Categories: News
| On 4 weeks ago

आज के प्रमुख शैक्षिक समाचार: राज्य में शिक्षा जगत से जुडी सभी खबरें।

बांसवाड़ा जिले की 23 स्कूलों काे ऑनलाइन उपस्थिति नहीं भेजने पर मिली चेतावनी, 7 दिन बाद कार्रवाई

शाला दर्पण पर ऑनलाइन उपस्थिति नहीं भेजने का मामला |

शिक्षा विभाग की और से स्कूलों में स्टाफ की नियमितता बढ़ाने एवं मॉनिटरिंग को लेकर समय समय पर नए प्रयोग किये जाते रहे हैं। कई जगहों पर शिक्षकों के समय पर विद्यालय नहीं पहुँचने की शिकायते भी आती रहती है। ऐसे में नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों की मॉनिटरिंग और स्टाफ की नियमितता काे बढ़ाने के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति का मॉड्यूल बनाया है। इस सम्बन्ध में आदेश जारी होने के बावजूद जिले की कई स्कूलों में प्रिंसिपल और शिक्षकों द्वारा राेज पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई जा रही है।

इसको लेकर इन स्कूलों को राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से कुछ समय पूर्व नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया था । इसके बाद भी लापरवाह बने प्रिंसिपल और शिक्षकों द्वारा राेज पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई जा रही है। ऐसे में अब परिषद ने सख्ती दिखाते हुए स्कूलों काे अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब 7 दिन में नहीं मिलने पर कार्रवाई भी की जा सकती है । जिले की ऐसी कुल 23 स्कूल इस अनियमितता में शा मिल है और प्रदेश की कुल 291 स्कूल । आपको बता दें की उपस्थिति नहीं भेजने वाले जिलाें में बांसवाड़ा दूसरे नंबर पर है और उदयपुर जिला 25 स्कूलों साथ पहले स्थान पर है । सबसे बेहतर स्थिति सिरोही जिले की हैं। जहां की एक भी स्कूल काे नोटिस नहीं मिला है।

इस वजह से माध्यमिक में नियुक्त 450 शिक्षकों का अब प्रारंभिक में नहीं हो रहा ट्रांसफर :

सरकार की ओर से शिक्षा विभाग में ग्रेड थर्ड शिक्षकों के ट्रांसफर पर आवेदन मांगने शुरू किए गए हैं , लेकिन जिले में करीब 450 ग्रेड थर्ड शिक्षकों के सामने विभाग की पॉलिसी की समस्या खड़ी हुई है जिसकी वजह से ऐसे शिक्षक ट्रांसफर में आवेदन ही नहीं पा रहे हैं। दरअसल 2018 की शिक्षक भर्ती में चयनित ये शिक्षक नियुक्ति के समय ही माध्यमिक सेटअप में पदस्थापित हुए थे। अब उन्हें प्रारंभिक सेटअप की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में आना है, लेकिन आवेदन के नियमों के मुताबिक माध्यमिक से माध्यमिक और प्रारंभिक से प्रारंभिक में ही आवेदन किया जा सकता है। पूर्व में प्रारंभिक शिक्षा विभाग में पद खाली नहीं हाेने से विभाग द्वारा भर्ती की काउंसलिंग में माध्यमिक शिक्षा की स्कूलों में भी एल-1 और एल-2 के

रिक्त पदाें पर पदस्थापन दिया था। नियमों के अनुसार नियुक्ति के 3 साल के बाद प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षक माध्यमिक सेटअप में जा सकते हैं। जिसका जरिया 6 डी काउंसलिंग है। लेकिन पिछले 2 सालाें में 6 डी काउंसलिंग नहीं किए जाने के कारण प्रारंभिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा में सेटअप परिवर्तन नहीं हाे पाया है। इस कारण रिक्त पदाें की संख्या कम है।

26 अगस्त तक यहां करें आवेदन, मिलेगा टेबलेट व मोबाइल जीतने का मौका :

यदि आप कॉलेज के विद्यार्थी हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है । दरअसल कॉलेज शिक्षा विभाग की ओर से राजस्थान इनोवेशन विजन (राजीव-2021) के तहत डिजिटल क्विजथॉन का आयोजन किया जाएगा। जिसमे हिस्सा लेकर आप भी टेबलेट व मोबाइल जीत सकते हैं । इसके लिए कॉलेज विद्यार्थियों को 26 अगस्त तक कालेज शिक्षा निदेशालय और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की साइट पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। आपको बता दें की 1 सितंबर को कंप्यूटर एवं आईटी, 3 को स्थानीय शासन में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति से सुशासन, 6 को सामान्य ज्ञान एवं जागरुकता विषय पर दोपहर 12 से 1 बजे तक ऑनलाइन प्रतियोगिताएं होंगी।

