्रबधंन के लिए करती हैं।

ऑनलाइन व्यापार की आवश्यकताएँ (Online Business Requirments in Hindi) :

उत्पाद और व्यापार योजना तैयार करना (Product and Business Plan Preparation in Hindi) :

  • यह तय करें की क्या बेचना चाहते हैं : यदि एक ऑनलाइन दुकान खोलते हैं तो बेचने के लिए एक उत्पाद भी सोचना होता है। बहुत सारी चीज़ें ऑनलाइन बेचने के लिए अनुकूल होतीं हैं, लेकिन ऐसे भी उत्पाद होते हैं, जिन्हें ऑनलाइन बेचने में परेशानी हो सकती है। फिर चाहे कोई भी उत्पाद बना रहे हों, लेकिन जब तक इसकी कीमत में खुद विश्वास नहीं करेंगे, तब तक ग्राहकों को नहीं जोड़ पाएँगे।
  • एक आश्रय ढूँढना : यह ऑनलाइन दुकान शुरू करने का हिस्सा है। यह सोचना होगा, कि ऐसा क्या है, जो उस सेवा को बाज़ार में मौजूद अन्य सेवा से बेहतर बना सके।
  • अपने उत्पाद को छोटे स्तर पर बेचने की कोशिश करना : सब से पहले उत्पाद को किसी छोटे बाज़ार में बेचकर शुरुआत करने की कोशिश करनी चाहिए, इस तरह से इस की बाज़ार में कीमत का पता लगाया जा सकता है। इसे खरीदने के लिए, एक यूज़र-फ्रेंडली प्रक्रिया का उपयोग करें। भले वह उत्पाद ऑनलाइन मौजूद अन्य उत्पाद के जैसा हो, दुकान को थोड़ा हट के और मजेदार बना सकते हैं। वेबसाइट को आसानी से उपयोग में आ सकने योग्य बनाएँ। ग्राहकों को कुछ अलग सी सुविधाएँ देने की कोशिश करें, जो अन्य दुकानों पर ना मिलती हों। अपने उत्पाद को ईबे (ebay) वग़ैरह पर अलग तौर पर बेचने की कोशिश करें।
  • व्यापार योजना बनाना : ऑनलाइन दुकान की शुरुआत करने से पहले, कुछ समय लेकर, इस के लिए एक व्यापार योजना तैयार करें। इस तरह से व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए और इसे सफल बनाने में मदद मिलेगी। इस पर होने वाले खर्चे और मार्केटिंग की नीति के बारे में सोचें। सेवा पर लगने वाली कीमत और व्यापार योजना पर ध्यान देना चाहिए।
  • क़ानूनी तरिके से अपने व्यापार को पंजीकृत करें
    : अपने व्यापार के लिए एक व्यापार नाम की ज़रूरत होगी और कुछ क़ानूनी और टैक्स से संबंधित पेपर्स को भरने की ज़रूरत होगी।

स्वयं की ऑनलाइन दुकान को बनाना (Build Your Own Online Shop in Hindi) :

  • डोमेन खाते में डोमेन नाम पंजीकृत करें : कोई ऐसा नाम चुनें, जो छोटा हो, अच्छा हो और आसानी से याद रहने योग्य हो। डोमेन रजिस्ट्रेशन सर्विस पर नामों को तलाशें, जब तक कि कोई अच्छा नाम ना मिल जाए।
  • एक वेब होस्टिंग सर्विस चुनें : जब एक ऑनलाइन दुकान खोल रहे हों तो यह पूरी तरह से एक वेबसाइट पर निर्भर होगी, इस के लिए एक उचित और अच्छी वेब सर्विस होना भी आवश्यक है। यह ठीक ना होकर कुछ अज़ीब सी होगी तो इसका विक्री पर प्रभाव पड़ेगा।
  • वेबसाइट को डिज़ाइन करें : इसे खुद ही इसे डिज़ाइन करें या फिर किसी वेब डिज़ाइनर की सहायता लें। इस में अपने उत्पाद को अच्छी तरह से दिखाये की और ग्राहकों के द्वारा इसे आसानी से पाए जाने की ओर ध्यान दें। अपनी वेबसाइट को बहुत ज्यादा चमकदार या एकदम स्पष्ट भी रखें, विशेष तौर पर यदि सिर्फ ऑनलाइन मार्केटिंग ही करना हों तब।
  • ई-कॉमर्स (e-commerce) सॉफ्टवेयर चुनें : यह ग्राहकों को उत्पाद देखने और सुरक्षित रूप से खरीद पाने की सुविधा देते हैं। इस सॉफ्टवेयर पर ग्राहक की जानकारी और कुछ वित्तीय जानकारी स्टोर होती है। जिनमें ई-कॉमर्स सॉफ्टवेयर मार्केटिंग में मदद करते हैं, कोई भी निर्णय लेने से पहले सारी कंपनियों का अध्ययन कर लें, क्योंकि जिस का भी चयन करना है, वो ग्राहक के अनुभवों औरकंपनी की सफलता में एक अहम भूमिका अदा करेगा।
  • मर्चेंट अकाउंट बनाएँ : किसी एक बैंक के साथ में ऐसा अकाउंट खोलना होगा, जिसकी मदद से ग्राहक, क्रेडिट कार्ड से भी भुकतान कर पाएँ। बैंक से यह सुविधा लेना बहुत ही महँगा पड़ सकता है, इसलिए अधिकांश ऑनलाइन स्टोर PayPal का उपयोग करते हैं।

ई-कॉमर्स सर्विस (All-Inclusive E-Commerce Service) का उपयोग करना (Using the All-Inclusive E-Commerce Service in Hindi) :

