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जानें भारतीय वायु सेना दिवस का इतिहास और रोचक तथ्य! Why is Indian Air force day celebrated?

Indian Airforce Day : भारत में ना जाने पिछले कई वर्षों में काफी हद तक विकास की प्रक्रिया में अपना योगदान दिया है चाहे वह शिक्षा तकनीकी या फिर कोई अन्य क्षेत्र भी क्यों ना हो भारत हमेशा दूसरे देशों को टक्कर देता रहा है I आज हमारे देश में भारतीय वायु सेना दिवस है जो कि हर साल 8 अक्टूबर को बनाया जाता है भारतीय वायु सेना की स्थापना सन 8 अक्टूबर 1932 में की गई थी और हर साल इसी दिन हम हमारे देश में वायु सेना दिवस बड़े अलग तरीके से बनाते हैं I

वायुसेना दिवस पर शानदार परेड और भव्य एयर शो का आयोजन किया जाता है और यह आयोजन बहुत ही शानदार होता है I जो यह दर्शाता है कि हमारे देश में हर एक दिवस को उल्लास पूर्ण तरीके से बनाया जाता है इस दिन हमारे भारत के वायु सेना अपने शौर्य का प्रदर्शन हिडन बेसकैंप करती है I

देश की आजादी से पहले हमारी भारतीय वायु सेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से भी जाना जाता था लेकिन बाद में इसे भारतीय वायु सेना के नाम से जाना जाता है I 1 अप्रैल 1933 को वायुसेना का पहला दस्ता बनाया गया था जिसमें पहले 6 आएएफ-ट्रेंड ऑफिसर और 19 हवाई सिपाहियों को शामिल किया गया था। और यह हर एक सिपाही के लिए गौरवशाली दिन रहता है I

हमारी भारतीय वायु सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अपनी बहुत अहम भूमिका निभाई थी I आपको यह भी बता दें कि हमारी भारतीय वायु सेना पूरे विश्व में सबसे प्रसिद्ध वायु सेना मानी जाती है जिस से टक्कर लेने की कोई सोच भी नहीं सकता और आज तो हमारी भारतीय वायु सेना के पास ऐसे ऐसे फाइटर जेट है जिसका नाम सुनकर ही दुश्मन के मन में खौफ बैठ जाता है l


तो आइए आज हम इस लेख के माध्यम से आपको वायु

सेना के बारे में कुछ रोचक तथ्य और उसके इतिहास के बारे में कुछ जानकारी प्रदान करें गे और हम आपको ही आश्वासन देते हैं कि इस पूरे लेख में आपको अत्यधिक रुचि आएगी और आपके मन में हमारे देश के प्रति एक गर्व की भावना में बढ़ोतरी होगी I

भारतीय वायुसेना का इतिहास (History Of Indian Airforce)

भारतीय वायु सेना का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है जैसा कि हमने आपको बताया कि इसको पहले रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से भी जाना जाता था बाद में उसका नाम आजादी के बाद परिवर्तित कर कर सिर्फ भारतीय वायुसेना रख दिया गया आपको यह भी पता होगा कि भारतीय वायु सेना ने दूसरे विश्वयुद्ध में अपना योगदान दिया था I

आजादी से पहले भारतीय वायु सेना इंडियन आर्मी या कहे तो भारतीय आर्मी के तहत आती थी I आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना कोई अलग दर्जा दिलाने वाले उनके पहले कमांडर चीफ, एयर मार्शल सर थॉमस डब्ल्यू

एल्महर्स्ट को जाता है।
और वह वायु सेना के कमांडर इन चीफ के पद पर 15 अगस्त 1947 से 22 फरवरी 1950 तक इस पद पर बने रहे थे।

भारतीय वायुसेना का ध्वज (Indian Airforce Flag)

भारतीय वायुसेना का ध्वज नीले रंग का है जिसके शुरुआती एक चौथाई भाग में राष्ट्रीय ध्वज बना है और बीच के हिस्से में भारत का ध्वज के तीन रंगों से मिलकर बना हुआ है I

भारतीय वायुसेना के बारे में कुछ रोचक तथ्य (Amazing Facts About Indian Airforce)

  • युद्ध में ले चुकी है 4 बार हिस्सा : आपको बता दें कि हमारी भारतीय की वायु सेना मैं युद्ध में चार बार हिस्सा ले रखा है जिसमें से तीन बार पाकिस्तान से लोहा लिया और एक बार चीन से लोहा लिया आपको बता दें कि अगर भारतीय वायु सेना का योगदान नहीं रहता तो शायद आज भारत पर किसी और मुल्क का कब्जा होता I
  • भारतीय वायुसेना ने इन ऑपरेशन को दिया अंजाम, ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कैक्टस, ऑपरेशन पूमलाई, बालाकोट एयर स्ट्राइक I
  • उरी और पुलवामा में किए गए आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने में भी वायु सेना ने अपना योगदान निभाया है जैसे कि पाकिस्तान की सरहद में घुसकर वहां पर सर्जिकल स्ट्राइक करना और बलूचिस्तान में रह रहे आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करना I
  • आप बता दें कि इस साल राफेल फाइटर जेट हमारी भारत की धरती पर उतरा था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा उसका स्वागत कुछ इस प्रकार किया गया था नरेंद्र मोदी ने इन्हीं शब्दों के साथ उसका स्वागत किया था. पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा था कि राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्,राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च।