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Verbs in Hindi ( क्रिया इन हिंदी ) | Meaning,Types and Examples | क्रिया का अर्थ, प्रकार व उदाहरण

हिंदी एक समृद्ध भाषा है एवम हिंदी व्याकरण बोध तथा रचना की दृष्टि में " क्रिया " का विशेष महत्व है। हम हिंदी भाषा के प्रयोग के समय क्रिया का अत्यधिक उपयोग करते है लेकिन आइये। हम सरल शब्दों में हिंदी भाषा मे प्रयुक्त क्रिया का अर्थ परिभाषा व प्रकार को सामान्य उदाहरणों से समझते हैं।

क्रिया किसे कहते है ? What is a verb called ?

क्रिया जिस शब्द अथवा शब्द समूह के द्वारा किसी कार्य के होने अथवा करने का बोध हो उसे क्रिया कहते हैं। सीधी सी बात यह है कि जो हम कर रहे है या जो कर रहे होंगे या जो हमने किया था उसे हम क्रिया सकते हैं। जैसे :-

(१) गीता नाच रही हैं।

(२) बच्चा दूध पी रहा है।

(३) राकेश कॉलेज जा रहा है।

(४) गौरव बुद्धिमान है।

(५) शिवाजी बहुत वीर थे।

इनमें 'नाच रही है'. 'पी रहा है. 'जा रहा है' शब्द कार्य व्यापार का बोध करा रहे हैं। जबकि 'है'. 'थे' शब्द होने का इन सभी से किसी कार्य के करने अथवा होने का बोध हो रहा है। अतः ये क्रियाएँ हैं।

धातु

क्रिया का मूल रूप धातु कहलाता है। जैसे-लिख, पढ़, जा, खा, गा, रो. पा आदि। इन्हीं धातुओं से लिखता, पढ़ता आदि क्रियाएँ बनती हैं। अगर यहाँ हम आसानी से समझने की बात समझे तो जिस प्रकार अंग्रेजी भाषा में root word होता हैं उसी प्रकार से धातु होता हैं।

क्रिया के भेद या प्रकार | Types of verbs.

कर्म जाती तथा रचना के आधार पर क्रिया के मुख्यतः दो भेद होते है अर्थात क्रिया के दो प्रकार होते हैं।

  • अकर्मक क्रिया
  • सकर्मक क्रिया ।

१. अकर्मक क्रिया | Intransitive verbs

जिन क्रियाओं का फल सीधा कर्ता पर ही पड़े वे अकर्मक क्रिया कहलाती हैं। ऐसी अकर्मक क्रियाओं को कर्म की आवश्यकता नहीं होती। अकर्मक क्रियाओं के अन्य उदाहरण हैं

अकर्मक क्रियाओं के उदाहरण | Examples of intransitive verbs

(१) गौरव रोता है।

(२) साँप रेंगता है।

(३) रेलगाड़ी चलती है।

कुछ अकर्मक क्रियाएँ लजाना होना, बढ़ना, सोना, खेलना, अकड़ना, डरना, बैठना, हँसना, उगना, जीना, दौड़ना, रोना, ठहरना, चमकना, डोलना, मरना, घटना, फाँदना, जागना, बरसना, उछलना, कूदना आदि।

२. सकर्मक क्रिया | Transitive verbs

जिन क्रियाओं का फल (कर्ता को छोड़कर) कर्म पर पड़ता है वे सकर्मक क्रिया कहलाती हैं। इन क्रियाओं में कर्म का होना आवश्यक हैं, सकर्मक क्रियाओं के अन्य उदाहरण हैं।

सकर्मक क्रिया के उदाहरण | Examples of transitive verbs

(१) मैं लेख लिखता हूँ।

(२) रमेश मिठाई खाता है।

(३) सविता फल लाती है।

(४) भँवरा फूलों का रस पीता है।

३. द्विकर्मक क्रिया

जिन क्रियाओं के दो कर्म होते हैं, वे द्विकर्मक क्रियाएँ कहलाती हैं। द्विकर्मक क्रियाओं के उदाहरण हैं

