विद्यालय में प्रभार के प्रकार | Types of charges in the school

विद्यालय संचालन हेतु अनेक प्रकार के कार्य करवाने हेतु प्रभारी ( Incharge ) नियुक्त करने पड़ते है। विद्यालयों में शैक्षिक, सहशैक्षिक, खेलकूद, सांस्कृतिक, साहित्यिक, राजकीय कार्य, प्रशासन द्वारा सुपुर्द कार्य तथा शिविरा पंचांग की वर्षपर्यंत अनुपालना कार्य किये जाते है। इन कार्यों के कुशल सम्पादन हेतु प्रभारी नियुक्त करने होते है।

विद्यालय में कितने प्रभारी होते है ? How many in charge are there in the school?

विद्यालय में विद्यालय के स्तर व कार्य सूची के आधार पर प्रभारियों की नियुक्ति की जाती है। इसके साथ ही उपलब्ध स्टाफ सँख्या को ध्यान में रखा जाता हैं। कुछ गतिविधियों का संचालन जैसे NCC, NSS, प्रयोगशाला संचालन, आईसीटी कक्षा संचालन इत्यादि मात्र उच्च माध्यमिक स्तर पर ही किये जाते है अतः एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में अधिक प्रभारी नियुक्ति होती है जबकि प्राथमिक शाला में कम।

प्रभारी कितने प्रकार के होते है ? What are the types of charges?

विद्यालय में प्रभार व उनके लिए प्रभारी नियुक्ति विद्यालय स्तर व स्टाफ के अनुसार होती है। जिन विद्यालयों को राजकीय कार्य सम्पादन हेतु पंचायत स्तर अथवा ब्लॉक स्तर का नोडल बनाया जाता है उनके कार्य अधिक होते है अतः उनके पास कुछ अन्य तरह के प्रभारी भी नियुक्त करने पड़ते जैसे - निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण प्रभारी, निःशुल्क साइकल वितरण प्रभारी, प्रशिक्षण प्रभारी , आपदा कार्य।संचालन प्रभारी इत्यादि।

एक विद्यालय में सामान्यतः

निम्नलिखित प्रकार के प्रभारी नियुक्त किये जाते है लेकिन यह सूची पूर्ण नही हो सकती है यह सूची एक मार्गदर्शक सूची है -
  • शिक्षा व्यवस्था प्रभारी
  • स्थानीय परीक्षा प्रभार
  • बोर्ड परीक्षा प्रभारी
  • एनएसएस / एनसीसी/ स्काउटींग प्रभारी
  • हाउस आधारित यूथ व ईको क्लब प्रभारी
  • हरित पाठशाला प्रभारी
  • स्वच्छता प्रभारी प्रार्थना सभा प्रभारी।
  • प्रवेश प्रभारी
  • शाला दर्पण प्रभारी
  • बाल सभा प्रभारी।
  • विद्यालय विकास योजना प्रभारी
  • खेलकूद गतिविधि प्रभारी।
  • पोषाहार प्रभारी
  • आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रभारी। .
  • वार्षिकोत्सव प्रभारी
  • सर्वे प्रभारी।
  • गरिमा पेटिका एवं समिति प्रभार
  • एसएमसी / एसडीएमसी प्रभारी।
  • निःशुल्क पाठ्यपुस्तक / पुस्तकालय प्रभारी
  • संस्थापन प्रभार
  • रोकड प्रभारी
  • आवक-जावक प्रभारी
  • कार्यालय अभिलेख संधारण प्रभारी
  • अनुतन प्रभारी .
  • मीना मंच एवं गार्गी मंच प्रभारी

प्रभारी नियुक्ति में सावधानी | Caution in the appointment of charge

विद्यालय में प्रभारियों की नियुक्ति बहुत सोच-समझकर करनी चाहिए ताकि कार्य सम्पादन भी कुशलता पूर्वक हो तथा प्रभारी को आत्मिक संतोष प्राप्त हो। विद्यालय में अनेक बार कार्मिकों की योग्यता व रुचि को ध्यान में रखे बिना प्रभारी नियुक्त कर दिया जाता है अथवा एक कार्मिक को अलग-प्रकार की गतिविधियों का प्रभार दे दिया जाता है जिससे कर्मचारियों में रोष उत्तपन्न होता है तथा कार्य का स्तर भी प्रभावित होता हैं।

प्रभारी नियुक्ति के समय निम्नलिखित तथ्यों को आवश्यक रूप से ध्यान रखना चाहिए।

राजकीय आदेश व निर्देश अनुसार प्रभारी नियुक्ति हो | The in-charge should be appointed according to the state order and instructions.

