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थायरोइड के लक्षण कारण व उपचार (Thyroid Symptoms Cause Treatment in Hindi)

थायरोइड के लक्षण कारण व उपचार - थाइरोइड ग्रन्थि में आई गड़बड़ी के कारण थाइरोइड संबंधित रोग जैसे Hyperthyroidism या Hypothyroidism होते है थाइरोइड gland (अवटु ग्रन्थि) कहा जाता है। अवटु थाइरोइड ग्रन्थि शरीर में पाई जाने वाली सबसे बड़ी अतस्रावी ग्रंथियों में से एक है। यह द्विपिंडक रचना हमारे गले में स्वरयंत्र के नीचे Cricoid Cartilage के लगभग समान स्तर पर स्थित होती है।

थायरोइड के लक्षण कारण व उपचार (Thyroid Symptoms Cause Treatment in Hindi) :

शरीर की चयापचय क्रिया में थाइरोइड ग्रंथि का विशेष योगदान होता है। यह थाइरोइड ग्रन्थि Tri–iodothyronin (T3) और Thyrocalcitonin नामक Harmon (हार्मोन) को स्रावित करती है। ये Harmon (हार्मोन) शरीर के चयापचय दर और अन्य विकास तंत्रों को प्रभावित करता है। थाइरोइड Harmon (हार्मोन)शरीर की सभी प्रक्रियाओं की गति को नियंत्रित करता है।

  • थाइरोइड दो तरह का होता है।
    • हाइपरथायरायडिज्म T3
    • हाइपोथायरायडिज्म T4
  • यह ग्रंथि अन्य हार्मोन्स के प्रति सवेंदनशील होती है।

थायराइड की समस्याएं क्या होती हैं? (Thyroid Problems in Hindi?) :

  • थखान महसूस होना
  • कमजोरी महसूस होना
  • जल्दी नींद आना / देर रात तक जागना
  • अत्यधिक भूख लगना
  • वजन कम होना
  • हाँथ काँपना
  • चिंतित रहना
  • पसीना आना
  • सीने में दर्द
  • साँस लेने में परेशानी
  • आँखों में सूजन
  • माँसपेशियाँ कमजोर होना
  • हृदय गति तेज़ होना
  • ज्यादा गर्मी लगना
  • बालों का झड़ना
  • गले की सामने और निचले हिस्से में थाइरोइड ग्रंथि का बढ़ना

हाइपरथायरायडिज्म में क्या खाएं क्या ना खाएं? (What to Eat and What Not to Eat in Hyperthyroidism in Hindi) :

  • हाइपरथायरायडिज्म में क्या खाएं :
    • Vitamin D(विटामिन डी ) Omega-3s (ओमेगा 3एस )
    • Cruciferous Veggies
    • Strawberry (स्ट्रॉबेरी), Blueberry (ब्लूबेरी) और Raspberry (रास्पबेरी(
    • Zink (जिंक) युक्त भोजन
    • हरी सब्जियां और जूस
    • Protein rich diet
  • हाइपरथायरायडिज्म में क्या न खाएं :
    • Caffeine (कैफीन)
    • Dairy Products (डेयरी उत्पाद)
    • Red Meet (लाल मांस)
    • Alcohol (शराब)
    • Hydrogenated vegetable oil (हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेल)
    • high-glycemic sources (हाई ग्लाइसेमिक कार्ब्स)
    • आयोडीन युक्त आहार
    • खाद्य पदार्थ जिनसे न एलर्जी हो

हाइपरथायरायडिज्म होने के कारण (Causes of Hyperthyroidism in Hindi) :

  • थायराइडाइटिस: यह स्थिति सूजन के कारण थायरॉयड ग्रंथि में संग्रहीत हार्मोन के रिसाव का कारण बनती है। यह हार्मोन को रक्तप्रवाह में विलय करने का कारण बनता है, जिससे हार्मोन में वृद्धि होती है
  • थायराइड नोड्यूल: ये सिर्फ तरल पदार्थ से भरे हुए गांठ हैं। ये नोड्यूल थायरोक्सिन उत्पादन को बढ़ाते हैं। इन नोड्यूल के विकास के कारणों का पता नहीं चला है, लेकिन यह एक आनुवंशिक विकार भी हो सकता है
  • ग्रेव्स डिजीज: भले ही इस विकार का कारण अज्ञात है, जो लोग धूम्रपान करते हैं, वे इस बीमारी को संचित करने का जोखिम उठाते हैं। ग्रेव्स रोग एक ऑटोइम्यून बीमारी है, यह आपके थायरॉयड ग्रंथि को इसके हार्मोन का अधिक उत्पादन करने के लिए राजी करता है। यह 30-50
    वर्ष की आयु के बीच की महिलाओं में अधिक आम है। प्रतिरक्षा प्रणाली मूल रूप से थायरॉयड ग्रंथि को ‘असत्य’ संकेत देती है
  • अत्यधिक आयोडीन का सेवन: हालांकि कुछ लोग आयोडीन की खुराक लेने के बारे में सोच सकते हैं क्योंकि यह शरीर और थायरॉयड ग्रंथि को बेहतर कार्य करने में मदद करता है, लेकिन अत्यधिक थायराइड का सेवन कई को प्रभावित नहीं करता है, यह हाइपरथायरायडिज्म को भी प्रेरित कर सकता है।

हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण (Hyper-Thyroid Symptoms in Hindi) :

  • हृदय गति बढ़ना
  • भूख में वृद्धि होना
  • बेचैनी होना
  • घबराहट होना
  • पसीना अधिक आना
  • चिड़चिड़ापन होना
  • नींद ना आना
  • बालों का झड़ना
  • वज़न घटना
  • गण्डमाला
  • उल्टी / दस्त होना
  • महिलाओं में मासिक धर्म होना
  • आँखों में सूजन और उभरी हुई दिखाई देना

हाइपरथायरायडिज्म का पता कैसे चलता है? (Hyperthyroidism Diagnosis in Hindi?) :

  • अवटुग्रंथि सक्रिय हो जाती है और अधिक Harmon (हार्मोन) बनाने लगती है।
  • Noduyoules (नोड्यूल्स) अवटुग्रंथि में अत्यधिक सक्रिय हो जाती है।
  • हाइपरथायरायडिज्म में दर्द हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है। अवटुग्रंथि में रखे गए हार्मोन निर्मुक्त हो जाते हैं जिस कारण कुछ सप्ताह या महीनों हाइपरथायरायडिज्म का पता चल जाता है
  • महिलाओं में प्रसव के बाद Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म) पाया जाता है।
  • आयोडीन कई औषधियों में भी पाया जाता है जिससे अवटुग्रंथि में बहुत अधिक या बहुत कम Harmon (हार्मोन) बनने लगता है

हाइपरथायरायडिज्म का इलाज (Hyperthyroidism Treatment in Hindi) :

  • Cholestrol (कोलेस्ट्रॉल) के स्तर की प्रतिदिन जाँच करना
  • थायराइड Test (थायराइड परिक्षण)
  • Ultrasound (अल्ट्रासाउंड)
  • रेडियोधर्मी आयोडीन
  • Surgery (सर्जरी)
  • Antithyriod Drug (एंटीथायरॉइड ड्रग्स)

हाइपोथायरायडिज्म :

Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म) जिसे हम Underactiv थायरॉइड (अंडरएक्टिव थायरॉयड) भी कहते है, जब थायरॉयड ग्रंथि शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त Harmon (हार्मोन )नहीं बनाती है । यह गर्दन के सामने छोटी तितली के समान आकार की ग्रंथि होती है।  Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म) के कारण शरीर की गति धीमी हो जाती है

हाइपोथायरायडिज्म के कारण (Hypothyroidism Causes in Hindi?) :

  • Hashimoto (हाशिमोटो ) की शिकायत
  • थायरॉयड में सूजन
  • Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म) का जन्म के समय मौजूद होना
  • थायरॉयड के भाग को शल्य चिकित्सा के द्वारा हटाना
  • विकिरण Operation
  • दवाइयों का उपयोग
  • आयोडीन की कमी होना

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण (Hypo–Thyroid Symptoms in Hindi) :

  • थकान अधिक होना
  • वजन बढ़ना
  • सर्दी लगना
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होना
  • शुष्क त्वचा होना
  • बालों का होना
  • महिलाओं में मासिक धर्मऔर प्रजनन संबंधी समस्या
  • Heart Beat (हृदय गति) धीरे होना
  • Depresion (डिप्रेशन)

यह भी पढ़े :

हाइपोथायरायडिज्म का इलाज (Hypothyroidism Treatment in Hindi?) :

  • तनाव कम करना
  • धूम्रपान न करना
  • व्यायायाम/ योग करना
  • वजन को संतुलित रखना
  • साफ़ पानी पीना
  • वसायुक्त भोजन का उपयोग नहीं करना
  • आयोडीन का सिमित मात्रा में उपयोग करना

थायराइड की वजह से होने वाली समस्याएं (Thyroid Complications in Hindi) :

  • Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म)
  • Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म)
  • थायरॉइड Cencer थायरॉइड कैंसर)
    • Diffrencial थायरॉइड Cencer (डिफ्रेंशिअल थायरॉइड कैंसर )
    • Anaplastic थायरॉइड Cencer (एनाप्लास्टिक थायरॉइड कैंसर )