स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना (Voluntary Disclosure of Income Scheme in Hindi)

स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना : आय का स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना (VDIS) भारतीय आर्थिक नीतियों के बीच एक बहुत ही अपरंपरागत लेकिन सफल कदम था। यह आयकर या संपत्ति कर चूककर्ताओं को मौजूदा कर दरों पर अपनी अघोषित आय का खुलासा करने का अवसर देगा। यह योजना यह भी सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक अपराधों से संबंधित कानून उन चूककर्ताओं पर लागू नहीं होंगे।

इस योजना के तहत 350,000 से अधिक लोगों ने अपनी आय और संपत्ति का खुलासा किया, जिससे भारतीय वित्त मंत्रालय को ₹78 बिलियन (US$1.0 बिलियन) का राजस्व प्राप्त हुआ। यह योजना 31 दिसंबर 1997 को बंद कर दी गई थी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आशा व्यक्त की, "यह मेरा विश्वास है कि एक मौका दिया गया है, भारत के लोग काले धन से मुक्त हो जाएंगे।"

वॉलंटरी डिस्क्लोजर ऑफ इनकम स्कीम भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यधिक सफलतापूर्वक स्कीम है, जिसके तहत हर व्यक्ति जो काले धन से अपनी आमदनी करता है, कहे तो जिस व्यक्ति ने अपने काले धन को छुपाने के लिए जी जान से कोशिश कर रहे हैं। इस योजना के तहत सरकार उन लोगों का खुलासा करती है। योजना हर एक व्यक्ति का नाम तथा उसकी जानकारी लिखती है जो अपनी आय को सरकार के

सामने खुलासा करता है और इस योजना में भारत सरकार को पिछले वर्ष काफी सारे काले धन की राशि एकत्रित हुई है।

इस योजना के तहत जो पहला स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना जो था वह सरकार के द्वारा बहुत ही ज्यादा या कहीं तो अकल्पनीय तौर पर सफल पूर्वक रहा। इसके तहत जप्त की गई राशि का मूल्य कुल मिलाकर 260 अरब तक था और यह राशि सिर्फ जप्त की गई राशि थी। इस योजना के तहत मंत्रालय ने यह आश्वासन दिया की किसी भी चोरी करने वाले व्यक्ति तथा कंपनी पर कोई वित्तीय अपराध कानून लागू नहीं होगा।

सरकार ने बीते कुछ वर्षों में इस योजना की सफलता को देखते हुए यह निर्णय लिया कि भविष्य में इसके ऊपर और अधिकतर काम किया जाएगा जिससे देश में छुपे कालेधन को बाहर निकाला जा सके।

VDIS ने स्व-मूल्यांकन और आय के प्रकटीकरण के बदले में विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973, आयकर अधिनियम, 1961, संपत्ति कर अधिनियम, 1957, और कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत अभियोजन से आयकर चूककर्ताओं को अनिश्चितकालीन छूट प्रदान की। संपत्तियां।

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में इस योजना की निंदा करते हुए इसे देश के वास्तविक करदाताओं के साथ अपमानजनक और धोखाधड़ी बताया।

स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना के मुख्य बिंदु (Key Highlights Voluntary Disclosure of Income Scheme in Hindi) :

योजना का नाम :स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना
योजना कब शुरू की गयी :1997
योजना किसके द्वारा शुरू की गयीकेंद्र सरकार
योजना का उद्देश्य :काले धन को रोकने के लिए
योजना की अधिकारिक पोर्टल :यहां क्लिक करें

नवनीतम आय घोषणा योजना (Income Declaration Scheme in Hindi) :

  • नवीनतम आय घोषणा योजना भारत सरकार द्वारा 2016 में शुरू की गई थी और इस योजना के तहत सरकार द्वारा काले धन का पता लगाना और उसे देश के वित्तीय तथा आर्थिक लाभों के लिए उपयोग में लेना जिससे हमारे देश का विकास हो सके।
  • इस योजना ने संपत्ति कर चूककर्ताओं और आयकर चूककर्ताओं को अपनी आय का खुलासा करने और आयकर अधिनियम के प्रावधानों की छत्रछाया में आने का अवसर प्रदान किया।
  • योजना के तहत किसी भी मुकदमेबाजी से बचने के लिए संपत्ति की घोषणा और 45% के दंड के साथ करों का भुगतान शामिल था।
  • इस योजना के तहत भारत सरकार ने व्यक्तियों को या लोगों को यह वादा किया है कि आईटी अधिनियम, धन कर अधिनियम 1956 के तहत किसी भी जांच और अभियोजन से प्रतिरक्षा के अधीन नहीं होंगे।
  • भारत सरकार द्वारा नवीनतम आय योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाओं को साथ में जोड़ा गया है। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री ग्रामीण लोगों के कल्याण के लिए इस धन का प्रयोग किया जाएगा।
  • इस योजना के तहत की गई प्रत्येक घोषणा गोपनीय होती है और इस पर 50% जुर्माना भी लगता है और इससे जो सरकार को आय प्राप्त होती है उसका 25% हिस्सा सरकार निवेश करती है।
  • PMGKY के तहत फंड का खुलासा नहीं करने पर 77.25% का जुर्माना लगता है। यदि आय को आयकर रिटर्न में नहीं दिखाया जाता है तो उस पर अतिरिक्त 10% जुर्माना लगेगा।

स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना की विशेषताएं (Features Of Voluntary Disclosure of Income Scheme in Hindi) :

  • घोषणा करता को स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना के तहत आयकर आयुक्त के समक्ष एक घोषणा पत्र दाखिल करना होगा। उसके संबंध में भुगतान किए गए आयकर की राशि का विवरण देते हुए, उसे एक प्रमाण पत्र प्रदान करेगा।
  • स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना के तहत कॉर्पोरेट तथा गैर कॉर्पोरेट हर प्रकार के व्यक्ति शामिल होते हैं प्रकट आय पर देय कर व्यक्तियों के लिए 30% और अन्य सभी घोषणाकर्ताओं, अर्थात, कॉर्पोरेट्स और फर्मों के लिए 35% था। घोषणा करने से पहले स्वेच्छा से प्रकट आय या धन पर टैक्स का भुगतान करना होगा।
  • स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना के तहत जिन लोगों ने स्वैच्छिक आय प्रकटीकरण योजना को चुना है वालों को विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973, आयकर अधिनियम, 1961, संपत्ति कर अधिनियम, 1957 और कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत अभियोजन से छूट दी जाएगी।

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आय गणना और प्रकटीकरण के लिए मानक (Income Computation and Disclosure Standards in Hindi) :

  • आय गणना और प्रकटीकरण मानक (ICDS) भारत सरकार द्वारा आयकर अधिनियम 1961 की धारा 145(2) के तहत जारी किए गए थे। ICDS के कुल 12 ड्राफ्ट वित्त मंत्रालय द्वारा प्रकाशित किए गए थे, जिनमें से 10 को सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था। 31 मार्च 2015। आईसीडीएस मूल रूप से सीबीडीटी द्वारा गठित लेखा मानक समिति द्वारा तैयार किया गया था। समिति ने मूल रूप से 14 मानकों का मसौदा तैयार किया था, जिनमें से 10 अंतिम मानकों को अधिसूचित किया गया था। अधिसूचित आईसीडीएस वित्तीय वर्ष 2016-17 से लागू थे।