शिक्षा विभाग अथवा प्रशासन द्वारा जारी आदेशों व निर्देशो के अनुरूप ही किसी विशेष कार्य / प्रभार हेतु प्रभारी नियुक्त करते समय उनकी पालना सुनिश्चित करनी चाहिए। कुछ प्रभार जैसे हेड टीचर का प्रभार प्रधानाचार्य के बाद सबसे वरिष्ठ सदस्य को दिया जाता है।

कार्मिक की योग्यता व रुचि का ध्यान रखना | Taking care of the qualifications and interests of the personnel

संस्था प्रधान द्वारा प्रभारियों की नियुक्ति के समय कार्मिक की योग्यता व रुचि को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए। विज्ञान विषय के ज्ञाता शिक्षक साथी को यूथ व इको क्लब, पर्यावरण प्रभारी, विज्ञान प्रवति प्रभार जैसे कार्य सुपुर्द करने चाहिए। वाणिज्य विषय के ज्ञाता को संचयिका, छात्रवृत्ति जैसे प्रभार देने चाहिए। इसी प्रकार कम्प्यूटर कार्य जानकारी रखने वाले को शाला दर्पण प्रभार कार्य करने में सुविधा रहती है।

संस्थाप्रधान की अनुपस्थिति में विद्यालय का प्रभार किसको मिलेगा | In the absence of the head of the institution, who will get the charge of the school

राज्य में संचालित राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सुचारू संचालन व दैनिक कार्यों के निष्पादन हेतु विद्यालयों के कार्य प्रभार के संबंध में श्रीमान निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, बीकानेर के आदेश दिनांक 20.01.2017 में संशोधन किए जाकर आदेश क्रमांक-शिविरा/प्रारं/शैक्षिक/ एबी/विद्यालय व्यवस्था/2017/26 दिनांक- 06.05.2017 द्वारा निम्नानुसार संशोधित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं

(1) किसी भी उच्च प्राथमिक प्राथमिक

विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर कार्यरत होने की स्थिति में संस्था प्रधान का दायित्व/प्रभार उसके पास रहेगा।

(2) वरिष्ठ अध्यापक का पद रिक्त होने अथवा स्वीकृत नहीं होने पर वरिष्ठतम अध्यापक/प्रबोधक पद पर कार्यरत कर्मी द्वारा संस्था प्रधान के दायित्व का निर्वहन किया जाएगा।

(3) वरिष्ठ अध्यापक/अध्यापक/प्रबोधक का पद रिक्त होने की स्थिति में शारीरिक शिक्षक द्वारा संस्था प्रधान का दायित्व का निर्वहन किया जाएगा।

(4) उपयुक्त अनुसार बिंदु संख्या 1 से 3 तक के अलावा अन्य स्थिति के वरिष्ठ शिक्षाकर्मी/पैराटीचर/ट्रेनी अध्यापक के पद पर कार्यरत कार्मिक द्वारा संस्था प्रधान के दायित्व का निर्वहन किया जाएगा। कार्मिक की वरिष्ठता का निर्धारण संपूर्ण सेवा अवधि के आधार पर होगा।

शाला दर्पण एक सामुहिक कार्य | Shala Darpan a collective work

"शाला दर्पण पोर्टल" राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग की अत्यन्त महत्वपूर्ण ऑनलाईन सूचना प्रणाली है, जिसके माध्यम से सीधे संस्था प्रधानों द्वारा सूचनाएं अपलोड / अपडेट की जाती हैं, जिनका विभिन्न उद्देश्यों हेतु वृहद स्तर पर उपयोग किया जाता है। इस कार्यालय के समसंख्यक निर्देश पत्र दिनांक 19.10.2016 द्वारा सभी विद्यालयों में एक शाला दर्पण प्रभारी नियत किए जाने हेतु निर्देशित किया गया था, जिसकी सूचना शाला दर्पण पोर्टल पर भी दर्ज की जाती है। शाला दर्पण पोर्टल पर वर्तमान में विभिन्न मॉड्यूल्स के माध्यम से अनेक प्रकार की सूचनाएं अपडेट की जाती है, लेकिन प्राय: देखने में आता है कि कार्य की

अधिकता के कारण कई बार शाला दर्पण प्रभारी से कई सूचनाएं यथासमय एवं त्रुटिरहित अपडेट नहीं हो पाती है। अत: इस क्रम में निर्देशित किया जाता है कि संस्था प्रधान के साथ ही विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से संबंधित प्रभारियों का भी यह दायित्व होगा कि अपने प्रभार से संबंधित परिशुद्ध सूचना यथासमय शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज / अपडेट हो। उदाहरण के रूप में विद्यालय से संबंधित प्रमुख प्रभारों के संबंध में शाला दर्पण प्रभारी के साथ-साथ अग्रांकित विवरणानुसार संबंधित प्रभारी कार्मिक का भी एतद् द्वारा दायित्व निर्धारण किया जाता है -
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शाला दर्पण पर कार्य हेतु निदेशालय का आदेश www.shivira.com
शाला दर्पण पर कार्य हेतु निदेशालय का आदेश www.shivira.com

https://shivira.com/guide-book-for-headmasters-and-principals/