इसमें 17 से 23 वर्ष के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। जिसके परिणाम 10 सितंबर को जारी होंगे। प्रतियोगिता में 75 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें 25 श्रेष्ठतम प्रतिभागियों को एक-एक टेबलेट दिया जाएगा। अन्य तीस प्रतिभागियों को एक-एक मोबाइल या अन्य पुरस्कार दिए जाएंगे।

कोरोना के चलते मिली राहत, मिनिमम परसेंटेज का क्राइटेरिया हटाया :

कोरोना महामारी का असर शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ा हे इसी क्रम में देश के टॉप मैनेजमेंट कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाले कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) 2021 की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में इस साल मिनिमम परसेंटेज का क्राइटेरिया हटा दिया गया है। इससे पूर्व में कैट में आवेदन करने के लिए मान्यता प्राप्त विवि से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों या समकक्ष सीजीपीए के साथ ग्रेजुएट होना अनिवार्य था।

एससी/ एसटी/पीडब्ल्यूडी कैंडिडेट्स के लिए 45% अंक जरूरी थे। ऐसा महामारी के दौरान मार्कशीट के बदले जारी किए गए प्रमोशन/पास सर्टिफिकेशन वाले कैंडिडेट्स को ध्यान में रखकर किया गया है। इस साल कैट का आयोजन आईआईएम अहमदाबाद द्वारा किया जा रहा है। यह छूट सिर्फ परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदान की गई है, जो इंस्टीट्यूट कैट एग्जाम के स्कोर के आधार पर प्रवेश देते हैं उनके एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पर यह बात लागू नहीं होती है। कैट के इस बदलाव से उन छात्रों को राहत मिलेगी जिनके माहमारी के कारण पिछले 2 साल में एग्जाम नहीं हो पाए और उन्हें किसी असेसमेंट पॉलिसी के तहत नंबर दिए गए थे या फिर प्रमोटेड या पास किया गया था।

3 मार्च 2022 से शुरू होंगी बोर्ड की मुख्य परीक्षाएं, 2 से 27 सितंबर तक भरे जाएंगे फार्म :

 कोरोना महामारी की वजह से इस बार बोर्ड की परीक्षाएं भले ही नहीं हुईं थीं और विद्यार्थियों को क्रमोन्नत कर दिया गया था, लेकिन इस बार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर ने बोर्ड की 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं कराए जाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसको लेकर 2 सितंबर से परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरना शुरू होगा जिसकी अंतिम तिथि 27 सितंबर है। भरतपुर जिले के 10वीं व 12वीं के करीब 92 हजार 102 स्टूडेंट्स बोर्ड की परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगें। बोर्ड ने 3 मार्च 2022 से परीक्षाएं शुरू करने की तिथि तय की है। इसमें जिले के सरकारी स्कूलों के कक्षा 10वीं के 25064 स्टूडेंट्स व प्राइवेट स्कूलों के 29 हजार 368 स्टूडेंट्स सहित कुल 54 हजार 432 स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसी प्रकार सरकारी स्कूलों के कक्षा 12वीं के 16 हजार 57 और प्राइवेट स्कूलों के 21 हजार 613 स्टूडेंट्स सहित कुल 37 हजार 670 स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन करेंगे।

तबादले के लिए नेताओं के पास आ रहे शिक्षकों के आवेदन :

राजस्थान में सैकंंड ग्रेड के पांच हजार शिक्षकों के ट्रांसफर के बाद अब तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों का दौर शुरू हो गया। सरकार ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड में आवेदन लेने की बात कह रही है, लेकिन ज्यादातर तबादले ऑफलाइन ही होने की संभावना है । पसंद की जगह पर आवेदन के लिए शिक्षक अपने रिश्तेदारों के सहारे नेताओं के पास जुगाड़ लगाने की जुगत में जुटे हुए है।

लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने तो सोशल मीडिया पर अपने विधानसभा क्षेत्र के तृतीय श्रेणी शिक्षकों से अपील की है कि ऑनलाइन भरे गए आवेदन की प्रति देना चाहते है वो 26 अगस्त को उनके लाडनूं आवास पर दे सकते है। गौरतलब है की सरकार ने हाल में प्रिंसिपल के भी तबादले किए हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग ने उस पर रोक लगा दी है।

1 सितंबर से खुलेंगे काॅलेज, कोरोना का खतरा बरकरार :

सरकार की तरफ से 1 सितंबर से काॅलेजाें काे खोलने की प्रक्रिया शुरू की गयी है लेकिन कई कॉलेजों में सरकारी गाइडलाइन के हिसाब से स्टूडेंट्स के लिए सिटिंग अरेंजमेंट नहीं है । ऐसे में कोरोना का खतरा स्टूडेंट्स के सर मंडराता रहेगा । काेटा यूनिवर्सिटी की ओर से पीजी फाइनल में कुछ कक्षाओं का रिवाइव्जड टाइम टेबल भी जारी कर दिया है। इनमें दाे सिंतबर से