(१) मैंने श्याम को पुस्तक दी।

(२) सीता राधा को रुपये दिए।

ऊपर के वाक्यों में देना क्रिया के दो कर्म हैं। अतः देना द्विकर्मक क्रिया हैं।

प्रयोग की दृष्टि से क्रिया के भेद या प्रकार | Difference of verbs from the point view of Action

प्रयोग की दृष्टि से क्रिया के निम्नलिखित पाँच भेद हैं

  • सामान्य क्रिया
  • संयुक्त क्रिया
  • नामधातु क्रिया
  • प्रेरणार्थक क्रिया
  • पूर्वकालिक क्रिया

१ . सामान्य क्रिया | Regular verb

जहाँ केवल एक क्रिया का प्रयोग होता है वह सामान्य क्रिया कहलाती है। जैसे

१. आप आए।

२. नहाया आदि।

२. संयुक्त क्रिया | Joint verb

जहाँ दो अथवा अधिक क्रियाओं का साथ-साथ प्रयोग से वे संयुक्त क्रिया कहलाती हैं।

जैसे

१. सविता महाभारत पढ़ने लगी।

२. वह खा चुका।

३. नामधातु क्रिया | Nominal verb

संज्ञा, सर्वनाम अथवा विशेषण शब्दों से बने क्रियापद नामधातु क्रिया कहलाते हैं। जैसे हथियाना, शरमाना, अपनाना, लजाना, चिकनाना झुठलाना आदि।

४. प्रेरणार्थक क्रिया | Motive verb

जिस क्रिया से पता चले कि कर्ता स्वयं कार्य को न करके किसी अन्य को उस कार्य को करने की प्रेरणा देता है वह प्रेरणार्थक क्रिया कहलाती है। ऐसी क्रियाओं के दो कर्ता होते हैं- (१) प्रेरक कर्ता प्रेरणा प्रदान करने वाला (२) प्रेरित कर्ता-प्रेरणा लेने वाला जैसे श्यामा राधा से पत्र लिखवाती है। इसमें वास्तव में पत्र तो राधा लिखती है, किन्तु उसको लिखने की प्रेरणा देती है श्यामा अतः 'लिखवाना क्रिया प्रेरणार्थक क्रिया है। इस वाक्य में श्यामा प्रेरक कर्ता है और राधा प्रेरित कर्ता।

५. पूर्वकालिक क्रिया | Antecedent verb

किसी क्रिया से पूर्व यदि कोई दूसरी क्रिया प्रयुक्त हो तो वह पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है। जैसे- मैं अभी सोकर उठा हूँ। इसमें उठा हूँ क्रिया से पूर्व सोकर क्रिया का प्रयोग हुआ है। अतः 'सोकर' पूर्वकालिक क्रिया है।

विशेष पूर्वकालिक क्रिया या तो क्रिया के सामान्य रूप में प्रयुक्त होती है अथवा के अंत में

'कर' अथवा करके लगा देने से पूर्वकालिक क्रिया बन जाती है। जैसे (१) बच्चा दूध पीते ही सो गया।

(२) लड़कियों पुस्तकें पढ़कर जाएँगी।

अपूर्ण क्रिया | Imperfect verb

कई बार वाक्य में क्रिया के होते हुए भी उसका अर्थ स्पष्ट नहीं हो पाता। ऐसी क्रियाएँ अपूर्ण क्रिया कहलाती हैं। जैसे-गाँधीजी थे तुम हो। ये क्रियाएँ अपूर्ण क्रियाएँ है। अब इन्हीं वाक्यों को फिर से पढ़िए गांधीजी राष्ट्रपिता थे तुम बुद्धिमान हो

इन वाक्यों में क्रमश: 'राष्ट्रपिता और बुद्धिमान शब्दों के प्रयोग से स्पष्टता आ गई। ये सभी शब्द 'पूरक हैं।

अपूर्ण क्रिया के अर्थ को पूरा करने के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है उन्हें पूरक कहते हैं।

नोट

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