  • ऑल-इंक्लूसिव ई-कॉमर्स सर्विस (All-Inclusive E-Commerce Service) को खोजें : खुद की वेबसाइट नहीं बना सकते हैं तो तो यहाँ ऐसी
    बहुत सर्विस उपलब्ध हैं, जो कुछ ही घंटों में, बहुत कम दाम पर ऑनलाइन स्टोर बनाने की सुविधा देती हैं। यदि ऐसा कर रहे हैं, तो कोड सीखने या किसी वेब डिज़ाइनर को रखने की कोई भी ज़रूरत नहीं होगी और अपने उत्पाद की विक्री के लिए हर तरह के टूल भी उपलब्ध हो जाएँगे।
  • कुछ सामान्य ई-कॉमर्स सर्विस पर विचार करें : Yahoo जैसी कंपनियाँ, जब अपने उत्पाद को ऑनलाइन शिप करते हैं, तो ये स्टोर पर स्टोरफ्रंट्स (storefronts) उपलब्ध कराते हैं। होस्टेड ई-कॉमर्स सर्विस आप को, स्टोरफ्रंट्स डिज़ाइन, सुरक्षित पेमेंट, मेलिंग लिस्ट और कस्टमर सपोर्ट उपलब्ध कराते हैं। ये सब उन लोगों को आकर्षित करता है, जो अपने से प्रोग्रामिंग नहीं करना चाहते।
  • किसी प्रॉडक्ट को दोबारा बेचकर उस से लाभ कमाने के बारे में सोचें : कुछ संबद्ध स्टोर, जैसे Amazon eStore LLC आप को Buy.com या अन्य किसी तरह के मर्चेंट्स के कुछ प्रॉडक्ट्स को दोबारा बेचने की सुविधा देते हैं। Amazon E-Stores भी जल्दी और अच्छी तरह से बिजनेस चलाने की सुविधा देते हैं, लेकिन अपना कोई भी सामान बेचने की सुविधा नहीं देती।
  • Ebay (ईबे) को अगले स्तर पर लेकर जाएँ : eBay पर कुछ प्रॉडक्ट को बेचा है और इस बात को लेकर आश्वस्त हैं, कि अन्य ग्राहक के उत्पाद को वहाँ पर तलाश रहे होंगे, तो eBay स्टोर पर बचत के उद्देश्य से graduate कर सकते हैं।
  • सामान्य विक्री के लिए Tips के उपयोग विचार करें : Tips एक ऑनलाइन मार्केट प्लेस है, जहाँ किसी एक उत्पाद को या फिर पूरी सूची को मुफ़्त में बना सकते हैं। उत्पाद का उल्लेख देते हुए कुछ तस्वीरों को पोस्ट कर सकते हैं और विक्री के लिए उन की कीमत भी लगा सकते हैं।
  • यदि आप कुछ विशेष आइटम बेचना चाहते हैं, तो Cafepress का उपयोग करें : Cafepress एक ऐसी सर्विस है, जिस का उपयोग तब कर सकते हैं, जब कोई विशेष और अनूठा उत्पाद बेचते हैं।
  • Etsy पर हस्त-शिल्प बेचें : Etsy उन लोगों के बीच होता है, जो खुद से उत्पाद बनाकर बेचते हैं। इस पर मौजूद हर उत्पाद के लिए लगभग 10 रुपये लगते हैं, और Etsy के उत्पाद
    के बिकने पर इस की बाज़ार कीमत का 3.5% तक लेता है। भुकतान की राशि, खरीदे हुए उत्पाद के ऊपर निर्भर करती है जो महीने के हिसाब से ली जाती है।
  • इंस्टाग्राम पर बेचने की कोशिश करें : इंस्टाग्राम एक बहु-चर्चित सोशल नेटवर्क है, जो फैशन उत्पादों, हाथों से बने उत्पाद और घरेलू सामान की विक्री के लिए बहुत सारे लोगों को जोड़कर रखता है। अपने उत्पाद की एक तस्वीर इंस्टाग्राम खाते (अकाउंट) पर पोस्ट (अपलोड) करें और फिर इंस्टाग्राम पर मौजूद तस्वीरों के लिए एक ऑनलाइन स्टोर बनाने के लिए, अपने खाते को inSelly.com के साथ जोड़े। इस पर भुकतान पेपल (PayPal) के जरिये होते हैं, और यह सर्विस किसी सामान के बिकने पर भी किसी भी तरह का किराया या या मेम्बरशिप फीस नही लेती है।

ग्राहकों को आकर्षित करना और बनाए रखना (Attracting and Retaining Customers in Hindi) :

  • अपनी दुकान को फ़ेसबुक या ट्विटर पर प्रमोट करें : अपने व्यापार को विशेष रूप से ऑनलाइन व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया एक बहुत अच्छा क्षेत्र है। एक खाता बनाएँ और उस पर अपनी स्टोर को बढ़ाये और ग्राहकों को Like और Share करने के लिए प्रेरित करें।
  • एक ब्लॉग शुरू करें : अपने उत्पाद को एक बेहतर अंदाज़ में प्रस्तुत कर बहुत सारे ग्राहकों को अपनी साइट पर आकर्षित कर सकते हैं। यदि साइट फैशन से संबंधित है, तो कुछ ऐसे स्टाइल ब्लॉग करना शुरू करें, जो समय-समय पर प्रॉडक्ट को फीचर करते हों।
  • ग्राहकों को प्रमोशन्स के बारे में ईमेल करें :  ग्राहकों के ईमेल एड्रेस को व्यवस्थित रखने और उन्हें विशेष डील की मेल करने के लिए MailChinp जैसे प्रोग्राम का उपयोग करें। लेकिन ग्राहकों को इससे बार-बार ईमेल ना करें।