परीक्षाएं हाेंगी। साथ ही इसके बाद सैकंड और प्रीजी प्रीवियस कक्षाओं की परीक्षाएं भी शुरू हाेंगी। ऐसे में काॅलेजाें में सितंबर के महीने में ऑफलाइन परीक्षाएं करवाना व स्टूडेंट्स काे किस तरह पढ़ाएंगे यह समस्या कॉलेजों के सामने आ रही है।

आरयू में एडमिशन के लिए आज भी होंगे आवेदन :

राजस्थान यूनिवर्सिटी के संघटक काॅलेजाें में यूजी फर्स्ट ईयर में एडमिशन के लिए आज सोमवार को भी आवेदन किया जा सकता है। इन कॉलेजों में रविवार शाम तक 48 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन करवा चुके है । आपको बता दें की संघटक कॉलेजों की 7 हजार सीटों के लिए यूनिवर्सिटी ने 23 अगस्त तक आवेदन की तारीख बढ़ाई थी। वहीं प्रदेश के सरकारी काॅलेजाें में 31 अगस्त तक ऑनलाइन फाॅर्म भरे जाएंगे।

Rajasthan Pre-D.El.Ed. Exam 2021: D.El.Ed. परीक्षा का भी शेड्यूल जारी हो चूका है।

2 सितंबर से शुरू होने जा रही है। प्रथम वर्ष की परीक्षा 13 सितंबर जबकि द्वितीय वर्ष की परीक्षा 11 सितंबर तक होगी।

राजस्थान में जल्द खुल सकते हैं स्कूल ! मंत्री समूह में बनी सहमति, सीएम गहलोत लेंगे अंतिम निर्णय

राजस्थान में स्कूलों को खोलने को लेकर गठित मंत्री समूह में आम सहमति बन गई है। मंत्री समूह अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपनी रिपोर्ट सौपेंगा। उसके बाद मुख्यमंत्री स्कूल खोलने पर निर्णय लेंगे। मंत्री समूह की मीटिंग के बाद शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि बैठक में बड़े बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर ज्यादा जोर रहा है। कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलने के लिए सभी मंत्री सहमत नजर आए हैं। कक्षा 1 से 8 तक के छोटे बच्चों को फिलहाल स्कूल से छूट दी जा सकती है। इस संबंध में मंगलवार को सचिवालय में हुई मंत्री समूह की बैठक में तमाम बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

शिक्षा राज्यमंत्री डोटासरा ने कहा कि मंत्री समूह ने अन्य दूसरे राज्यों के शिक्षण संस्थाओं का अध्ययन, तीसरी लहर की आशंका और ICMR की रिपोर्ट के तमाम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा करी है। उसके बाद मंत्री समूह ने गाइडलाइन पर अपनी मुहर लगा दी है। राजस्थान में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच पहले कोचिंग और कॉलेज 15 अगस्त तक खोले जा सकते हैं। मंत्री समूह की बैठक के दौरान बड़े बच्चों के लिए स्कूल खोले जाने पर ज्यादा सहमती नजर आई है. छोटे स्कूली बच्चों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

और भी पढ़े :

राजस्थान शिक्षा सेवा नियम
मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना राजस्‍थान
राजस्थान आपकी बेटी योजना

राजस्थान में फिर सड़कों पर उतरे अभिभावक, जिला शिक्षा अधिकारी पर फेंकी स्याही

राजस्थान में Private School के खिलाफ एक बार फिर से अभिभावकों का गुस्सा फूटा पड़ा है। उन्होंने फिर से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की शुरूआत कर दी है। शुक्रवार को निजी स्कूलों की फीस के मामले में सरकार और प्रशासन के रवैये नाराजगी जताते अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी पर स्याही फेंक दी। इसके बाद मामला गरमा गया। पुलिस ने Protest के दौरान आधा दर्जन लोगों को शांतिभंग करने के मामले हिरासत में लिया है। इससे अभिभावकों का गुस्सा और बढ़ गया है। अभिभावकों ने चेतावनी दी है। अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन को उग्र किया जायेगा।

दरअसल राजधानी के शिक्षा संकुल पर आज अभिभावक 3 मई 21 को आये सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना सुनिश्चित करवाने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर संयुक्त अभिभावक संघ ने आज यहां हल्ला बोल प्रदर्शन का ऐलान किया था।

बदलेगा सरकारी स्‍कूलों में पढ़ने वाले बालक एव बालिकाओं की यूनिफॉर्म का रंग

राजस्थान में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के Uniform color फिर से बदला जा सकता है। पूर्ववर्ती बीजेपी राज के दौरान स्कूली छात्रों के पोशाक का रंग बदला गया था। चार साल बाद सरकार एक बार फिर से इसका रंग बदलने की तैयारी कर रही है। इस बार राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को निशुल्क यूनिफॉर्म देने का ऐलान किया गया है। कोरोना काल को देखते हुए सरकार अभी स्कूल नहीं खोलेगी।